इंडियन आर्मी की ताकत में इजाफा: 21 जुलाई को मिलेंगे 3 अपाचे हेलिकॉप्टर, पाकिस्तान बॉर्डर पर होंगे तैनात
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इंडियन एयरफोर्स पहले से अपाचे हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल कर रही है
इंडियन आर्मी की ताकत में एक और इजाफा होने जा रहा है। लंबे इंतजार के बाद 21 जुलाई को 3 अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर मिलने जा रहे हैं। डिफेंस और सिक्योरिटी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, अपाचे हेलिकॉप्टर पाकिस्तान बॉर्डर पर तैनात किए जाएंगे।
‘टैंक इन द एयर’ कहे जाने वाले AH-64Es अपाचे एडवांस्ड हेलिकॉप्टर इंडियन एयर फोर्स (IAF) के हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर लैंड करेंगे।
IAF अपाचे को करती है ऑपरेट
आर्मी ने 15 महीने पहले राजस्थान के जोधपुर में अपाचे स्क्वॉड्रन बनाई थी। सप्लाई चेन और ग्लोबल जियोपॉलिटिकल सिचुएशन में बदलाव के कारण हेलिकॉप्टर की डिलीवरी में देरी हुई। इंडियन एयरफोर्स पहले से अपाचे हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल कर रही है। अभी अपाचे हेलिकॉप्टर की IAF की दो स्क्वॉड्रन पठानकोट और जोरहाट में एक्टिव हैं।
2020 में आर्मी ने की थी डील
इंडियन एयरफोर्स ने 2015 में अमेरिका और बोइंग से 22 अपाचे हेलिकॉप्टर की डील की थी। अमेरिका ने जुलाई 2020 में इन हेलिकॉप्टर की डिलीवरी दी। इसी साल अमेरिकी राष्ट्रपति ने डोनाल्ड ट्रम्प (पहले कार्यकाल के दौरान) भारत आए। उन्होंने दिल्ली में 6 और अपाचे हेलिकॉप्टर के लिए 600 मिलियन डॉलर की डील की थी। डील के मुताबिक, भारत को मई-जून 2024 में हेलिकॉप्टर मिलने थे, लेकिन डिलीवरी में देरी होती रही।
आर्मी को 2023 में मिला पहला अपाचे
2023 में इंडियन आर्मी को पहला अपाचे हेलिकॉप्टर हैदराबाद टाटा बोइंग एयरोस्पेस लिमिटेड से मिला, यह टाटा एडवांस्ड सिस्टम लिमिटेड और बोइंग का ज्वाइंट वेंचर है।
दुनिया का सबसे मॉडर्न हेलिकॉप्टर
अपाचे हेलिकॉप्टर को अधिकारिक तौर पर बोइंग AH-64 अपाचे कहा जाता है। यह दुनिया का सबसे एडवांस्ड और सुरक्षित हेलिकॉप्टर माना जाता है। 1970 में इसे हगस हेलिकॉप्टर्स ने डेवलप किया था। अब इसे मैकडॉनेल डगलस और बोइंग कंपनी बनाती है। अपाचे अपनी घातक मारक क्षमता, तेज गति और युद्ध में सुरक्षित बच निकलने के लिए जाना जाता है। यह वॉर में दुनिया का सबसे अच्छा हेलिकॉप्टर माना गया है।
मिसाइल से लैस है अपाचे हेलिकॉप्टर
अपाचे हेलिकॉप्टर के नोज में लगा सेंसर सूएट टारगेट को भेदने और नाइट विजन की वजह से हेलिकॉप्टर को किसी समय और मौसम में आसानी से ऑपरेट किया जा सकता है। इसमें कई तरह के हथियार लगाए जा सकते हैं। साथ ही इसमें M230 चेन गन, हेलफायर एंटी टैंक मिसाइलें और हायड्रा-70 रॉकेट पॉड भी इक्विप रहता है।
अपाचे ने भारत की लड़ाकू क्षमताओं में महत्वपूर्ण रोल निभाता है। हाई ऑल्टीट्यूड एरिया में देश ने अपनी सुरक्षा को बढ़ाते हुए अपाचे को ऊंची जगह और बॉर्डर एरिया में तैनात किया था। IAF को अपाचे हेलिकॉप्टर की पहली डिलीवरी 2019 में मिली थी। इसके बाद इसे भारतीय आर्मी में भी शामिल किया गया। अपाचे हेलिकॉप्टर सेना को जरूरी ग्राउंड सपोर्ट देते हैं।

