सोनिया गांधी की अचानक एंट्री से बदल गई INDIA ब्लॉक की पूरी सीटिंग: ममता बनर्जी और सुप्रिया सुले कुर्सी खोजने लगे, कुछ ने कहा- राहुल की सीट पर बैठ जाओ
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तस्वीर बुधवार (30 सितंबर) को हुई INDIA ब्लॉक की प्रेस कॉन्फ्रेंस से ठीक पहले की है। (फोटो सोर्स: ANI)
नेशनल डेस्क। दिल्ली में बुधवार (30 सितंबर) को INDIA ब्लॉक की बैठक के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में अचानक ऐसा हुआ, जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी। कांग्रेस की सीनियर लीडर सोनिया गांधी अचानक प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल में पहुंच गईं। उनके लिए न तो कोई सीट तय थी और न ही नेम प्लेट लगी थी। इसके बाद नेताओं के बीच कुछ देर तक सीट ढूंढने की कवायद चलती रही।
प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले हॉल में सभी नेताओं के लिए सीटें तय थीं। नेम प्लेट भी लगाई गई थीं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए बीच में सीट रखी गई थी। उनके एक तरफ राहुल गांधी और दूसरी तरफ RJD नेता तेजस्वी यादव के लिए जगह थी। लेकिन सोनिया गांधी की एंट्री से पूरा सीटिंग अरेंजमेंट बदल गया।
सोनिया के लिए नहीं थी कोई सीट
मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से लिखा गया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होने से कुछ देर पहले कांग्रेस लीडर्स और TMC नेता डेरेक ओ'ब्रायन सीटिंग अरेंजमेंट देख चुके थे। लेकिन सोनिया गांधी के अचानक पहुंचने से पूरा प्लान बदल गया। ऐसे में TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी और NCP(SP) सांसद सुप्रिया सुले उनके लिए सीट देखने लगीं। वहां मौजूद कुछ लीडर्स ने सोनिया गांधी से राहुल गांधी की सीट पर बैठने का भी आग्रह किया, लेकिन उन्होंने वहां बैठने के बजाय तेजस्वी यादव की कुर्सी चुन ली।
खड़गे ने कहा- मेरे पास सीट लगाओ
इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे हॉल में पहुंचे। उन्होंने अपने पास सोनिया गांधी के लिए सीट लगाने को कहा। इसके बाद सोनिया गांधी खड़गे के बगल में बैठीं। उनके पास ममता बनर्जी बैठीं।
राहुल गांधी के पहुंचने के बाद वे खड़गे के दूसरी ओर बैठ गए। उनके बगल में नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला, फिर CPM महासचिव एमए बेबी, CPI(ML) महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य और उसके बाद तेजस्वी यादव और कपिल सिब्बल बैठे।

चिदंबरम की खाली सीट भी काम आई
पहली कतार में कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम के नाम की प्लेट भी लगाई गई थी। लेकिन वे प्रेस कॉन्फ्रेंस में नहीं पहुंचे। उनकी खाली जगह से भी सीटिंग अरेंजमेंट को संभालने में मदद मिली।
आमतौर पर INDIA ब्लॉक की बैठकों और प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीटें नेताओं की पार्टी की संख्या और उनके राजनीतिक पद के हिसाब से तय की जाती हैं। ज्यादा सांसदों वाली पार्टियों के नेताओं को आगे और छोटे दलों के नेताओं को पीछे जगह दी जाती है। मौजूदा या पूर्व मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी आमतौर पर आगे बैठते हैं।
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई
INDIA ब्लॉक की बैठक में तय हुआ कि विपक्षी दल अब मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़े रहेंगे। विपक्षी दलों ने उनके खिलाफ संसद में महाभियोग प्रस्ताव लाने की बात भी कही। इस बैठक में 5 पॉइंट पर सहमित बनी...
- 2-8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर लोकतंत्र बचाओ मोर्चा निकाले जाएंगे।
- 6 अक्टूबर को सभी विपक्षी दलों के सांसद इलेक्शन कमीशन तक मार्च करेंगे।
- अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में सभी विपक्षी नेता राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए समय मांगेंगे।
- अक्टूबर-नवंबर में विपक्षी नेता 5 मेगा रैली करेंगे।
- सुप्रीम कोर्ट से SIR से जुड़े सभी मामलों का जल्द निपटारा करने की मांग करेंगे।
AAP और DMK ने बैठक से बनाई दूरी
AAP ने पिछले साल हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव के पहले ही यह साफ कर दिया था कि वह INDIA ब्लॉक का हिस्सा नहीं है। इसी तरह इस साल तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद DMK भी INDIA ब्लॉक से दूर हो चुकी है। दोनों पार्टियों ने कांग्रेस के चलते इस गठबंधन से दूरी बनाई है। हालांकि यह दोनों दल CEC के खिलाफ लाए जाने वाले महाभियोग प्रस्ताव को समर्थन देने का ऐलान कर चुके हैं।
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