तिरंगा फहराने पर युवक की हत्या: मृतक ने 'लाल स्मारक' पर 15 अगस्त मनाया था, पुलिस बोली- नक्सलियों ने मुखबिरी के शक में मारा
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15 अगस्त का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें ग्रामीण स्वतंत्रता दिवस समारोह में झंडा फहरा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नक्सलियों ने तिरंगा फहराने पर एक युवक की हत्या कर दी। मृतक मनीष नुरेती बिनगुंडा गांव का रहने वाला था। उसने 15 अगस्त को नक्सली स्मारक पर तिरंगा फहराया था। इसका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें गांव वाले और बच्चे ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारे लगा रहे थे। वायरल वीडियो में दिख रहे ग्रामीणों में से मनीष भी था। पुलिस का दावा है कि नक्सलियों ने मुखबिरी के शक में मनीष की हत्या की है।
नक्सलियों ने किया था अगवा
नक्सलियों का एक ग्रुप 18 अगस्त को गांव पहुंचा। मनीष और दो दूसरे लोगों को पकड़कर जंगल ले गया। वहां जन अदालत लगाकर मनीष की हत्या कर दी गई। बाकी दो ग्रामीणों को मारपीट कर छोड़ दिया गया। बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी ने कहा कि हत्या की पुष्टि हो गई है, लेकिन शव अभी बरामद नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि मनीष का पुलिस से कोई सीधा कनेक्शन नहीं था।
नक्सलियों ने पोस्टर जारी कर मुखबिर बताया
नक्सलियों ने पोस्टर जारी कर दावा किया कि मनीष पुलिस का इन्फॉर्मर था। हालांकि अधिकारियों ने इस दावे को खारिज कर दिया है। कांकेर के एसपी आईके एलेसेला ने बताया कि मनीष का नाम वीडियो में आने के बाद नक्सलियों ने उसे टारगेट बनाया। IG सुंदरराज पी ने कहा कि इस मामले की जांच की जा रही है और इसमें शामिल नक्सलियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कांकेर के एसपी आईके एलेसेला ने कहा कि मनीष का शव अभी तक बरामद नहीं हुआ है। उसके परिजनों से संपर्क किया जा रहा है।
बस्तर में नक्सलियों ने डेढ़ साल में की पांच हत्याएं
बस्तर संभाग में नक्सली अक्सर ऐसे मामले अंजाम देते रहे हैं। पिछले डेढ़ साल में ही नक्सलियों ने मुखबिरी के शक में चार से पांच लोगों की हत्या की है। इस बार मामला इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि 15 अगस्त के दिन ग्रामीणों ने नक्सली स्मारक पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और देशभक्ति के नारे लगाए। पुलिस का मानना है कि नक्सलियों ने इसको चुनौती समझकर निर्दोष युवक को निशाना बनाया।

