बाबा महाकाल के आंगन में दीपावली का भव्य शुभारंभ: उबटन और अभ्यंग स्नान के बाद लगा अन्नकूट का भोग, फुलझड़ियों से सजा दरबार
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बाबा महाकाल के आंगन से हुआ दीपावली उत्सव का शुभारंभ।
उज्जैन। धर्मनगरी उज्जैन में दीपावली पर्व की शुरुआत विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर मंदिर में विशेष धार्मिक परंपराओं के साथ हुई। सुबह भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का अभ्यंग स्नान कराया गया। इसके बाद पुजारी परिवार की महिलाओं ने भगवान को पारंपरिक रूप से उबटन लगाया और पुजारियों ने गर्म जल से स्नान कराया। विधि-विधान से पूजन के बाद बाबा महाकाल की विशेष आरती की गई। मंदिर में दीपावली के अवसर पर धार्मिक उल्लास और भक्ति का वातावरण देखने को मिला।
अभ्यंग स्नान के बाद बाबा महाकाल को लगाया गया उबटन
दीपावली के अवसर पर महाकाल मंदिर में वर्षों पुरानी परंपरा का निर्वहन किया गया। सुबह होने वाली भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल का विशेष अभ्यंग स्नान कराया गया। इस दौरान पुजारी परिवार की महिलाओं ने भगवान को उबटन लगाया। इसके बाद गर्म जल से स्नान कराया गया। स्नान की धार्मिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया और मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न हुई। इसके बाद आरती कर दीपावली पर्व का शुभारंभ किया गया।
अन्नकूट का भोग लगेगा, फूलझड़ी से मनाया जाएगा दीपोत्सव
दीपावली के दिन भगवान महाकाल को विशेष रूप से अन्नकूट का भोग अर्पित किया जाएगा। मंदिर की परंपरा के अनुसार आरती के दौरान एक फूलझड़ी जलाकर दीपोत्सव का उल्लास मनाया जाएगा। महाकाल मंदिर में सभी प्रमुख त्योहार सबसे पहले मनाने की परंपरा रही है। इसी परंपरा के तहत दीपावली पर सुबह की भस्म आरती, अभ्यंग स्नान के बाद होने वाली आरती, संध्या आरती और शयन आरती में फूलझड़ी जलाई जाएगी।
सुबह से रात तक सभी आरतियों में निभाई जाएगी परंपरा
मंदिर की धार्मिक मर्यादा और वर्षों पुरानी परंपराओं के अनुसार दीपावली के दिन प्रत्येक आरती में केवल एक फूलझड़ी जलाने का विधान है। इसके माध्यम से बाबा महाकाल के दरबार में दीपोत्सव की खुशियां मनाई जाती हैं। इस विशेष आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में भी उत्साह रहता है। बाबा महाकाल के आंगन में दीपावली का पर्व धार्मिक आस्था और परंपराओं के अनुरूप मनाया जाता है।
दीपावली पूजन के शुभ चौघड़िया और अभिजीत मुहूर्त
दीपावली पर लक्ष्मी पूजन के लिए चौघड़िया और लग्न के अनुसार विशेष मुहूर्त निर्धारित किए गए हैं। दिन और रात के अलग-अलग समय में पूजन के लिए शुभ, लाभ, अमृत और प्रदोष काल के मुहूर्त इस प्रकार हैं।
मुहूर्त समय
चंचल चौघड़िया- सुबह 8:10 से 9:40 बजे
लाभ चौघड़िया- सुबह 9:40 से 11:10 बजे
अमृत चौघड़िया- सुबह 11:28 से दोपहर 12:12 बजे
अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:46 से दोपहर 12:34 बजे
शुभ चौघड़िया- दोपहर 1:35 से 2:58 बजे
शुभ-अमृत चौघड़िया- शाम 5:49 से रात 8:59 बजे
प्रदोष काल शाम- 5:41 से रात 8:17 बजे
वृषभ और सिंह लग्न में पूजन का विशेष महत्व
लग्न के अनुसार भी दीपावली पूजन के लिए विशेष समय निर्धारित किया गया है।
वृषभ लग्न: शाम 6:09 बजे से रात 8:07 बजे तक।
सिंह लग्न: रात 12:37 बजे से 2:49 बजे तक।
इन मुहूर्तों में श्रद्धालु विधि-विधान से मां लक्ष्मी और भगवान गणेश का पूजन कर सकते हैं।
महाकाल की नगरी में आस्था और परंपरा के साथ दीपोत्सव
भगवान महाकाल के दरबार में दीपावली का उत्सव केवल रोशनी और खुशियों का पर्व नहीं, बल्कि सदियों पुरानी धार्मिक परंपराओं और आस्था का प्रतीक भी है। अभ्यंग स्नान, उबटन, विशेष पूजन, अन्नकूट भोग और फूलझड़ी की परंपरा के साथ उज्जैन में दीपावली की शुरुआत होती है। बाबा महाकाल के आंगन में मनाया जाने वाला यह दीपोत्सव श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है
संजय पुजारी, महाकाल मंदिर उज्जैन

