'आपने इसमें मिर्च मसाला मिलाया': सुप्रीम कोर्ट से कंगना रनौत को झटका, मानहानि केस रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज
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कंगना को किसान आंदोलन के दौरान किए गए ट्वीट के मामले में दर्ज केस में सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली।
एंटरटेनमेंट डेस्क. एक्ट्रेस और मंडी से सांसद कंगना रनौत को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने कंगना की आपराधिक मानहानि केस रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। कंगना पर किसान आंदोलन के वक्त एक विवादास्पद ट्वीट करने को लेकर ये केस दर्ज कराया गया था।
जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की बेंच ने कंगना की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा- हम इसे खारिज करने के पक्ष में नहीं हैं। लेकिन आपका बयान आम रीट्वीट नहीं था। आपने इसमें अपने कमेंट्स भी जोड़े, यानी आपने मिर्च मसाला डाला।
सुनवाई में क्या बात हुई…
सुनवाई के दौरान कंगना के वकील ने कहा- एक्ट्रेस ने अपने बयान पर सफाई दी है।
इस पर बेंच ने कहा-यह सफाई ट्रायल कोर्ट में दी जा सकती है।
वकील- मौजूदा हालात में पंजाब जाकर पेश होना संभव नहीं है।
बेंच- वे व्यक्तिगत पेशी से छूट की मांग कर सकती हैं। ट्वीट की बात पर हम टिप्पणी नहीं करेंगे, वरना आपके बचाव पर असर होगा। आपके पास ट्रायल में अपनी सफाई देने का पूरा अधिकार है।
2021 से चल रहा विवाद
इस विवाद की शुरुआत साल 2021 से हुई थी। किसान आंदोलन के दौरान कंगना ने बठिंडा के गांव बहादुरगढ़ जंडिया की रहने वाली 87 वर्षीय बुजुर्ग महिला किसान महिंदर कौर को 100-100 रुपए लेकर धरने में शामिल होने वाली महिला बताते हुए ट्वीट किया था। इसके बाद उनके खिलाफ महिंदर कौर ने कोर्ट में केस दर्ज करवाया था। महिला ने 4 जनवरी 2021 को मानहानि (डिफेमेशन) का केस दर्ज किया।
कंगना ने ट्वीट किया था- हाहाहा, ये वही दादी है, जिसे टाइम मैगजीन में भारत की पावरफुल महिला होने पर फीचर किया गया था। वो 100 रुपए में उपलब्ध है। पाकिस्तानी जर्नलिस्ट ने भारत के लिए इंटरनेशनल को हाईजैक PR कर लिया है, जो शर्मिंदगी भरा रास्ता है। हमें इंटरनेशनली बोलने के लिए अपने लोगों की जरूरत है। किसान आंदोलन में महिलाएं 100 रुपए में शामिल होती हैं।
हाईकोर्ट से भी मिल चुका है झटका
सुप्रीम कोर्ट से पहले कंगना की यह याचिका पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने भी खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि कंगना यह साबित नहीं कर पाईं कि उनका बयान अच्छे इरादे दिया गया था।

