अहमदाबाद प्लेन क्रैश-901: अमेरिकी अखबार का दावा- मेन पायलट ने ही बंद किया था फ्यूल स्विच; दूसरे पायलट ने घबराकर पूछा- ये आपने क्या किया
Published:
4 min read

12 जून को अहमदाबाद में एयर इंडिया का प्लेन क्रैश हो गया था। हादसे में 270 लोग मारे गए थे।
अहमदाबाद प्लेन क्रैश की जांच में शामिल अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि टेकऑफ के तुरंत बाद प्लेन का फ्यूल स्विच बंद हो गया था। अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जनरल के मुताबिक, कैप्टन यानी मेन पायलट सुमीत सभरवाल ने इंजनों में फ्यूल की सप्लाई रोकी थी। ये खुलासा ब्लैक बॉक्स से रिकवर हुए डाटा के जरिए हुआ है। हालांकि, भारत सरकार से जुड़े सोर्सेज ने कहा कि विदेशी मीडिया ने जानकारी को तोड़मरोड़ कर पेश किया।
कैप्टन शांत थे, फर्स्ट ऑफिसर घबराए हुए थे
वॉल स्ट्रीट जनरल में छपी खबर के मुताबिक, जांच टीम में शामिल अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि टेकऑफ के तुरंत बाद फर्स्ट ऑफिसर (दूसरे पायलट) ने कैप्टन सुमीत सभरवाल से पूछा कि आपने फ्यूल को ‘रन’ से ‘कटऑफ’ मोड में क्यों किया।
फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर ये कहते हुए घबरा रहे थे। उनकी आवाज में बेचैनी थी। हालांकि, कैप्टन के लहजे में कोई घहराहट नहीं थी। वे शांतचित्त थे। WSJ ने बताया कि यह खुलासा दोनों पायलटों के बीच बातचीत की कॉकपिट रिकॉर्डिंग से हुआ है।
विदेशी मीडिया ने तोड़मरोड़ कर जानकारी दी
हालांकि, अमेरिकी अखबार के इस दावे से भारत सरकार से जुड़े सोर्सेज ने निराशा जाहिर की है। सरकारी सोर्सेज ने CNN-News18 को बताया कि एयर इंडिया विमान हादसे को लेकर विदेशी मीडिया ने जानकारियों को तोड़मरोड़ कर पेश किया। उन्होंने कहा कि कैप्टन सुमित सभरवाल एक स्ट्रॉन्ग सिविल एविएशन बैकग्राउंड से आते थे। उनके पिता भी सिविल एविएशन मिनिस्ट्री से रिटायर्ड हैं। हम कैसे मान लें कि कैप्टन सुमित सभरवाल किसी स्ट्रेस में रहे होंगे।
कैप्टन के पास 15,638 घंटे फ्लाइंग का एक्सपीरियंस था
अहमदाबाद से लंदन जाने वाली फ्लाइट AI 171 को कैप्टन सुमीत सभरवाल और फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर उड़ा रहे थे। सुमीत सभरवाल के पास 15,638 घंटे फ्लाइंग का एक्सपीरियंस था। जबकि क्लाइव कुंदर को 3,403 घंटे उड़ान का अनुभव था।
AAIB की रिपोर्ट में फ्यूल स्विच बंद होने का जिक्र
इससे पहले 12 जुलाई को एयर इंडिया प्लेन क्रैश में AAIB (Aircraft Accident Investigation Bureau) की 15 पेज की रिपोर्ट सामने आई। उसमें भी फ्यूल स्विच बंद करने की बात सामने आई थी।
AAIB ने पहली जांच रिपोर्ट में कहा, ‘टेक ऑफ के तुरंत बाद फ्लाइट के दोनों इंजन तक फ्यूल पहुंचाने वाले स्विच दोनों पायलट के कन्फ्यूजन के चलते कट ऑफ हो गए। इससे विमान क्रैश हो गया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एक पायलट ने दूसरे पायलट से पूछा था कि तुमने फ्यूल बंद क्यों किया। हालांकि, दूसरे ने जवाब दिया कि उसने ऐसा नहीं किया।’
हालांकि, हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों ने इस रिपोर्ट पर आपत्ति जताई थी। हादसे में मारे गए एक ब्रिटिश नागरिक के रिश्तेदार ने कहा कि रिपोर्ट गलत है, मैं इसे नहीं मानता। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट में जानबूझकर पायलट को दोषी ठहराने की कोशिश हो रही है, जबकि वे अपने बचाव के लिए इस दुनिया में ही नहीं हैं।
‘मुआवजा नहीं चाहिए, कोर्ट में घसीटूंगा’
ब्रिटिश नागरिक अकील नानाबावा पत्नी और बेटी सहित इस हादसे में मारे गए थे। उनके साले अमीन सिद्दीकी ने अंग्रेजी अखबार टेलीग्राफ से कहा- मुझे मुआवजे वाली रकम भी नहीं चाहिए। मैं हादसे की जिम्मेदार कंपनियों को कोर्ट में घसीटूंगा। पायलट को दोषी ठहराने की क्या जरूरत है। वे अपने बचाव के लिए इस दुनिया में नहीं हैं। पूरी खबर पढ़ें..
हादसे में 270 लोग मारे गए
12 जून को अहमदाबाद से लंदन जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 उड़ाने भरने के 1 मिनट के अंदर क्रैश हो गई। विमान में पायलट और क्रू मेंबर सहित 242 लोग सवार थे। एक को छोड़कर सभी मारे गए।
टेक ऑफ करते ही प्लेन शहर के मेघानीनगर इलाके में बी.जे. मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर्स हॉस्टल की बिल्डिंग से टकरा गया था। इससे प्लेन में आग लग गई। प्लेन में काफी सारा फ्यूल था, जिसकी वजह से चंद सेकेंड में इसके परखच्चे उड़ गए। जब प्लेन हॉस्टल से टकराया, तब वहां भी काफी सारे जूनियर डॉक्टर मौजूद थे। इस हादसे में टोटल 270 लोग मारे गए।

