जम्मू-कश्मीर में तबाही: किश्तवाड़ में बादल फटने से 33 की मौत, आंकड़ा बढ़ने की आशंका; धार्मिक यात्रा के लिए जुटे थे श्रद्धालु
Published:
4 min read

जहां बादला फटा, वहां सैकड़ों लोग मौजूद थे। क्रेडिट- ANI
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने से भयंकर तबाही हो गई। हादसे में 33 लोगों की मौत हो गई है। इनके शव मिल गए हैं। 120 से ज्यादा लोग घायल हैं। मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है। 200 से ज्यादा लापता हैं। इस हादसे में CISF के 2 जवानों की भी मौत हो गई है। 2 जवान मिसिंग हैं।
जहां बादल फटा, वहां सैकड़ों लोग मौजूद थे। वे सभी वहां धार्मिक यात्रा के लिए आए थे। वहीं से मचैल माता मंदिर जाने का रास्ता है। मंदिर के पास लगे टेंट बह गए हैं। PM मोदी ने कहा कि वे हालात पर नजर बनाए हुए हैं। होम मिनिस्टर अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के CM उमर अब्दुल्ला और लेफ्टिनेंट गर्वनर मनोज सिन्हा से बात की है। बड़े लेवल पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों में जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में गरज, चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी दी है।
हर साल अगस्त में यहां हजारों श्रद्धालु आते हैं
मचैल माता मंदिर जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के पद्दार उप-मंडल के मचैल गांव में स्थित है। यह मंदिर मां दुर्गा के एक रूप मचैल देवी को समर्पित है। इसे मचैल चंडी माता भी कहते हैं। यह मंदिर समुद्र तल से लगभग 2800 मीटर की ऊंचाई पर है। हर साल अगस्त महीने में हजारों श्रद्धालु मचैल माता मंदिर की यात्रा करते हैं। मंदिर तक पहुंचना आसान नहीं है। भक्तों को पहाड़ों के बीच ट्रैकिंग करनी पड़ती है।
PM मोदी ने दुख जताते हुए कहा कि घटना की मॉनिटरिंग की जा रही है। रेस्क्यू का काम जारी है। जरूरतमंदों को हर जरूरी सहायता पहुंचाई जाएगी।

अमित शाह ने LG और CM से बात की
होम मिनिस्टर अमित शाह ने ट्वीट किया-किश्तवाड़ जिले में बादल फटने की घटना पर मैंने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री से बात की है। स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य कर रहा है। NDRF की टीमें तुरंत मौके पर भेज दी गई हैं। हम हालात पर नजर रखे हुए हैं और हर परिस्थिति में जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ खड़े हैं। जरूरतमंद लोगों को हर संभव मदद दी जाएगी।

LG ने भी घटना पर दुख जताया
जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल मनोज सिन्हा ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा- चशोटी (किश्तवाड़) में आई भारी बारिश से भारी नुकसान हुआ है। इस घटना से दुखी होकर मैं शोकसंतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करता हूं। साथ ही, घायल व्यक्तियों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।
सभी नागरिक प्रशासन, पुलिस, सेना, नेशनल डिजास्टर रिलीफ फोर्स और स्टेट डिजास्टर रिलीफ फोर्स के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बचाव और राहत कार्यों को और मजबूत करें और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करें। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सारे काम तेजी से और पूरी गंभीरता से किए जाएं ताकि कोई भी मदद से वंचित न रहे।

5 अगस्त को धराली में बादल फटा था
इससे पहले 5 अगस्त को उत्तराखंड के धराली में बादल फटने से भयंकर तबाही आई थी। उस हादसे मे 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। 250 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाल दिया गया है। लगभग 45 लोग अभी भी लापता हैं।
जानिए बादल क्यों फटते हैं
बादल इसलिए फटते हैं क्योंकि वे बहुत ज्यादा पानी और नमी इकट्ठा कर लेते हैं। जब गर्म हवा नमी से भरे बादलों को ऊपर की तरफ धकेलती है और ये ठंडी हवा से टकराते हैं, तो बादलों में जो पानी होता है, वो बूंदों में बदलकर भारी हो जाता है।
जब बादलों के अंदर पानी का दबाव बहुत अधिक हो जाता है और वे उसे सहन नहीं कर पाते, तो बादल अचानक फट जाते हैं। इससे बहुत तेजी से बारिश होती है। ये घटना खासकर पहाड़ी इलाकों में ज्यादा होती है, क्योंकि वहां हवा की दिशा और तापमान में बदलाव के कारण बादल एक जगह ठहर जाते हैं। बादल फटने से अचानक बाढ़ और तबाही भी हो सकती है।

