अपनी ही सरकार के खिलाफ आए महाराष्ट्र के मंत्री: कहा- मराठी पहले हूं..मिनिस्टर बाद में; MNS के प्रदर्शन में शामिल हुए
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मंत्री प्रताप सरनाईक शिवसेना शिंदे गुट से आते हैं।
महाराष्ट्र के ठाणे में मंगलवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। उन्होंने रैली के लिए इजाजत मांगी थी, लेकिन सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए मना कर दिया। इस पर MNS के कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने मीरा रोड पर खूब प्रदर्शन किया।
मामला तब आगे बढ़ गया, जब महाराष्ट्र सरकार में परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक खुद भी प्रदर्शन में शामिल हो गए। उन्होंने कहा कि पुलिस के अंदर हिम्मत है, तो उन्हें रोककर दिखाएं। वे इस बात से नाराज हैं कि MNS को मराठी मोर्चा के लिए रैली की इजाजत क्यों नहीं मिली।
इजाजत के बावजूद प्रदर्शन
दरअसल, मीरा-भायंदर इलाके में मराठी एकीकरण समिति समिति ने मंगलवार को 'मराठी मोर्चा' निकालने की अनुमति मांगी थी, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा और ट्रैफिक के चलते इसकी इजाजत नहीं दी। इसके बावजूद MNS ने प्रदर्शन किया। इसी बीच प्रताप सरनाईक भी वहां पहुंच गए। उनके पहुंचते ही व्यवस्था तितर-बितर होने लगी। उन्हें देखकर MNS कार्यकर्ताओं ने भी विरोध दर्ज कराया।
‘मराठी पहले..मंत्री बाद में’
प्रताप सरनाईक इस बात से नाराज थे कि प्रशासन ने मराठी मोर्चा के लिए इजाजत क्यों नहीं दी। उन्होंने मीडिया से कहा कि मैं मराठी पहले हूं और मंत्री बाद में। उन्होंने इशारों-इशारों में बीजेपी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पुलिस सिर्फ एक पार्टी के कहे अनुसार चल रही है। उन्होंने पुलिस को चेतावनी भी दी कि वे प्रदर्शन में शामिल होंगे, अगर दम है तो रोक के दिखाएं। उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे पर CM फडणवीस से बात करेंगे।
CM फडणवीस बोले- प्रशासन ने ऑप्शन दिया था
महाराष्ट्र CM देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र लोकतांत्रिक राज्य है। यहां किसी भी मोर्चे के लिए पुलिस से परमिशन लेनी जरूरी है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने भीड़ और ट्रैफिक को देखते हुए वैकल्पिक रास्ता सुझाया था, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। खैर, इलाके में 144 लागू है। पुलिस ने MNS के कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है।

