बहाना नहीं चलेगा, काउंटिंग का वीडियो गायब कैसे हुआ: श्रींगेरी विधानसभा चुनाव मामले में सुप्रीम कोर्ट नाराज, चुनाव आयोग को फटकारा
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2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में श्रींगेरी सीट पर रिजल्ट बदलने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को लताड़ लगाई है।
नेशनल डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को तीन साल पहले हुए कर्नाटक विधानसभा चुनाव से जुड़े एक मामले में फटकार लगाई है। यह फटकार श्रींगेरी विधानसभा सीट पर काउंटिंग का वीडियो नहीं मिलने पर लगाई गई है। कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा कि वोट काउंटिंग का वीडियो गायब कैसे हो सकता है। कोर्ट ने साफ कहा कि अब किसी तरह का बहाना नहीं चलेगा और अगली सुनवाई में काउंटिंग के रिकॉर्ड पेश करने ही होंगे।
दरअसल, कांग्रेस नेता टीडी राजेगौड़ा ने 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में श्रींगेरी सीट जीती थी, लेकिन बाद में पोस्टल बैलेट की दोबारा गिनती के बाद रिजल्ट बदल गया और BJP उम्मीदवार जीवराज को विजेता घोषित कर दिया गया। राजेगौड़ा ने इस नतीजे के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है।
'चुनाव कराना आपका काम, फिर रिकॉर्ड कहां गए?'
पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को काउंटिंग के फुटेज उपलब्ध कराने को कहा था। बुधवार (14 अक्टूबर) को चुनाव आयोग के वकील ने कोर्ट को बताया कि वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं मिल रही है। इस पर बेंच ने नाराजगी जताते हुए पूछा कि चुनाव आयोग यह कैसे कह सकता है कि उसके पास चुनाव के रिकॉर्ड ही नहीं हैं?
कोर्ट ने कहा, 'आपका पूरा काम चुनाव कराना है और इसके लिए आपके पास दस्तावेज होने चाहिए। फिर यह कहने का सवाल ही कहां उठता है कि आप रिकॉर्ड खोजने की कोशिश कर रहे हैं?'
बेंच ने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह के बहाने नहीं चलेंगे। कोर्ट ने आयोग को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई में उसके पास मौजूद सभी रिकॉर्ड पेश किए जाएं। साथ ही चेतावनी दी कि रिकॉर्ड नहीं मिलने पर कोर्ट आयोग के खिलाफ उल्टा निष्कर्ष निकाल सकता है।
पहले कांग्रेस नेता जीते, फिर दोबारा गिनती में पलट गया नतीजा
श्रींगेरी सीट पर 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नेता टीडी राजेगौड़ा ने जीत दर्ज की थी। इसके बाद BJP उम्मीदवार जीवराज ने इस नतीजे को कर्नाटक हाईकोर्ट में चुनौती दी।
हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद पोस्टल बैलेट की दोबारा गिनती कराने का आदेश दिया। इसमें पहले खारिज किए गए 279 डाक मतपत्रों की दोबारा जांच भी शामिल थी।
दोबारा गिनती के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने जो रिजल्ट डिक्लेयर किया उसमें BJP उम्मीदवार जीवराज विजेता बने थे।
राजेगौड़ा ने मांगी थी काउंटिंग की वीडियो रिकॉर्डिंग
राजेगौड़ा ने सुप्रीम कोर्ट से इलेक्शन ऑब्जर्वर की रिपोर्ट के साथ 2023 में हुई काउंटिंग और इस साल हुई दोबारा गिनती की वीडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराने की मांग की थी।
इससे पहले मई में सुप्रीम कोर्ट ने राजेगौड़ा को अंतरिम राहत देते हुए निर्देश दिया था कि याचिका पर अंतिम फैसला आने तक वह विधायक बने रहेंगे।
अब कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 15 फरवरी 2027 को तय की है। इस सुनवाई में चुनाव आयोग को अपने पास मौजूद रिकॉर्ड पेश करने होंगे।
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