फडणवीस ने विपक्षी लीडर को 'गजनी' की तरह 'भुलक्कड़' बताया: बोले- महाराष्ट्र चुनाव ज्ञानेश कुमार के आने से पहले हुए, SIR भी बाद में हुआ, फिर असर कैसे
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महाराष्ट्र के CM देवेंद्र फडणवीस ने चुनाव आयोग और SIR को लेकर विपक्ष के विरोध पर निशाना साधा।
नेशनल डेस्क। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्षी नेताओं को 'गजनी' फिल्म के आमिर खान की तरह भुलक्कड़ बताया है। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता भूल गए कि महाराष्ट्र में चुनाव कब हुए थे।
फडणवीस ने कहा कि विपक्ष 2024 में हुए महाराष्ट्र चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग (ECI) और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) पर निशाने साध रहा है जबकि तब न तो ज्ञानेश कुमार CEC थे और न ही SIR की प्रोसेस शुरू हुई थी।
फडणवीस का यह बयान मुंबई में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की अगुआई में हुए विपक्ष के प्रदर्शन को लेकर था। दरअसल, विपक्षी पार्टियां इंडियन एक्सप्रेस की उस रिपोर्ट के बाद देशभर में प्रोटेस्ट कर रही हैं, जिसमें दावा किया गया था कि SIR को लेकर चुनाव आयोग में मतभेद हैं और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR की प्रक्रिया को लेकर 10 महीने में 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज की है।
इसी मुद्दे को लेकर ठाकरे बंधु CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उद्धव ठाकरे तो महाराष्ट्र में फिर से चुनाव की मांग भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि लोकसभा चुनाव 2024 में महाराष्ट्र में BJP को करारी हार मिली थी लेकिन इसके 6 महीने बाद हुए विधानसभा चुनाव में ठीक उल्टा रिजल्ट दिखा।
फडणवीस क्या-क्या बोले?
नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में फडणवीस ने कहा कि विपक्षी लीडर गजनी बन गए हैं। मैं इन गजनियों को याद दिलाना चाहता हूं कि ज्ञानेश कुमार 2025 में मुख्य चुनाव आयुक्त बने, जबकि महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव 2024 में हुए। SIR तो 2026 में शुरू हुआ।
उन्होंने सवाल उठाया कि 2026 में शुरू हुई SIR और 2025 में CEC बने ज्ञानेश कुमार का 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव पर असर कैसे हो सकता है?
फडणवीस ने आरोप लगाया कि विपक्ष इस मुद्दे पर लगातार गलत बातें कर रहा है। उनके मुताबिक, जनता ने जब विपक्ष को बार-बार खारिज किया तो उसकी नाराजगी अब चुनाव आयोग पर निकल रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि मुंबई में निकाला गया मार्च अपना खोया हुआ राजनीतिक आधार वापस पाने की कोशिश था। उन्होंने यह भी दावा किया कि इतनी चर्चा के बावजूद प्रदर्शन में ज्यादा लोग नहीं जुटे।

कैसा रहा मुंबई का मार्च?
CEC के खिलाफ ठाकरे बंधुओं के मुंबई मार्च में विपक्षी दल भी मौजूद रहे। इसमें कांग्रेस नेता बालासाहेब थोरात और विजय वडेट्टीवार दिखाई दिए। इसके अलावा शरद पवार की NCP (SP) से जयंत पाटिल, शशिकांत शिंदे, जितेंद्र आव्हाड और अनिल देशमुख भी प्रोटेस्ट मार्च में पहुंचे।
विपक्षी पार्टियों ने इस मार्च में CEC के साथ-साथ वोटर लिस्ट का Special Intensive Revision यानी SIR का भी विरोध कर रहा है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट की जांच और सफाई के नाम पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं और इसका फायदा सत्ताधारी पक्ष को मिल सकता है।
विपक्ष ने SIR फौरन रोकने और हटाए गए नामों को फिर से जोड़ने की मांग की। CEC ज्ञानेश कुमार को भी तत्काल प्रभाव से पद से हटाने की मांग की गई।
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