इंदौर के नशा मुक्ति केंद्र में युवक ने लगाई फांसी: नहाने के लिए वॉशरूम गया था सचिन, फंदे से लटका मिला शव, 70 से ज्यादा पेशेंट गेट फांदकर भागे
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इंदौर में पहचान नशा मुक्ति केंद्र में मरीज ने की आत्महत्या।
इंदौर। शहर के रावजी बाजार थाना क्षेत्र में संचालित पहचान नशा मुक्ति केंद्र में एक युवक की आत्महत्या के बाद हड़कंप मच गया। केंद्र में इलाज करा रहे सचिन लोधी ने वॉशरूम के अंदर फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के बाद जब केंद्र के कर्मचारी उसे अस्पताल लेकर पहुंचे तो वहां अफरा-तफरी का फायदा उठाकर 70 से अधिक मरीज केंद्र से फरार हो गए। मरीजों के मुख्य गेट का ताला खोलकर और बाउंड्रीवॉल फांदकर भागने की बात सामने आई है। घटना ने नशा मुक्ति केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी और प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नहाने के लिए वॉशरूम गया था युवक
जानकारी के अनुसार, सचिन लोधी सुबह नहाने की बात कहकर केंद्र के वॉशरूम में गया था। काफी देर तक बाहर नहीं आने पर केंद्र के कर्मचारियों को संदेह हुआ। करीब एक घंटे बाद सिक्योरिटी गार्ड ने दरवाजा तोड़ा तो सचिन अंदर फंदे पर लटका मिला। कर्मचारियों ने उसे तत्काल फंदे से नीचे उतारा और इलाज के लिए एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे। हालांकि, अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।
एक महीने से केंद्र में भर्ती था सचिन
मृतक के जीजा केशव लोधी के मुताबिक, सचिन को करीब एक महीने तीन दिन पहले पहचान नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि घटना वाले दिन सुबह ही उन्होंने केंद्र में पैसे और डिपॉजिट जमा किए थे। इसके कुछ ही समय बाद उन्हें फोन पर सचिन की आत्महत्या की सूचना दी गई। परिजनों ने केंद्र प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका सवाल है कि जब सचिन केंद्र में भर्ती था तो उसकी निगरानी और सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी? आखिर वॉशरूम के अंदर इतनी देर तक रहने के दौरान किसी कर्मचारी को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई?
युवक की मौत के बाद 70 से ज्यादा मरीज भागे
इस घटना के बाद केंद्र में एक और बड़ी स्थिति बन गई। रिहेब सेंटर के सुरक्षा अधिकारी बिट्टू ने बताया कि सचिन को सुबह नहाने के लिए भेजा गया था। इसी दौरान उसने वॉशरूम का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और आत्महत्या कर ली। सुरक्षा अधिकारी के मुताबिक, जब सचिन को अस्पताल ले जाने की तैयारी की जा रही थी, उसी दौरान केंद्र में भर्ती अन्य मरीज मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए।
मुख्य गेट का ताला और बाउंड्रीवॉल फांदकर निकले मरीज
रावजी बाजार थाना प्रभारी मनीष मिश्र ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। उन्होंने बताया कि जब केंद्र के कर्मचारी सचिन को अस्पताल लेकर जा रहे थे, तब वहां इलाज करा रहे 70 से अधिक मरीज मुख्य गेट का ताला खोलकर और बाउंड्रीवॉल फांदकर भाग निकले। घटना के बाद पुलिस फरार मरीजों की तलाश में जुट गई है। साथ ही उनके परिजनों से संपर्क कर उनकी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि सभी की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
सीसीटीवी फुटेज से जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब नशा मुक्ति केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि युवक ने किन परिस्थितियों में आत्महत्या की और घटना के समय केंद्र में सुरक्षा एवं निगरानी की क्या व्यवस्था थी। एक युवक की मौत और एक साथ 70 से अधिक मरीजों के फरार होने की घटना ने केंद्र के संचालन और सुरक्षा प्रबंधन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
केशव लोधी, मृतक के जीजा
बिट्टू सिंह, सुरक्षा अधिकारी, रिहेब सेंटर

