दिल्ली में राहुल के नेतृत्व में विपक्ष की रैली कल: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जुटेंगे नेता; केंद्र ने 27 हजार सुरक्षाबलों की तैनाती की
Published:
3 min read

दिल्ली में पिछले दो महीने में तीसरी बार इतनी बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। (फाइल फोटो)
नेशनल डेस्क. दिल्ली में 1 नवंबर को राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष ने कथित वोट चोरी और SIR में गड़बड़ी के खिलाफ रैली बुलाई है। इस रैली को देखते हुए दिल्ली में केंद्र सरकार ने 27000 सुरक्षाबलों की तैनाती की है। यह पिछले दो महीनों में तीसरी बार जब दिल्ली में इतनी बड़ी संख्या में जवानों की तैनाती की गई है। इससे पहले CJP और INDIA ब्लॉक के मार्च के समय तैनाती की गई थी।
टेलिग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 15000 जवानों को पश्चिम बंगाल और अन्य संवेदनशील जगहों से दिल्ली भेजा गया है। वहीं, 12000 दिल्ली में जून-जुलाई में NEET पेपर लीक को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के समय से ही तैनात हैं। इन सभी की तैनाती करीब 16 नवंबर तक दिल्ली में ही रहेगी।
सुरक्षा एजेंसियों को क्या है आशंका
उधर, विपक्ष के नेता राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के अन्य नेताओं ने केंद्रीय गृह मंत्रालय पर लोगों को दिल्ली आने से रोकने का आरोप लगाया है। सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों ने जंतर-मंतर, चुनाव आयोग दफ्तर, संसद भवन और इंडिया गेट समेत कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन तेज होने की संभावना जताई है। रामलीला मैदान में होने वाली इस रैली में INDIA गठबंधन के अलावा, भीम आर्मी, किसान संगठन, स्टूडेंट्स संगठन और अन्य राजनीतिक पार्टियों के शामिल होने की संभावना है।
जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन पर प्रतिबंध
इसी महीने की शुरुआत में केंद्र सरकार ने जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन बैन कर दिए थे। सरकार ने इसकी जगह तीन नई जगहों को प्रदर्शन के लिए प्रस्तावित किया है। इनमें रामलीला मैदान ही लुटियंस दिल्ली के सबसे करीब है। राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहा कि मार्च और रैली प्लान के तहत ही होगी।
उन्होंने कहा- हमारे पार्टी के कार्यकर्ताओं और आम लोगों को रोका जा रहा है। आप देखेंगे कि रामलीला मैदान में क्या हो रहा है, इससे आप समझ जाएंगे कि देश में क्या चल रहा है। करोड़ों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाने की वजह से लोगों के मन में गुस्सा और पीड़ा है।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि दिल्ली जाने वाली लंबी दूरी की ट्रेनें रद्द की जा रही हैं। जैसे- तेलंगाना से आने वाली ट्रेनें और रैली में लोगों को शामिल होने से रोकने के लिए कई राज्यों में यहां आने के लिए प्रतिबंध लगाए गए हैं।
BJP ने आरोपों को गलत बताया
उधर, बीजेपी ने इन आरोपों को गलत बताया और आरोपों से जुड़े सबूतों की मांग की। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा- किसे रोका जा रहा है। किसे कहां और किसने रोका। सबूत दिखाइए। उन्होंने राहुल गांधी से कहा कि झूठ बोलना और अफवाह फैलाना बंद कीजिए।
दिल्ली पुलिस ने 1 नवंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक की रैली के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट दिया है। हालांकि, शर्त रखी गई है कि रैली के दौरान CCTV से मॉनिटरिंग होगी और रात में किसी को भी रामलीला मैदान में नहीं रुकने दिया जाएगा।

