अर्चना तिवारी केस की मिस्ट्री सॉल्व: 3 किरदार, शादी का दबाव, 12 दिन में MP से नेपाल तक यात्रा... पुलिस बोली- लव अफेयर का मामला नहीं
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अर्चना तिवारी और उसका दोस्त सारांश, जिसके साथ मिलकर उसने खुद लापता होने की साजिश रची थी।
मध्यप्रदेश के इंदौर से सिविल जज की तैयारी करने वाली स्टूडेंट अर्चना तिवारी को पुलिस ने 12 दिन बाद खोज लिया। अर्चना 7 अगस्त को ट्रेन से लापता हुई थी। उसके किडनैप होने की भी आशंका जताई जा रही थी। पुलिस ने बताया कि अर्चना किडनैप नहीं हुई थी, न ही यह मामला लव अफेयर का है।
पुलिस के मुताबिक, अर्चना के परिजन उस पर शादी का दबाव डाल रहे थे, इसलिए उसने भागने का प्लान बनाया। वह मर्जी से इटारसी स्टेशन से पहले आउटर में ऐसी जगह पर ट्रेन से उतरी थी, जहां कैमरे नहीं थे। उसने अपना सारा सामान ट्रेन में ही छोड़ दिया था, ताकि ऐसा लगे कि उसकी ट्रेन से गिरकर मौत हो गई। इसके बाद वह यहां से इंदौर, हैदराबाद, दिल्ली होते हुए नेपाल पहुंची। अर्चना को पुलिस UP के लखीमपुर-खीरी से भोपाल लेकर आई।
पुलिस की जांच में तीन किरदार सामने आए
1- अर्चना तिवारी- अर्चना ने ही अपने लापता होने की प्लानिंग रची। अर्चना वकालत कर रही थी, ऐसे में उसे अच्छे से पता था कि वह ट्रेन से लापता होगी तो मामले में ज्यादा छानबीन नहीं होगी और वह बाद में अपनी नई जिंदगी शुरू कर सकेगी।
2- सारांश- अर्चना का दोस्त, इंदौर में मिला था। वह सारांश के साथ ही इंदौर, वहां से हैदराबाद फिर दिल्ली और नेपाल गई। बाद में सारांश नेपाल से वापस लौट आया।
3- तेजिंदर- पंजाब का रहने वाला कैब ड्राइवर है। वह अर्चना को पहले से जानता था। उसने ट्रेन में तेजिंदर को नए कपड़े दिए। उसी ने इटारसी में अर्चना को उस जगह पर उतरने के लिए कहा था, जहां कैमरे नहीं थे। तेजिंदर ने ही ट्रेन से उतरने के बाद अर्चना को सारांश के पास छोड़ा था।
7 अगस्त को ट्रेन से लापता हुई थी अर्चना
दरअसल, 29 साल की अर्चना तिवारी लॉ से ग्रेजुएशन करने के बाद इंदौर में सिविल जज की तैयारी कर रही थी। 7 अगस्त को अर्चना इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन से घर आ रही थी। लेकिन अचानक रानी कमलापति से उसका संपर्क होना बंद हो गया। इसकी सूचना परिजनों ने पुलिस को दी। पुलिस ने FIR दर्ज कर हर एंगल से जांच औऱ तलाश शुरू की। 12 दिन की लंबी जांच और खोजबीन के बाद अर्चना लखीमपुर खीरी में मिली।
परिजनों ने शादी तय की तो घर से भागने का बनाया प्लान
भोपाल SP रेल राहुल कुमार लोढ़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अर्चना के घरवाले उसकी शादी कराना चाहते थे। घरवालों ने अर्चना को कई सारे रिश्ते बताए, लेकिन वह हर बार मना करती रही। हाल ही में परिजनों ने अर्चना की शादी तय कर दी थी। इसके बाद घर में विवाद हुआ और अर्चना ने घर से भागने का प्लान बनाया।
दोस्त के साथ मिलकर बनाई प्लानिंग
पुलिस के मुताबिक, एक केस के सिलसिले में अर्चना पिछले दिनों हरदा गई थी। यहां उसने सारांश और कैब ड्राइवर तेजिंदर के साथ मिलकर ये पूरा प्लान बनाया। सारांश से अर्चना की दोस्ती इंदौर में ही हुई थी।
ट्रेन में कपड़े चेंज किए, सामान छोड़कर भागी
अर्चना ने प्लान के तहत ट्रेन से उतरने से पहले कपड़े चेंज किए। उसने अपना सामान अपनी सीट पर ही छोड़ दिया। ताकि सबको लगे कि वह ट्रेन से गिर गई। इतना ही नहीं अर्चना इटारसी में ऐसी जगह उतरी जहां कैमरे नहीं थे, ताकि उसे ट्रेस न किया जा सके।
अर्चना इटारसी में ट्रेन से उतरकर सारांश के साथ कार से शुजालपुर पहुंच गई, शुजालपुर में दो दिन रुकने के बाद वह सारांश के साथ इंदौर निकल गई। इंदौर में कहीं परिजन न आ जाएं, इसके डर से वह हैदराबाद चली गई। हैदराबाद में 2-3 दिन रूकने के बाद दिल्ली पहुंची और वहां से सड़क के रास्ते काठमांडू गई। सारांश काठमांडू से वापस आ गया।
सारांश ने खोले सारे राज
CCTV कैमरे और फोन लोकेशन की मदद से GRP पुलिस सारांश तक पहुंची तो उसने पूरी कहानी बयां कर दी। इसके बाद पुलिस अर्चना तक पहुंची। अर्चना ने पुलिस को बताया है कि सारांश के साथ उसका कोई लव अफेयर नहीं था, वह सिर्फ दोस्त है। अर्चना के मुताबिक- सारांश और तेजेंदर ने दोस्त होने के नाते मेरी मदद की थी। किसी भी व्यक्ति द्वारा मेरे साथ कोई गलत हरकत नही की गई है। सारांश के माध्यम से पुलिस ने मुझसे संपर्क किया और बताया कि आपके परिवार वाले बहुत परेशान है। पुलिस के समझाने पर काठमांडू से प्लेन से घनगुढ़ी आई। धनगुढ़ी से नेपाल बॉर्डर होते हुए लखीमपुर-खीरी पहुंची, जहां पर मध्यप्रदेश GPR पुलिस की टीम मिली और भोपाल लाया गया।
भोपाल से मोहम्मद ताहिर की रिपोर्ट

