51 हजार दीपों से जगमगाया जबलपुर का गौरीघाट: लेजर शो और महाआरती से भव्य बना नर्मदा तट पर दीपोत्सव, मंत्री राकेश सिंह संग नेताओं ने देखी आतिशबाजी
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जबलपुर में दीपोत्सव 2026 पर 51 हजार दीपों से जगमगाया गौरीघाट।
जबलपुर। दीपावली की पूर्व संध्या पर संस्कारधानी जबलपुर का गौरीघाट 51 हजार दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। मां नर्मदा के पावन तट पर आयोजित दीपोत्सव जबलपुर 2026 में हजारों श्रद्धालुओं ने शामिल होकर दीप प्रज्वलित किए। शंखनाद, मंत्रोच्चार, मां नर्मदा अष्टक, महाआरती, लेजर शो और रंग-बिरंगी आतिशबाजी ने आयोजन को यादगार बना दिया। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के आह्वान पर आयोजित इस कार्यक्रम में शहर के विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों के साथ बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए।

51 हजार दीपों से रोशन हुए नर्मदा के सभी घाट
दीपोत्सव के दौरान गौरीघाट के सभी तटों पर दीपों की कतारें सजाई गईं। संतों के सानिध्य में जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं ने दीप जलाकर मां नर्मदा से जबलपुर, मध्य प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। शंख ध्वनि के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद सामूहिक रूप से मां नर्मदा अष्टक का पाठ किया गया और विधि-विधान से महाआरती संपन्न हुई।

परंपराओं में बसती है भारत की राष्ट्रीयता : राकेश सिंह
इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि हमारी परंपराओं में राष्ट्रीयता है और दीपोत्सव भारत की राष्ट्रीयता का उद्घोष है। यह आयोजन सनातन संस्कृति की अभिव्यक्ति, मां नर्मदा की भक्ति और सामूहिकता की शक्ति का संगम है। उन्होंने कहा कि हजारों दीपों का प्रकाश केवल घाटों को ही रोशन नहीं करता, बल्कि हमारी संस्कृति, संस्कारों और जीवन मूल्यों की याद भी दिलाता है उन्होंने कहा कि जब दीपोत्सव की शुरुआत की गई थी तब कल्पना नहीं थी कि यह आयोजन इतना बड़ा जनभागीदारी का उत्सव बन जाएगा। जबलपुर के नागरिकों की सहभागिता और मां नर्मदा के प्रति श्रद्धा ने इसे एक अलग पहचान दी है। यह केवल दीप जलाने का कार्यक्रम नहीं बल्कि अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का सामूहिक प्रयास है।

लेजर शो और आतिशबाजी ने मोहा मन
दीपोत्सव में सनातन संस्कृति और धार्मिक परंपराओं पर आधारित लेजर शो आकर्षण का केंद्र रहा। आधुनिक तकनीक और रंग-बिरंगी रोशनी के बीच प्रस्तुत इस शो ने लोगों का ध्यान खींचा वहीं 15 मिनट से अधिक समय तक हुई आतिशबाजी से आसमान रंगों से जगमगा उठा। एक ओर नर्मदा तट पर हजारों दीपों की रोशनी और दूसरी ओर आसमान में आतिशबाजी का नजारा देखने बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

संतों का मिला सानिध्य
आयोजन में जगद्गुरु स्वामी डॉ. नरसिंहदेवाचार्य, महामंडलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद, स्वामी बालगोविंदाचार्य, स्वामी गिरीशानंद सहित अनेक संतों और साध्वियों का सानिध्य मिला वहीं गायत्री परिवार, रोटरी क्लब, महाकौशल चेंबर ऑफ कॉमर्स, अधिवक्ता संघ, पंजाबी संघ, नाविक संघ, गौरीघाट व्यापारी संघ सहित 18 संगठनों के पदाधिकारियों और सदस्यों ने दीप प्रज्वलित कर आयोजन में भागीदारी की।

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में सांसद आशीष दुबे, विधायक अशोक रोहाणी, अभिलाष पांडे, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक संतोष बरकडे,भाजपा जिला अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, ग्रामीण अध्यक्ष राजकुमार पटेल, पूर्व महापौर प्रभात साहू, कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय और नगर निगम आयुक्त अग्रिम कुमार सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और सामाजिक संगठनों के सदस्य मौजूद रहे।
राकेश सिंह, लोक निर्माण मंत्री

