दिल्ली HC कैंटीन में बिरयानी, दाल मखनी, शाही पनीर नहीं मिलेगा: मैनेजमेंट ने LPG सप्लाई बताई वजह; रेलवे ने माइक्रोवेव- इंडक्शन के इस्तेमाल के लिए कहा
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सरकार LPG की उपलब्धता, सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन पर नजर रख रही है। (AI इमेज)
नेशनल डेस्क. दिल्ली हाईकोर्ट की कैंटीन में गैस की कमी की वजह से फिलहाल मेन कोर्स बनाना बंद कर दिया है। अब वकीलों को बिरयानी, दाल मखनी और शाही पनीर जैसी डिशेस नहीं मिलेंगी। वहीं इंडियन रेलवे ने अपने आउटलेट्स को खाना बनाने के लिए माइक्रोवेव और इलेक्ट्रिक इंडक्शन जैसे वैकल्पिक तरीकों को अपनाने के निर्देश दिए हैं। मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच LPG सप्लाई प्रभावित होने की खबरें सामने आ रहीं हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट की कैंटीन में नहीं बनेगा मेन कोर्स
दिल्ली हाईकोर्ट के कैंटीन मैनेजमेंट ने एक नोटिस में कहा- LPG गैस की कमी के चलते अब मेन कोर्स (रोटी, पराठा और सभी सब्जियां) नहीं मिल पाएगा। इस समय हमें जानकारी नहीं है कि ये समस्या कब हल होगी। जैसे ही LPG की कमी दूर हो जाएगी, तब से हम मेन कोर्स बनाएंगे। हालांकि दूसरे अलग फूड आइटम जैसे सैंडविच, सलाद, फ्रूट्स चाट और इसी तरह के रिफ्रेशमेंट (पानी,स्नैक्स, हल्का नाश्ता) उपलब्ध हैं और यह कैंटीन में आगे भी मौजूद रहेंगे। हम इस असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हैं।
NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, वकीलों को कैंटीन के इस निर्णय की जानकारी नहीं थी, जब वकील दोपहर एक बजे कैंटीन पहुंचे तो उन्हें इस बारे में पता चला। एक वकील ने व्हाट्सअप ग्रुप में पूछा- क्या समोसा मिलेगा, कैंटीन की तरफ से जवाब आया- नहीं। वकील सत्यम सिंह राजपूत ने कहा- बड़ी विडंबनापूर्ण है कि जहां एक ओर कोर्ट में न्याय का सिलसिला जारी है, वहीं दूसरी ओर दिनभर मुकदमों की पैरवी करने वाले वकीलों को दिन में गर्म खाना भी नहीं मिल पा रहा है।

IRCTC ने माइक्रोवेव- इंडक्शन के इस्तेमाल के लिए कहा
इंडियन रेलवे ने अपने लाइसेंसधारी आउटलेट्स से खाना पकाने के लिए दूसरे वैकल्पिक तरीकों को अपनाने के लिए कहा है। इंडियन रेलवे कैटरिंग और टूरिज्म कॉरपॉरेशन (IRCTC) ने माइक्रोवेव ओवन और इलेक्ट्रिक इंडक्शन सिस्टम जैसे तरीकों को अपनाने का निर्देश दिया है। यह निर्देश रेलवे स्टेशनों पर स्थित फूड प्लाजा, रिफ्रेशमेंट रूम और जन आहार आउटलेट्स पर लागू होगा।
सरकार LPG की उपलब्धता, सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन रख रही नजर
सरकार ने पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स और नेचुरल गैस का स्टॉक और अबेलेबिलिटी बनाए रखने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 यानी एसेंशियल कमोडिटी एक्ट लागू कर दिया है। इस एक्ट के लागू होने के बाद सरकार पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स और नेचुरल गैस के उपलब्धता, सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन को कंट्रोल करेगी। पेट्रोलियम मिनिस्ट्री ने तेल रिफाइनरीज से कहा है कि वो LPG प्रोडक्शन बढ़ाएं। गैस स्टॉक और खास तौर पर घरेलू उपयोग के लिए इसकी कमी नहीं होनी चाहिए।
सरकार का कहना है कि अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध की वजह से ग्लोबल एनर्जी मार्केट में कुछ तय नहीं है। यानी अनिश्चतता बढ़ गई है। ऐसे समय में लोगों को रसोई गैस की कमी न हो। इसके लिए पहले ही तैयारी की जा रही है।

