क्यों क्रैश हुआ था एयर इंडिया का विमान: टेक ऑफ के बाद फ्यूल ऑफ, इंजन में छेड़छाड़ के सबूत नहीं... AAIB रिपोर्ट की बड़ी बातें
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एयर इंडिया का विमान 12 जून को अहमदाबाद में क्रैश हो गया था।
12 जून को अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया के विमान क्रैश में AAIB (Aircraft Accident Investigation Bureau) की 15 पन्नों की रिपोर्ट सामने आ गई है। इसमें प्लेन क्रैश की संभावित वजहों को बताया गया है। इस रिपोर्ट में टेक ऑफ से प्लेन क्रैश तक की घटना को विस्तार से बताया गया है। रिपोर्ट में क्रैश की संभावित वजह फ्यूल कटऑफ स्विच बताई गई है। उधर, केंद्रीय सिविल एविएशन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा, AAIB की रिपोर्ट शुरुआती जांच पर आधारित है। उन्होंने फाइनल रिपोर्ट न आने तक इसके आधार पर किसी निष्कर्ष पर न पहुंचने की अपील की है।
एयर इंडिया की फ्लाइट ने अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरी थी। प्लेन टेक ऑफ के तुरंत बाद क्रैश हो गया था। इस हादसे में 274 लोगों की मौत हुई थी, इनमें 241 प्लेन में सवार यात्री थे। विमान में सवार सिर्फ एक यात्री इस दुर्घटना में बच पाया था।
प्लेन में छेड़छाड़ के सबूत नहीं
शुरुआती जांच में प्लेन में किसी तरह की कोई छेड़छाड़ के सबूत नहीं मिले हैं। न ही प्लेन किसी पक्षी से टकराया। उस दिन किसी पक्षी की गतिविधि नहीं देखी गई थी।
AAIB ने अपनी पहली जांच रिपोर्ट में कहा, टेक ऑफ के तुरंत बाद फ्लाइट के दोनों इंजन तक फ्यूल पहुंचाने वाले स्विच दोनों पायलट के कन्फ्यूजन के चलते कट ऑफ हो गए और विमान क्रैश हो गया।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एक पायलट ने दूसरे पायलट ने पूछा था कि तुमने फ्यूल बंद क्यों किया। हालांकि, दूसरे ने जवाब दिया कि उसने ऐसा नहीं किया।
विमान क्रैश पर रिपोर्ट की बड़ी बातें
- को-पायलट क्लाइव कुंदर फ्लाइट को उड़ा रहे थे। जबकि कमांडर सुमित सभरवाल फ्लाइट को मॉनिटर कर रहे थे। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों पायलट को उड़ान से आराम के लिए पर्याप्त समय मिला था। दोनों का 12 जून की सुबह एयरपोर्ट पर ब्रीथलाइजर टेस्ट भी हुआ था। एयरक्राफ्ट मेनटेनेंस भी हुआ था। नॉर्मल टेकऑफ हुआ, 400 फीट तक विमान के पहुंचने तक सब कुछ सामान्य था।
- बोइंग 787-8 विमान के उड़ान भरने के कुछ सेकंड बाद ही इंजन फ्यूल कंट्रोल स्विच 'RUN' मोड से 'कटऑफ' हो गए। 12 जुलाई को जारी क्रैश की शुरुआती जांच रिपोर्ट के मुताबिक, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में एक पायलट को दूसरे पायलट से यह पूछते हुए सुना जा सकता है कि उसने फ्यूल क्यों बंद कर दिया, जिस पर दूसरे पायलट ने जवाब दिया कि उसने ऐसा नहीं किया। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि यह बात किसने किससे कही।
- विमान के मलबे में ये स्विच RUN स्थिति में पाए गए। एयरलाइन पायलटों और एक्सपर्ट्स के मुताबिक, फ्यूल स्विच RUN से CUT OFF, या कट ऑफ से RUN में अपने आप नहीं हो सकता। इनकी सुरक्षा के लिए दोनों तरफ ब्रैकेट लगे होते हैं। इसके अलावा एक स्टॉप लॉक मैकेनिज्म भी होता है, पायलट को पहले लॉक को ऊपर उठाना पड़ता है, इसके बाद ही स्विच को RUN या कट ऑफ में किया जाता है। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि क्या जांच में अब तक यह पता लग पाया है कि स्विचों को किसी पायलट ने टॉगल किया था या नहीं।
- ये फ्यूल स्विच आमतौर पर विमान के ग्राउंड पर होने के वक्त ही ऑन ऑफ किए जाते हैं। टेक ऑफ से पहले फ्यूल स्विच RUN मोड में डाले जाते हैं। विमान के लैंड करने के बाद इन्हें कट ऑफ कर दिया जाता है। उड़ान के दौरान इनमें से किसी भी स्विच को कट ऑफ या RUN स्थिति में तभी लाया जाता है, जब संबंधित इंजन फेल हो जाए या उसे इतना नुकसान पहुंच जाए कि उड़ान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उसे ईंधन की आपूर्ति बंद करनी पड़े। पायलट ईंधन की आपूर्ति बंद भी कर सकते हैं और अगर उन्हें लगता है कि प्रभावित इंजन को सुरक्षित रूप से फिर से चालू किया जा सकता है, तो तुरंत उसे चालू भी कर सकते हैं। लेकिन इस केस में ऐसा नहीं लगता।

