बिहार,जादू-टोना के शक में 5 लोगों की हत्या: सारे एक ही परिवार के थे; बेटा बोला- भीड़ का असल मकसद मां को मारना था
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विक्टिम्स का घर। फोटो क्रेडिट- ANI
बिहार के पूर्णिया जिले में एक ही परिवार के 5 लोगों को जिंदा जला देने का मामला सामने आया है। आरोप उन्हीं के गांव वालों पर है। गांव वालों ने जादू-टोना के शक में उन्हें मारा है। ये घटना रविवार रात की है।
जादू-टोना का आरोप
पूर्णिया के टेटगामा गांव में तकरीबन 50 लोगों की भीड़ ने बाबूलाल उरांव नाम के शख्स की फैमिली पर हमला कर दिया। घर में बाबूलाल के अलावा उसकी पत्नी सीता देवी, मां कंतो देवी, बेटा मंजीत कुमार और बहू रानी देवी मौजूद थी। गांव वालों ने सीता देवी पर आरोप लगाया कि वो जादू-टोना करती है, जिससे गांव के लोग काफी परेशान थे।
पांचों की लाश जली पाई गई
गांव वालों ने रविवार रात 10 बजे बाबूलाल की फैमिली पर हमला किया और पांचों को मार दिया। पांचों की लाश जली पाई गई। अब पुलिस जांच कर रही है कि क्या पांचों विक्टिम्स को जिंदा जलाया गया या उन्हें पहले मारा, फिर जलाया।
‘सीता देवी को ही मारने आए थे गांववाले’
बाबूलाल का 15 साल का बच्चा सोनू किसी तरह वहां से बच निकला। वहां से भागकर नानी के घर पहुंचा। इसके बाद ही ये मामला सामने आया। सोनू ने स्टेटमेंट में कहा कि लोग उसकी मां सीता देवी को मारने आए थे। जब घर के बाकी सदस्यों ने उसे बचाने की कोशिश की, तब उन्हें भी मार दिया। हत्यारी भीड़ उन सभी के शवों को अपने साथ ले गई।
मामले की जांच के लिए SIT का गठन
इस मामले में अब तक तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है। उनका कहना है कि पांचों को मारने के बाद उनकी बॉडी को डीजल से जला दिया गया था। हालांकि, मामले की असल सच्चाई क्या है, इसकी जांच के लिए SIT का गठन कर दिया गया है।
दो दिन पहले हुई बच्चे की मौत से गांव वाले आक्रोशित हुए
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो टेटगामा गांव में 2 दिन पहले एक बच्चे की मौत हो गई थी। एक और बच्चे की तबीयत खराब थी। गांव वालों ने इसके लिए बाबूलाल की पत्नी सीता देवी को जिम्मेदार माना था। आस-पास के गांव वालों का भी कहना है कि बाबूलाल के परिवार में सभी लोग झाड़-फूंक करते थे। इसी वजह से गांव वाले उनसे नफरत करते थे।

