US ने TRF को आतंकी संगठन घोषित किया: इसी ने पहलगाम में 26 टूरिस्ट्स की जान ली थी; पाकिस्तान को फिर ग्रे लिस्ट में डाल सकता है FATF
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तस्वीर प्रधानमंत्री मोदी के पिछले साल अमेरिकी दौरे की है। तब डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ कहा था कि भारत को क्रॉस बॉर्डर टेरेरिज्म का सामना करना पड़ रहा है। (फाइल)
अमेरिका ने पाकिस्तान के आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) को टेरेरिस्ट आउटफिट यानी आतंकी संगठन घोषित किया है। TRF आतंकी सरगना हाफिज सईद के लश्कर-ए-तैयबा का ही एक हिस्सा या विंग है। ये नाम बदलकर काम करता है। TRF पिछले दिनों जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली थी। इस हमले में 26 पर्यटकों की मौत हुई थी। अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने TRF पर बैन का ऐलान गुरुवार देर रात किया।
अमेरिका के इस एक्शन का सबसे बड़ा असर तो पाकिस्तान की खस्ताहाल इकोनॉमी पर पड़ेगा। दरअसल, सितंबर में टेरर फंडिंग पर नजर रखने वाले सबसे बड़े इंटरनेशनल वॉच डॉग फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की मीटिंग होने वाली है। जिनेवा में इसके मेंबर कंट्रीज के डेलिगेशन एक्टिव टेरेरिस्ट ऑर्गनाइजेशन्स को मिलने वाली फंडिंग की जांच करेंगे। इनके पास तमाम इंटेलिजेंस एजेंसीज की रिपोर्ट्स होंगी। इसके अलावा संदिग्ध लेनदेन की जानकारी भी होगी।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने पिछले दिनों साफ कहा था कि वो FATF की अगली मीटिंग में पाकिस्तान के खिलाफ ठोस सबूत पेश करेगा। हमारी फॉरेन मिनिस्ट्री ने कहा था- पाकिस्तान को डोजियर देने से बेहतर है कि हम FATF के सामने तमाम सबूत रखें। हम मांग करेंगे कि पाकिस्तान को फिर FATF की ग्रे लिस्ट में रखा जाए। अगर वो फिर भी आतंकी पनाहगाहों को खत्म नहीं करता तो फिर उसे ब्लैक लिस्ट किया जाए।
इसका असर क्या होगा
TRF और उससे जुड़े तमाम आतंकी फॉर्मल इंटरनेशनल विजिट नहीं कर सकेंगे।
TRF को मिलने वाली फॉरेन फंडिंग पर नजर रखी जाएगी। तमाम अकाउंट्स सीज कर दिए जाएंगे।
TRF की मदद करने वाले दूसरे ऑर्गनाइजेशन्स या लोगों की निगरानी की जाएगी। इनके खिलाफ एक्शन भी लिया जा सकेगा।
"विदेश मंत्रालय TRF को विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) और नामित वैश्विक आतंकवादी (SDGT) घोषित करता है। टीआरएफ के खिलाफ यह कार्रवाई हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा, आतंकवाद का मुकाबला करने और पहलगाम हमले में न्याय के राष्ट्रपति ट्रम्प के रुख पर काम करने की प्रशासन की प्रतिबद्धता को दिखाती है।"
'मुंबई हमलों के बाद सबसे घातक अटैक'
उन्होंने कहा, ‘यह (पहलगाम हमला) 2008 में लश्कर-ए-तैयबा द्वारा किए गए मुंबई हमलों के बाद भारत में नागरिकों पर सबसे घातक हमला था। टीआरएफ ने भारतीय सुरक्षा बलों के खिलाफ कई हमलों की जिम्मेदारी भी ली है, जिनमें 2024 में किया गया हमला भी शामिल है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार, हमले की कड़ी निंदा करने वाले ट्रम्प ने टीआरएफ हमले के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन किया था और इस जघन्य हमले के दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए भारत के प्रति पूर्ण समर्थन व्यक्त किया था।
भारत ने अमेरिका के कदम का किया स्वागत
भारत ने अमेरिका के इस कदम का स्वागत किया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्रालय के इस कदम को भारत-अमेरिका आतंकवाद-रोधी सहयोग की मजबूत पुष्टि बताया। उन्होंने मार्को रुबियो और अमेरिकी विदेश मंत्रालय की तारीफ करते हुए इसे आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति बताया।
2023 में TRF को भारत में घोषित किया गया था आतंकी संगठन
TRF का गठन 2019 में जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद हुआ. ये आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का ही प्रॉक्सी है। इसे ISI के इशारे पर गठित किया गया।TRF जम्मू कश्मीर में एक्टिव आतंकी संगठन है। इसने घाटी में कई आतंकी हमलों को अंजाम दिया है। भारत सरकार ने 5 जनवरी, 2023 को टीआरएफ को आतंकी संगठन घोषित किया था। TRS की मॉडस ऑपरेंडी अन्य आतंकी संगठनों से अलग है। यह ऐसे लोगों को भर्ती करता है, जो दिखने में आम नागरिक की तरह होते हैं। ये जरूरत पड़ने पर आतंकी गतिविधियों में शामिल होते हैं। इसके बाद आम नागरिकों की तरह जिंदगी जीने लगते हैं। इन्हें हाइब्रिड आतंकवादी कहा जाता है।

