बचे हुए सांसद-विधायकों के साथ कांग्रेस में शामिल हो जाएं: अधीर रंजन का ममता बनर्जी को ऑफर, बोले- पुराने दिनों को भूल जाओ
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ममता बनर्जी 30 सितंबर को इंडिया गठबंधन की बैठक में शामिल हुई थीं। इसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी पहुंचे थे।
नेशनल डेस्क. पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी बुधवार को INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल हुई थीं। अब उन्हें कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने ऑफर दिया है। अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि ममता बनर्जी को पुरानी बातों को छोड़कर अब अपने बचे हुए सांसद और विधायकों के साथ कांग्रेस में शामिल हो जाना चाहिए।
अधीर रंजन चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा- आज समय आ गया है कि पुराने दिन को भूल जाओ और नए सिरे से शुरू करो। अब भारत का लोकतंत्र और संविधान सब खतरे में है। ऐसे में मैं ममता बनर्जी को सलाह देना चाहता हूं ममता बनर्जी को और मांग भी करता हूं हाईकमान से, क्यों न ममता बनर्जी कांग्रेस में शामिल हो जाएं।
चौधरी ने कहा- इधर-उधर की बात न करते हुए ममता बनर्जी अपने बचे हुए सांसद और विधायकों के साथ कांग्रेस में शामिल हो जाएं। अपने बोझ को उठाकर ममता बनर्जी कांग्रेस में शामिल हो जाएं। बंगाल की कांग्रेस का नेतृत्व करें, हमें कोई परहेज नहीं है। हम उनके पीछे लड़ते रहेंगे। अगर ये संभव हो तो इसे किया जाए। क्योंकि ममता बनर्जी कांग्रेस का ही प्रोडक्ट हैं। ऐसे में कांग्रेस में विलय में कोई दिक्कत भी नहीं है।
ममता और कांग्रेस ने अलग लड़ा था चुनाव
प बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस और टीएमसी दोनों अलग अलग मैदान में उतरी थीं। चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने ममता बनर्जी पर निशाना भी साधा। हालांकि, इस चुनाव में दोनों पार्टियों को हार मिली। अब चुनाव आयोग पर इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के बाद ममता बनर्जी और कांग्रेस का आलाकमान INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल हुए और मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा मांगा।
चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी की पार्टी में फूट
अधीर रंजन चौधरी ने ममता बनर्जी को ये ऑफर ऐसे समय में दिया, जब TMC अपने बुरे दौर से गुजर रही है। पार्टी के 29 में से 20 सांसद अलग गुट बनाकर NCPI में शामिल हो गए। वहीं, 4 राज्यसभा सांसद भी अभी तक इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। इतना ही नहीं विधानसभा में भी ममता बनर्जी की पार्टी में बड़ी टूट हुई है।

ममता बनर्जी के 80 में से 58 विधायकों ने अलग गुट बना लिया है। वे खुद असली TMC बता रहे हैं। चुनाव आयोग ने हाल ही में TMC के नाम और सिंबल के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी और दोनों गुटों को नया नाम और सिंबल दिया था। ममता की पार्टी में फूट की मुख्य वजह अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व पर उठ रहे सवाल हैं।

