UP में आराधना मिश्रा, पंजाब में परगट सिंह: कांग्रेस ने चुनाव से पहले बदले प्रदेश अध्यक्ष, 'कास्ट बैलेंस' फॉर्मूला अपनाया
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कांग्रेस ने चुनावी राज्यों उत्तर प्रदेश और पंजाब में प्रदेश अध्यक्ष बदल दिए हैं। UP में अराधना मिश्रा मोना और पंजाब में परगट सिंह को कमान दी गई है।
नेशनल डेस्क। अगले साल फरवरी-मार्च में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश और पंजाब में संगठन का चेहरा बदल दिया है। पार्टी ने दोनों राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्ष अपॉइंट किए हैं, लेकिन बदलाव के साथ जातीय समीकरण को नहीं छेड़ा गया। यानी कांग्रेस ने लीडरशिप बदलते हुए भी ऐसा फॉर्मूला चुना है, जिससे जातियों के बीच बैलेंस बना रहे।
उत्तर प्रदेश में अजय राय की जगह कांग्रेस विधायक दल की नेता अराधना मिश्रा ‘मोना’ को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं पंजाब में अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह सीनियर लीडर परगट सिंह को प्रदेश कांग्रेस की कमान मिली है।
पंजाब में गुटबाजी के बीच बदला अध्यक्ष
पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से अंदरूनी खींचतान चल रही थी। पार्टी के कई बड़े नेता वड़िंग के खिलाफ खुलकर सामने आ चुके थे। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, प्रताप सिंह बाजवा, परगट सिंह और सुखजिंदर सिंह रंधावा जैसे नाम शामिल थे।
ऐसे में कांग्रेस ने वड़िंग को हटाकर परगट सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। वड़िंग जट सिख समुदाय से थे और अब परगट सिंह भी इसी समुदाय से आते हैं। यानी पार्टी ने अध्यक्ष बदलने के बावजूद जट सिख लीडरशिप का समीकरण बरकरार रखा है।
खास बात यह है कि 1 जुलाई को कांग्रेस हाईकमान ने संकेत दिया था कि प्रदेश अध्यक्ष के पद में कोई बदलाव नहीं होगा। लेकिन इसके बाद भी जब पार्टी में गुटबाजी नहीं थमी तो करीब 27 दिन पहले पंजाब के प्रभारी भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को जिम्मेदारी दी गई और अब प्रदेश अध्यक्ष बदल दिया गया।

चन्नी की दावेदारी के बीच परगट सिंह को मौका
प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का नाम भी चर्चा में था। चन्नी दलित सिख समुदाय से आते हैं। वहीं हिंदू चेहरे के तौर पर विजय इंदर सिंगला का नाम भी सामने आया था।
इसके बावजूद कांग्रेस ने परगट सिंह को चुना। इसका एक कारण पंजाब की सामाजिक और राजनीतिक तस्वीर को माना जा रहा है। पंजाब में जट सिख समुदाय बहुसंख्यक हैं और फिर बीजेपी ने भी जट सिख समुदाय से आने वाले कुलदीप ढिल्लों को प्रदेश अध्यक्ष बनाया हुआ है।
कांग्रेस के सामने 2022 का अनुभव भी है। उस चुनाव से पहले पार्टी ने कैप्टन अमरिंदर सिंह की जगह चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाया था, लेकिन चुनाव में कांग्रेस को इसका फायदा नहीं मिला।
यूपी में ब्राह्मण चेहरा बरकरार, साथ में PDA समीकरण
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस ने अजय राय की जगह अराधना मिश्रा मोना को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। दोनों ही ब्राह्मण समुदाय से हैं। यानी यहां भी पार्टी ने अध्यक्ष पद का सामाजिक समीकरण नहीं बदला।
लेकिन इसके साथ कांग्रेस ने संगठन में दूसरे समुदायों को भी जगह दी है। सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद को वर्किंग प्रेसिडेंट बनाया गया है। मसूद को प्रियंका गांधी वाड्रा के करीब माना जाता है।
इसके अलावा पार्टी ने दो सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बनाए हैं। इनमें देवेंद्र निषाद अति पिछड़ा वर्ग से आते हैं, जबकि आलोक प्रसाद दलित नेता हैं और कांग्रेस के SC विभाग के अध्यक्ष हैं।
इस तरह यूपी में कांग्रेस का नया संगठन मोटे तौर पर ब्राह्मण अध्यक्ष + मुस्लिम वर्किंग प्रेसिडेंट + अति पिछड़ा और दलित उपाध्यक्ष के फॉर्मूले पर दिखाई देता है।
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