12 हजार सैलरी और लग्जरी कारें: केरल ड्रग्स केस में 3 महिला टीचर्स गिरफ्तार, QR कोड से पेमेंट, SIT जांच जारी; इनसाइड स्टोरी आपके लिए
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यह तस्वीर सोशल मीडिया से ली गई है। राज एक्सप्रेस इसकी पुष्टि नहीं करता। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ड्रग्स से जुड़े मामले में इन्हीं तीन टीचर्स को गिरफ्तार किया गया है।
नेशनल डेस्क (एक्सप्लेनर). केरल यानी केरलम इन दिनों एक केस को लेकर जितना गुस्से में उतना ही ज्यादा सदमे में भी है। यहां की तीन सरकारी महिला टीचर्स को ड्रग्स (MDMA) केस में गिरफ्तार किया गया (Kerala Drug Case) है।
मामले की जांच पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यानी SIT कर रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक- इन तीनों टीचर्स का संबंध एक बड़े स्मगलर से था और QR कोड के जरिए पेमेंट हासिल करती थीं।
‘राज एक्सप्रेस’ की इस इनसाइड स्टोरी में हम आपको मल्टीपल मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से जानकारी दे रहे हैं। चलिए, इस केस के बारे में कुछ खास बातें समझते हैं….
मामला क्या है
- कोझीकोड के पेराम्बरा ब्लॉक रिसोर्स सेंटर (BRC) में गिरफ्तार की गईं तीनों टीचर्स पोस्टेड थीं। इनके साथ एक डिलिवरी वर्कर को भी अरेस्ट किया गया है। आरोप है कि यही शख्स इस ड्रग रैकेट के फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन्स को हैंडल करता था।
- यह मामला कुछ महीने पहले शुरू हुआ। देश में ड्रग्स के खिलाफ केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर ‘ऑपरेशन तूफान’ चला रही हैं।
- इसी के तहत केरलम के वाडाकारा से एक शख्स को गिरफ्तार किया गया। इसका नाम सफवान था। कब्जे से 2 ग्राम MDMA बरामद हुआ।

पुलिस का शानदार सीक्रेट ऑपरेशन
- पुलिस ने सफवान से पूछताछ शुरू की और जांच को बहुत सीक्रेट रखा। सफवान के इंटेरोगेशन के दौरान पुलिस हैरान थी। वजह यह थी कि उसने अपने रैकेट में शामिल एक महिला टीचर का नाम बताया। इसका नाम केसी कीर्तना है। पुलिस ने कीर्तना को 12 जुलाई को गिरफ्तार किया।
- जब कीर्तना से पूछताछ हुई तो उसने दो और महिला टीचर्स के नाम बताए। दोनों कीर्तना की करीबी दोस्त हैं। इनके नाम हैं- के. काव्या कोराचंद और वीपी नीश्मा। जांच आगे बढ़ी तो पता लगा कि इन तीनों टीचर्स के अकाउंट से काफी ट्रांजेक्शन हुए। ये सभी ट्रांजेक्शन ड्रग्स ट्रैफिकिंग से जुड़े पाए गए।

सोशल मीडिया का इस्तेमाल
- पुलिस के मुताबिक- तीनों टीचर्स ड्रग्स सिंडिकेट से इंस्टाग्राम के जरिए जुड़ी थीं। पूछताछ में इन्होंने बताया कि वो बहुत जल्द अमीर बनना चाहती थीं और इसी लालच में उन्होंने ये सब किया।
- सरकार ने तीनों टीचर्स की गिरफ्तारी के बाद इन्हें टर्मिनेट कर दिया है। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक- इन टीचर्स को 12 हजार रुपए मंथली सैलरी मिलती थी, लेकिन इनकी लाइफ स्टाइल हैरान करने वाली थी। इनके पास लग्जरी कारें मिली हैं।
- पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि कहीं इनके जाल में कोई स्टूडेंट तो नहीं फंसा।
- चीफ मिनिस्टर वीडी सतीशन ने कहा- मैं शॉक्ड हूं। इस केस से पता चलता है कि ड्रग माफिया हमारी सोसायटी में कितने अंदर तक पैठ बना चुका है। ये तो ऑपरेशन तूफान की वजह से हम इन तक पहुंच सके। इतना तय मान लीजिए कि हम इन लोगों के खिलाफ बेहद सख्त एक्शन लेंगे।

सायबर सेल भी एक्टिव
SIT के साथ-साथ अब सायबर सेल को भी इस इन्वेस्टिगेशन से जोड़ दिया गया है। उसने जिजिल कुरियाकोसे को गिरफ्तार किया। माना जा रहा है कि डिजिटल ट्रांजेक्शन्स इसी के जरिए अंजाम दिए जाते थे। सायबर सेल अब उसका तमाम डिजिटल डेटा खंगाल रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक साल में जिजिल के बैंक अकाउंट्स से 1 करोड़ रुपए से ज्यादा का लेनदेन हुआ। ये ट्रांजेक्शन सीधे तौर पर ड्रग डीलिंग से जुड़ा हुआ माना जा रहा है।

इतना ड्रग्स कहां से आता है
- केरलम की तीन एजेंसियां मिलकर ड्रग नेटवर्क को खत्म करने में जुटी हैं। ये हैं- नारकोटिक्स डिपार्टमेंट, SIT और सायबर सेल।
- रिपोर्ट्स के मुताबिक- एक आरोपी ने पूछताछ में बताया कि MDMA का गल्फ कंट्रीज से कनेक्शन है। उसने ये वहीं से मंगाए थे।
- इन्वेस्टिगेशन के दौरान ट्रांजेक्शन्स की जांच हुई तो सबसे पहले महिला टीचर कीर्तना का नाम सामने आया। कीर्तना ने बाकी दोनों टीचर्स के नाम उगल दिए। एक खास बात यह भी है कि तीन में से दो महिला टीचर्स उन बच्चों को शिक्षा देती थीं, जिन्हें खास अटेंशन की जरूरत है।
- अब ये पता लगाया जा रहा है कि क्या कीर्तना ने पिछली पोस्टिंग्स के दौरान भी इस तरह के कुछ गलत काम किए थे।
- पुलिस ने साफ कहा- तीनों टीचर्स आपस में बहुत खास दोस्त हैं और इसके सबूत उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर मिलते हैं। सोशल मीडिया के जरिए ही वो ड्रग्स के खरीदार भी तलाशती थीं।

