कोलकाता से अफगानी नागरिक गिरफ्तार: MP एटीएस का एक्शन, जबलपुर में फर्जी पते से बनवाया था पासपोर्ट
Published:
3 min read

अफगानी नागरिक अकबर 20 साल से पश्चिम बंगाल में फर्जी तरीके से रह रहा था। (फाइल फोटो)
मध्य प्रदेश ATS (एंटी टेरेरिस्ट स्क्वाड) ने फर्जी पासपोर्ट केस में बड़े गिरोह का खुलासा किया है। ATS ने कोलकाता से अफगानी नागरिक को गिरफ्तार किया है। इससे पहले जबलपुर से भी एक अफगानी नागरिक पकड़ा गया था। इस पूरे नेटवर्क में चंदन नाम के व्यक्ति की भूमिका उजागर हुई है। अफगानी नागरिक अकबर ने जबलपुर के फर्जी पते का उपयोग करते हुए जाली पासपोर्ट बनवाया था। वह करीब 20 साल से पश्चिम बंगाल में फर्जी तरीके से रह रहा है। इससे पहले ATS ने अफगानी नागरिक सोहबत खान को गिरफ्तार किया था।
जबलपुर में बने फर्जी दस्तावेज
दरअसल, 3 दिन पहले ही छोटी ओमती के 8 नल क्षेत्र से अफगानी युवक शोहरत खान को एटीएस में गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने अकबर नाम के व्यक्ति के बारे में जानकारी दी थी। सोहबत के जरिए अकबर की मुलाकात जबलपुर के फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह से हुई थी। अकबर ने पासपोर्ट बनाने के लिए 1 लाख 20 हजार रुपए को दिए थे। जिसके बाद जबलपुर के फर्जी पते पर आधार कार्ड बनवाया और पासपोर्ट आवेदन प्रक्रिया पूरी की थी। अकबर को सत्यापन के दिन पासपोर्ट के लिए पासपोर्ट सेवा केंद्र में सत्यापन के लिए जबलपुर बुलाया और फिर वापस बांग्लादेश भेज दिया।
चंदन सिंह जो खुद को वकील बताता है। उसने फर्जी दस्तावेज तैयार करने में मदद की। वह वकील बनकर विभिन्न विभागों में जाकर कानूनी दस्तावेजों की प्रक्रिया को अंजाम देता था। डाक विभाग द्वारा भेजे जाने वाले पासपोर्ट का यह नियम है कि वह घर पर ही पहुंचाया जाता है, लेकिन यह गिरोह डाकिए को 3 हजार रुपये देकर रास्ते में ही पासपोर्ट ले लेते थे।
कैसे हुआ खुलासा?
कुछ दिन पहले अफगानी नागरिक सोहबत खान ने सोशल मीडिया पर AK-47 राइफल के साथ अपनी फोटो डाली थी। फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई, तो सोहबत खान एजेंसियों की नजर में आ गया। जांच में खुलासा हुआ है कि उसने फर्जी आधार कार्ड और फर्जी पासपोर्ट बनवाया। इससे पहले अकबर ने अपना अफगानी पासपोर्ट फाड़कर फेंक दिया था। हालांकि वह अफगानिस्तान जाना चाहता था, इसलिए उसने फर्जी पासपोर्ट नेटवर्क से संपर्क किया। इस तरह पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।
अकबर- सोहबत की कैसे हुई मुलाकात
सोहबत की तरह ही अकबर ने भारत में आने के बाद अपना असली अफगानी पासपोर्ट नष्ट कर दिया था। वह काम की तलाश में अलग-अलग शहरों में दर-दर भटकता रहा। बाद में वह कोलकाता में रहने लगा। वही उसकी मुलाकात सोहबत खान से हुई थी। उसने उसे फर्जी पासपोर्ट बनाने में मदद की।
अफगानी नागरिकों की तलाश जारी
ATS सूत्रों का कहना है कि इस नेटवर्क के जरिए कई अन्य अफगानी नागरिकों के भी फर्जी पासपोर्ट बनाए गए हैं। अब तक इस केस में दिनेश गर्ग, महेंद्र कुमार सुखदन, सोहबत खान, अकबर और चंदन सिंह की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस गिरोह से जुड़े और लोगों की तलाश में जुटी है और जल्द ही और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

