VC सुनवाई के दौरान अमर्यादित आचरण पर MP हाईकोर्ट सख्त: TNCP के संयुक्त संचालक को अवमानना नोटिस, सरकार से 4 हफ्ते में मांगी कार्रवाई रिपोर्ट
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जबलपुर हाईकोर्ट की वर्चअुली सुनवाई में अमर्यादित आचरण पर सख्ती
जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई के दौरान कथित अमर्यादित आचरण को गंभीरता से लेते हुए नगर तथा ग्राम निवेश टीएनसीपी भोपाल के संयुक्त संचालक अमित कुमार गजभिए को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने पूछा है कि उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए साथ ही राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर अधिकारी के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस दीपक खोट की एकलपीठ में 27 अक्टूबर 2026 को हुई सुनवाई के दौरान अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर बिस्तर पर लेटे और केवल अंडरपैंट पहने नजर आए। आदेश में दर्ज विवरण के मुताबिक वह कैमरे के सामने शर्ट के बटन बंद करते हुए भी दिखाई दिए। हाईकोर्ट ने इस आचरण को न्यायालय की गरिमा और न्यायिक कार्यवाही में अपेक्षित शिष्टाचार के विपरीत माना।
चार सप्ताह में देना होगा जवाब
हाईकोर्ट ने संयुक्त संचालक को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है। उन्हें चार सप्ताह के भीतर जवाब देना होगा कि कथित आचरण के लिए उनके विरुद्ध आपराधिक अवमानना की कार्रवाई क्यों न की जाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि न्यायिक कार्यवाही में शामिल अधिकारियों से न्यायालय की गरिमा और मर्यादा के अनुरूप व्यवहार अपेक्षित है वहीं नोटिस जारी होना अपने आप में अधिकारी को दोषी ठहराया जाना नहीं है।
सरकार को भी देना होगा कार्रवाई का हिसाब
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय और साकेत उपाध्याय उपस्थित हुए। राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने अदालत को आश्वासन दिया कि मामले को संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों के सामने रखा जाएगा और उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी इसके बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
जीएसबी कंस्ट्रक्शन के भूमि उपयोग विवाद से जुड़ा है मामला
यह मामला मेसर्स जीएसबी कंस्ट्रक्शन की भूमि के उपयोग से जुड़े विवाद की सुनवाई के दौरान सामने आया। याचिकाकर्ता के अनुसार मास्टर प्लान में संबंधित जमीन का उपयोग आवासीय था जबकि राजस्व या विभागीय रिकॉर्ड में उसे औद्योगिक दर्ज किए जाने का मुद्दा उठा। 3 अक्टूबर 2025 को जबलपुर के संयुक्त संचालक ने रिकॉर्ड में सुधार के संबंध में भोपाल को सिफारिश भेजी थी। इसके बावजूद बाद में पारित आदेश पर हाईकोर्ट ने सवाल उठाए और उसे महज दिखावा बताते हुए टिप्पणी की।
ALPASS पोर्टल पर आवेदन और समय सीमा में फैसला
भूमि उपयोग में संशोधन की प्रक्रिया के लिए हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता कंपनी को ALPASS पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के अनुसार संबंधित प्राधिकारी को सात दिनों के भीतर आवेदन अपलोड करने और स्वीकार करने की सुविधा उपलब्ध करानी होगी। आवेदन अपलोड होने की तारीख से चार सप्ताह के भीतर उस पर अंतिम निर्णय लेना होगा। फिलहाल हाईकोर्ट ने मामले को अगली सुनवाई के लिए 30 नवंबर 2026 को सूचीबद्ध किया है।

