ओडिशा में खुद को आग लगाने वाली छात्रा की मौत: प्रोफेसर पर सेक्शुअल हैरेसमेंट के आरोप लगाए थे, राहुल गांधी बोले- मौत के लिए BJP जिम्मेदार
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छात्रा ने प्रिसिंपल ऑफिस के सामने खुद पर पेट्रोल छिड़क कर आग के हवाले कर दिया था।
ओडिशा के बालासोर में खुद को आग लगाने वाली छात्रा की भुवनेश्वर एम्स में मौत हो गई। छात्रा ने सुसाइड से पहले कॉलेज प्रोफेसर पर सेक्शुअल हैरेसमेंट के आरोप लगाए थे। उसने कॉलेज मैनेजमेंट और पुलिस से शिकायत भी की थी। 10 दिन तक कार्रवाई न होने पर छात्रा ने कॉलेज के अंदर ही खुद को आग लगा ली। छात्रा की भुवनेश्वर एम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी प्रोफेसर और प्रिंसिपल को गिरफ्तार किया है।
राष्ट्रपति ने छात्रा से मुलाकात की थी
सोमवार देर रात राष्ट्रपति द्रोपदी मूर्मू ने भुवनेश्वर एम्स का अचानक दौरा किया था। उन्होंने अस्पताल में छात्रा का हाल जाना था। 20 साल की छात्रा बालासोर के फकीर मोहन ऑटोनॉमस कॉलेज में B.Ed की पढ़ाई करती थी। 1 जुलाई को कॉलेज की इंटरनल कमेटी में छात्रा ने HoD प्रोफेसर समीर कुमार साहू के खिलाफ सेक्सुअल हैरेसमेंट करने और करियर बर्बाद करने की धमकी देने के आरोप लगाए थे। शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने से वह परेशान थी। उसने प्रिसिंपल ऑफिस के सामने खुद पर पेट्रोल छिड़क कर आग के हवाले कर दिया था। आग से उसका शरीर 95 प्रतिशत तक जल गया था।
"कुछ महीने से B.Ed विभाग के HoD असिस्टेंट प्रोफेसर समीर कुमार साहू उसे मेंटली हैरेस कर रहे हैं। वह मुझे हमेशा एग्जाम में फेल करने और मेरे पर्सनल मैटर को परिवार को बताने की धमकी देते हैं। इतना ही नहीं HoD मुझसे संबंध बनाने के लिए फोर्स भी करते हैं। मैंने कई उनसे इसके लिए मना किया। अब मैं अपना मानसिक संतुलन खो चुकी हूं और मरने जा रही हूं। अगर भविष्य में कॉलेज ऑथोरिटी कोई एक्शन नहीं लेती तो, मैं सुसाइड कर लूंगी और इसके लिए HoD और कॉलेज ऑथोरिटी जिम्मेदार होगी।"
रात 11.46 बजे हुई छात्रा की मौत
छात्रा की मौत के बाद डिप्टी सीएम पार्वती परिदा भुवनेश्वर एम्स पहुंचीं। उन्होंने कहा कि पीड़िता की मौत रात 11.46 बजे हुई। उन्होंने परिवार से मुलाकात की है। डॉक्टर्स ने बचाने की बहुत कोशिश की। डिप्टी सीएम ने कहा कि जो भी लोग इसमें शामिल हैं उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार पूरे परिवार के साथ खड़ी है- सीएम
ओडिशा सीएम मोहन चरण मांझी ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा- मैं दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं। मैं छात्रा के परिजनों को आश्वत करता हूं कि जो भी दोषी होंगे उन्हें कानून के अनुसार सख्त सजा दी जाएगी। मैंने खुद अधिकारियों को आदेश दिए हैं। सरकार पूरे परिवार के साथ खड़ी है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ये आत्महत्या नहीं, हत्या है।
"ओडिशा में इंसाफ के लिए लड़ती एक बेटी की मौत, सीधे-सीधे BJP के सिस्टम द्वारा की गई हत्या है। उस बहादुर छात्रा ने यौन शोषण के खिलाफ आवाज उठाई - लेकिन न्याय देने के बजाय, उसे धमकाया गया, प्रताड़ित किया गया, बार-बार अपमानित किया गया। हर बार की तरह BJP का सिस्टम आरोपियों को बचाता रहा - और एक मासूम बेटी को खुद को आग लगाने पर मजबूर कर दिया। ये आत्महत्या नहीं, सिस्टम द्वारा संगठित हत्या है।"
बीजेपी बोली- ये कांग्रेस की ओछी राजनीति
"राहुल गांधी और कांग्रेस का ओडिशा की बेटी के साथ हुए दुखद घटना पर ओछी राजनीति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। एक गंभीर और संवेदनशील मामले को राजनीतिक हथियार बनाना, राहुल गांधी की सस्ती मानसिकता को दर्शाता है। ओडिशा की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है, लेकिन कांग्रेस ने इसे भी अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने का मौका बना लिया है। इस घटना पर ओडिशा सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। मगर, यह समय सस्ती राजनीति का नहीं, बल्कि पीड़िता के परिवार को न्याय दिलाने का है। राहुल गांधी को अपने इस गैर-जिम्मेदाराना बयान के लिए पीड़ित परिवार से तुरंत माफी मांगनी चाहिए।"

