शिवपुरी जिला पंचायत में विकास कार्यों पर विवाद गहराया: 53 लाख के 8 प्रस्तावों में सिर्फ 3 कार्ययोजना में शामिल, जनसुनवाई में कलेक्टर से शिकायत
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शिवपुरी जिला पंचायत में 53 लाख के विकास प्रस्तावों पर विवाद, आठ में से सिर्फ तीन काम शामिल
शिवपुरी। जिला पंचायत शिवपुरी में विकास कार्यों के प्रस्तावों को लेकर विवाद सामने आया है। जिला पंचायत सदस्यों ने आरोप लगाया है कि उनके द्वारा करीब 53 लाख रुपये के विकास कार्यों के प्रस्ताव दिए गए थे, लेकिन आठ स्थानों पर प्रस्तावित कार्यों में से केवल तीन को ही कार्ययोजना में शामिल किया गया। शेष प्रस्तावों को शामिल नहीं करने का स्पष्ट कारण भी नहीं बताया गया। मंगलवार को जनसुनवाई में सदस्यों ने कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) को आवेदन सौंपकर वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना में शेष विकास कार्यों को शामिल करने की मांग की।
साधारण सभा की बैठक की प्रक्रिया पर उठाए सवाल
जिला पंचायत सदस्य भारती रावत, पुष्पांजलि और मनीराम लोधी ने अपने आवेदन में साधारण सभा की बैठक की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। सदस्यों के अनुसार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने पहले 23 सितंबर 2026 को बैठक आयोजित करने की सूचना दी थी। इसके बाद 21 सितंबर को जारी पत्र के माध्यम से बैठक की तारीख बदलकर 24 सितंबर कर दी गई।
सदस्यों का आरोप है कि बैठक की तारीख में बदलाव और पर्याप्त पूर्व सूचना नहीं मिलने के कारण सभी सदस्य बैठक में शामिल नहीं हो सके। इससे उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्रों की समस्याएं रखने और विकास कार्यों के प्रस्तावों पर चर्चा करने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला।
आठ स्थानों के प्रस्तावों में से सिर्फ तीन कार्य शामिल
आवेदन के अनुसार, 16वें वित्त आयोग की राशि से वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना तैयार करते समय जिला पंचायत सदस्यों से उनके क्षेत्रों में आवश्यक विकास और निर्माण कार्यों के प्रस्ताव मांगे गए थे। सदस्यों ने बताया कि उन्होंने 1 अक्टूबर 2026 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी को लिखित रूप से आठ स्थानों पर प्रस्तावित विकास कार्यों की सूची सौंपी थी। इन कार्यों की अनुमानित लागत करीब 53 लाख रुपये बताई गई है।
सदस्यों का कहना है कि प्रस्तुत सूची में से केवल तीन कार्यों को ही कार्ययोजना में शामिल किया गया, जबकि शेष प्रस्तावों को बाहर कर दिया गया। उनका आरोप है कि इन कार्यों को शामिल नहीं करने का स्पष्ट कारण नहीं बताया गया और न ही प्रस्तावों पर हुई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी गई।
पिछले चार वित्तीय वर्षों में भी राशि नहीं मिलने का दावा
जिला पंचायत सदस्यों ने आवेदन में कहा कि वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के दौरान भी उन्होंने अपने क्षेत्रों में मूलभूत विकास कार्यों के लिए राशि उपलब्ध कराने की मांग की थी। उनके अनुसार, अपेक्षित राशि नहीं मिलने से कई क्षेत्रों में विकास कार्य प्रभावित हुए हैं।
सदस्यों ने यह भी बताया कि 15 अक्टूबर को साधारण सभा की बैठक के कार्यवाही विवरण के पालन प्रतिवेदन के संबंध में संबंधित विभागों को पत्र जारी किया गया था, लेकिन उन्हें प्रस्तावों पर हुई कार्रवाई से अवगत नहीं कराया गया। इसके बाद 21 अक्टूबर को बैठक की कार्यवाही की प्रति उपलब्ध कराने के लिए भी आवेदन दिया गया।
शेष विकास कार्यों को कार्ययोजना में शामिल करने की मांग
जिला पंचायत सदस्यों ने कलेक्टर और मुख्य कार्यपालन अधिकारी से मांग की है कि उनके द्वारा प्रस्तुत सभी विकास प्रस्तावों पर नियमानुसार निष्पक्षता से विचार किया जाए। साथ ही, 16वें वित्त आयोग की राशि से तैयार वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना में क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार शेष कार्यों को शामिल कर उनके क्रियान्वयन के लिए आवश्यक स्वीकृति प्रदान की जाए।

