किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी: PM बोले- बनासकांठा वालों से कोई नहीं कहता, आलू से सोना बनाता हूं; सभा में खाट पर बैठे लोग
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PM मोदी ने पारंपरिक पगड़ी पहनी और स्थानीय महिलाओं की बनाई जैकेट को पहना।
नेशनल डेस्क. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा में शुक्रवार को किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी की। PM-किसान सम्मान निधि के जरिए अब तक 1.06 लाख करोड़ रुपए से अधिक की आर्थिक सहायता किसानों तक पहुंचाई जा चुकी है। इस कार्यक्रम में लोग कुर्सियों की जगह, खाट पर बैठे नजर।
PM ने कार्यक्रम में कहा- हमारे गांव की परंपरा को बनासकांठा ने जीवित कर दिया है। अगर पहले से आपने गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड वालों से बोला होता, तो वह इसे (कार्यक्रम) रिकॉर्ड के रुप में दर्ज कर देते।
उन्होंने कहा- आज देश के सभी जिलों के किसान हमारे साथ जुड़े हैं, आज से 25 साल पहले जब मैं जब सीएम बना था तब भी मेरी पहली बड़ी रैली बनासकांठा में हुई थी और आज 25 साल बाद भी मेरी बड़ी जनसभा यहीं हो रही है।

राहुल गांधी पर तंज
PM मोदी ने राहुल गांधी का बिना नाम लिए कहा- बनासकांठा का आलू पूरी दुनिया में फेमस है। आज कोई बनासकांठा वालों को नहीं कहेगा कि मैं आलू से सोना बनाता हूं, वो पहले से ही बनाते हैं।
PM मोदी का कार्यक्रम
- PM ने अहमदाबाद (साबरमती)-वाराणसी एक्सप्रेस और मेहसाणा-बेचराजी-साबरमती मेमू ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।
- PM ने भीलडी स्थित 'भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर' (BBBRC) में महिलाओं से बातचीत की।
- PM नरेंद्र मोदी ने रोड शो किया।
- महिलाओं और कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने 'मोदी कहीं नहीं जाएगा' के नारे लगाए।
किसानों को सस्ती खाद मिल रही- PM
PM ने कहा- वैश्विक युद्ध और अनिश्चितताओं के बीच उर्वरकों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बावजूद सरकार ने इसका बोझ किसानों पर नहीं पड़ने दिया, अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 3,000 रुपए की यूरिया की बोरी भारतीय किसानों को 300 रुपए से भी कम में उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि DAP की बोरी की कीमत वैश्विक बाजार में 5,000 रुपए से अधिक होने के बावजूद भारतीय किसानों को 1,350 रुपए में मिल रही है।
'खेती हमारे देश की परंपरा'
PM मोदी ने कहा- खेती हमारे देश की परंपरा भी है, खेती हमारी संस्कृति भी है। पिछले 12 वर्षों में हमारी सरकार ने खेती में विज्ञान और तकनीक का भी व्यापक समावेश किया है। हमने खेती, पशुपालन को वैज्ञानिकता से जोड़ा है।
उन्होंने कहा- आज यहां 2 बायो CNG प्लांट का शिलान्यास भी हुआ है। हमारा लक्ष्य साफ है कि पशु स्वस्थ हों, दूध उत्पादन बढ़े और गोबर का भी पूरा उपयोग हो। हम पशुपालन को केवल परंपरा नहीं बल्कि किसान की आमदनी बढ़ाने और गांव को समृद्ध बनाने का मजबूत साधन बना रहे हैं।

