संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से: मोदी सरकार 8 नए विधेयक लाने की तैयारी में, मणिपुर में राष्ट्रपति शासन बढ़ाने का प्रस्ताव; जानें विपक्ष की घेरने की तैयारी क्या
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संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू
संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू हो रहा है। मोदी सरकार इस सत्र में आठ नए विधेयक लाने की तैयारी में है। इसके साथ ही मणिपुर में राष्ट्रपति शासन को बढ़ाने का प्रस्ताव भी लाया जाएगा। केंद्र का फोकस इनकम टैक्स बिल को भी पास कराने पर होगा, जो अभी सेलेक्ट कमेटी के पास जांच के लिए लंबित है। उधर, विपक्ष सत्र में बिहार वोटर लिस्ट संशोधन, पहलगाम हमला और ऑपरेशन सिंदूर पर सरकार को घेरने का मन बना चुका है।
मोदी सरकार की मणिपुर से राष्ट्रपति शासन हटाने की कोई योजना नहीं है। ऐसे में इसे बढ़ाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाया जाएगा। संविधान के मुताबिक, राष्ट्रपति शासन की घोषणा के लिए हर छह महीने में संसद की मंजूरी लेनी होती है। इसकी अवधि 13 अगस्त को खत्म हो रही है। इसके अलावा, 2025-26 के लिए डिमांड फॉर ग्रांट्स (मणिपुर) से संबंधित विनियोग विधेयक संसद में लाया जाएगा।
इनकम टैक्स बिल 2025 पर फोकस
सरकार को उम्मीद है कि इनकम टैक्स बिल 2025 पर सेलेक्ट कमेटी मानसून सत्र में अपनी रिपोर्ट सब्मिट कर देगी। ऐसे में सरकार की योजना इनकम टैक्स बिल को पास कराने की है। इस बिल को 13 फरवरी को लोकसभा में पेश किया गया था। इसके बाद इसे जांच के लिए सेलेक्ट कमेटी के पास भेज दिया गया था।
सरकार ला सकती है ये नए बिल
सरकार की संभावित सूची में सिविल न्यूक्लियर लायबिलिटी से संबंधित विधेयक को शामिल नहीं किया गया है। हालांकि, माना जा रहा है कि मानसून सत्र में मोदी सरकार इस पर विधेयक ला सकती है। नए विधेयकों में मणिपुर जीएसटी (संशोधन) बिल 2025, जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) बिल 2025, भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) बिल 2025, टैक्सेशन लॉ (संशोधन) बिल 2025 और माइन्स एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) संशोधन बिल 2025 शामिल हैं।
इसके अलावा नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल 2025 और नेशनल एंटी डोपिंग (संशोधन) बिल 2025 को भी सत्र में पास कराने का प्रस्ताव है। सरकार का फोकस इस सत्र में कुल 16 बिल पास कराने पर है। इनमें से तीन-तीन बिल राज्यसभा और लोकसभा में पेंडिंग हैं। इनमें से तीन बिल लोकसभा में पास हो चुके हैं, जबकि राज्यसभा में अटके हैं। वहीं, तीन बिल ऐसे हैं जो राज्यसभा में पास हैं और लोकसभा में अटके हैं।
पहलगाम हमला और जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने पर पर भी इस सत्र में चर्चा हो सकती है।
विपक्ष ने बनाया सरकार को घेरने का प्लान
3 जून को 16 विपक्षी पार्टियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पहलगाम हमले, उसके बाद भारत की जवाबी कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर और भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की भूमिका पर चर्चा की मांग की थी। इस पर सरकार ने जवाब में कहा था कि जो मुद्दे विपक्ष ने उठाए हैं, उन पर मानसून सत्र में चर्चा की जा सकती है। ऐसे में इस मानसून सत्र के भी हंगामेदार होने की आशंका है।
उधर, बिहार में चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे वोटर लिस्ट संशोधन के मामले में भी घमासान मचा है। विपक्ष को सुप्रीम कोर्ट से भी इस मामले में कोई खास राहत नहीं मिली है। ऐसे में विपक्ष संसद के मानसून सत्र में बिहार वोटर लिस्ट संशोधन का मामला उठाने की योजना बना रहा है।

