BJP-EC का एक ही काम, पार्टी तोड़ो-चुनाव चिन्ह छीनो: TMC का नाम-निशान फ्रीज होने पर राहुल गांधी का रिएक्शन; जवाब मिला- अपनी पार्टी के बारे में कुछ नहीं जानते
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चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस का नाम और चुनाव चिन्ह फ्रीज कर दिया है। इसी को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी हो रही है।
नेशनल डेस्क। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिन्ह पर चुनाव आयोग की रोक के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस लीडर और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि BJP और चुनाव आयोग मिलकर पहले पार्टी तोड़ते हैं और फिर चुनाव चिन्ह छीन लेते हैं। राहुल गांधी के इस रिएक्शन पर BJP का भी पलटवार आया है। BJP प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा है कि साबित हो गया कि राहुल गांधी अपनी पार्टी के बारे में कुछ नहीं जानते।
राहुल गांधी बोले- पहले शिवसेना, फिर NCP और अब TMC
राहुल गांधी ने शुक्रवार (18 सितंबर) को सोशल मीडिया पोस्ट में चुनाव आयोग के फैसले पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा- पहले शिवसेना, फिर NCP और अब तृणमूल कांग्रेस। उनके मुताबिक हर बार एक जैसा पैटर्न सामने आया है- BJP और चुनाव आयोग मिलकर किसी पार्टी को बांटते हैं और फिर उसका चुनाव चिन्ह छीन लिया जाता है।
राहुल ने इसे वोट चोरी, सरकार चोरी और अब पार्टी चोरी से जोड़ते हुए कहा कि ये सब लोकतंत्र के कमजोर होने के संकेत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी मतदाताओं के जनादेश की रक्षा करना है, लेकिन उनके मुताबिक आयोग BJP के साथ मिलकर विपक्षी दलों को कमजोर करने में मदद कर रहा है।
राहुल गांधी ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ ममता बनर्जी की नहीं है, बल्कि हर उस राजनीतिक दल और मतदाता की है जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहता है।

सुधांशु त्रिवेदी का पलटवार- राहुल को अपनी पार्टी के बारे में भी नहीं पता
BJP प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राहुल ने TMC, NCP और कांग्रेस के इतिहास को ठीक से नहीं समझा है।
उन्होंने कहा कि राहुल को यह जानना चाहिए कि TMC और NCP दोनों ही कांग्रेस से अलग होकर बनी पार्टियां हैं।
त्रिवेदी ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि उनके बारे में पहले से यह धारणा है कि उन्हें देश के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन इस ट्वीट से ऐसा लगता है कि उन्हें अपनी पार्टी के बारे में भी जानकारी नहीं है।
क्यों फ्रीज हुआ TMC का नाम और चुनाव चिन्ह?
दरअसल, TMC के अंदर दो गुटों के बीच पार्टी पर कंट्रोल को लेकर विवाद चल रहा है। दोनों गुट खुद को असली TMC बता रहे हैं। इसी विवाद के बीच चुनाव आयोग ने 17 सितंबर को अंतरिम आदेश जारी किया। आयोग ने दोनों गुटों को अक्टूबर में पश्चिम बंगाल की दो विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में 'तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘घास औ फूल’ वाले चुनाव चिन्ह का इस्तेमाल करने से रोक दिया।
आयोग ने दोनों गुटों से तीन-तीन वैकल्पिक नाम और तीन-तीन फ्री चुनाव चिन्हों के विकल्प मांगे और फिर इन्हें नया नाम और सिंबल सौंप दिया। ये व्यवस्था फिलहाल अंतरिम है। TMC के नाम और चिन्ह पर असल में हक किसका होगा, इसका फैसला बाद में किया जाएगा।
वैसे नियमों के मुताबिक, दो-तिहाई विधायक जिस गुट में हों, उसे ही पार्टी का ओरिजिनल नाम और सिंबल मिलता है। महाराष्ट्र में शिवसेना और NCP में हुई टूट में भी यही देखा गया था। ऐसे में आगे चलकर संभव है कि ममता बनर्जी अपनी ही बनाई पार्टी का नाम और पहचान खो दे।
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