घाटी में सिर्फ एक लोकल आतंकी जिंदा बचा: IG सुजीत कुमार बोले- जम्मू कश्मीर में ड्रग्स केसों ने बढ़ाई चिंता
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जम्मू कश्मीर में पिछले 1 साल में ड्रग्स के करीब 1500 मामले दर्ज हुए हैं। (फाइल फोटो)
नेशनल डेस्क. कश्मीर पुलिस चीफ सुजीत कुमार ने गुरुवार को बताया कि घाटी में स्थानीय आतंकियों की संख्या घटकर सिर्फ 1 रह गई है। हालांकि, उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों के लिए जम्मू कश्मीर में नई चुनौती ड्रग्स बन गई है। राज्य में पिछले 1 साल में करीब 2000 लोगों को ड्रग्स के मामलों में गिरफ्तार किया गया।
IG कुमार ने श्रीनगर में पत्रकारों से बातचीत में कहा- घाटी में सिर्फ एक ही एक्टिव कश्मीरी आतंकवादी है। हालांकि, विदेशी आतंकवादी उसका साथ दे रहे हैं, जिनकी संख्या की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, उसने अनंतनाग और कुलगाम में हमलों की साजिश रची है और उसे कुछ विदेशी आतंकवादी भी उसका साथ दे रहे हैं। विदेशी आतंकवादियों की कोई निश्चित संख्या की जानकारी नहीं है, क्योंकि वे एक जगह से दूसरी जगह पर आते-जाते रहते हैं। लेकिन हम उनका पता लगा रहे हैं।

मोहम्मद लतीफ भट्ट अकेला कश्मीरी आतंकी बचा
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मोहम्मद लतीफ भट्ट अकेला जिंदा बचा कश्मीरी आतंकी है। वह कुलगाम के खेरवां चादर गांव का रहने वाला है। भट्ट पर 15 लाख का इनाम है। वह कश्मीर में पुलिस कॉन्सटेबल और गैर कश्मीरी मजदूरों की हत्या में शामिल था।
भट्ट एक साल पहले ही आतंकी बना है। वह जाकिर अहमद गनई का साथी था। गनई को सुरक्षाबलों ने जुलाई में मुठभेड़ में मार गिराया था। इसके बाद भट्ट को पकड़ने की कई बार कोशिश की गई। लेकिन वह हर बार बच निकलने में सफल रहा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पिछले साल तक 10 स्थानीय आतंकी एक्टिव थे। लेकिन भट्ट को छोड़कर उन सभी को मार गिराया गया है।
लश्कर कमांडर मूसा भी ढेर
सुरक्षा बलों ने इस वर्ष आतंकवादियों के खिलाफ कुछ बड़ी सफलताएं हासिल कीं। सितंबर में लश्कर कमांडर मूसा उर्फ आसिफ फौजी एनकाउंटर में मारा गया था। वह पाकिस्तानी नागरिक था। मूसा समेत चार आतंकवादियों की फोटो भी वायरल हुई थी। इन सभी आतंकियों को मारा जा चुका है।

मूसा की मौत के बाद गृह मंत्रालय ने एक बयान जारी कर पिछले 4 सालों में जम्मू-कश्मीर में हुए कुछ सबसे बड़े हमलों के लिए उसे जिम्मेदार ठहराया था। तस्वीर में दिख रहे चार आतंकवादियों में से सुलेमान, यासिर और मूसा पाकिस्तानी थे, जबकि जुनैद भट कश्मीरी था। ये चारों आतंकवादी व्यक्तिगत रूप से हर हमले में शामिल नहीं थे, हालांकि, इन पर 50 से अधिक सुरक्षाकर्मियों, पर्यटकों, तीर्थयात्रियों और नागरिकों की हत्या के जिम्मेदार थे। यासिर भी कुछ समय पहले ढेर हो चुका है।
कुमार न कहा- ड्रग्स और आतंकवाद एक दूसरे से जुड़े हुए हैं और एक दूसरे का समर्थन करते हैं। सुरक्षाबलों के लिए दोनों से एक साथ निपटना कोई नई बात नहीं है। ड्रग्स नेक्सस बड़ी चुनौती है। हम ट्रैक करने की कोशिश कर रहे हैं।
ड्रग्स से जुड़े 1500 केस दर्ज
कुमार ने बताया कि पुलिस ने ड्रग्स से जुड़े 1500 केस दर्ज किए हैं और NDPS एक्ट के तहत 2 हजार लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इतना ही नहीं 1.10 करोड़ रुपए की नकदी भी बरामद की गई है। पुलिस ने ड्रग्स से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने पर 567 अकाउंट सीज किए हैं, इनमें 1.31 करोड़ रुपए जमा है।

