बारूद के ढेर पर बैठा ग्वालियर का गिरवाई पटाखा बाजार! : लाइसेंस किसी और का, किराए पर चल रही दुकानें; तय सीमा से 4 गुना अधिक स्टॉक
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ग्वालियर के गिरवाई स्थित थोक पटाखा बाजार में सुरक्षा मानकों की जमकर उड़ाई जा रही धज्जियां, AI फोटो।
ग्वालियर। गिरवाई बारूद के ढेर पर बैठा नजर आ रहा है। यहां पर जिन थोक पटाखा कारोबारियों को लाइसेंस देकर प्रशासन ने दुकानें आवंटित की हैं। उन्होंने इन दुकानों को किराए पर उठा दिया है और मोटी रकम वसूल रहे हैं। गिरवाई में चल रही थोक पटाखा दुकानों पर नियम-कायदों को ताक पर रख दिया गया है। ना तो यहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं और ना ही आग लगने पर उससे बचने के उपाय। दीपावली से पहले यहां लोगों की पटाखा खरीदने के लिए भारी भीड़ उमड़ती है। दावा किया जा रहा है कि यहां पर अन्य स्थानों की अपेक्षा महंगे पटाखे भी बिकते हैं।
14 दुकानें थोक कारोबार के लिए आवंटित
दीपावली नजदीक आते ही गिरवाई स्थित थोक पटाखा बाजार में आतिशबाजी का कारोबार पूरी रफ्तार से शुरू हो चुका है, लेकिन यह बाजार सुरक्षा के लिहाज से किसी बड़े खतरे की घंटी बन गया है। प्रशासन द्वारा गिरवाई में कुल 14 दुकानें थोक कारोबार के लिए आवंटित की गई हैं। लगभग 100 वर्ग फीट के आकार वाली इन दुकानों को लाइसेंसधारियों ने सालाना 10 से 15 लाख रुपए के भारी किराए पर दे दिया है। इन दुकानों के आगे और पीछे बड़े पैमाने पर अतिक्रमण भी किया गया है।
गोदामों में भरा तय सीमा से चार गुना स्टॉक
त्यौहार के इस सीजन में मुनाफा कमाने की होड़ में कारोबारियों ने सुरक्षा के सभी कायदों को ताक पर रख दिया है। कई दुकानों पर आग बुझाने वाले यंत्र केवल दिखावे के लिए रखे गए हैं, जो या तो काम के नहीं हैं या एक्सपायरी डेट के हो चुके हैं। बाजार में आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियां अक्सर नदारद रहती हैं। कारोबारियों को जितने पटाखे रखने की अनुमति दी गई है, उससे करीब चार गुना ज्यादा मात्रा में पटाखे और बारूद गोदामों व दुकानों में भरकर रखे गए हैं।
महंगे दामों के कारण फुटकर व्यापारी दूर, शिवकाशी से मंगा रहे माल
गिरवाई के इस थोक बाजार में दीपावली से पहले ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ती है, लेकिन स्थानीय जानकारों और व्यापारियों के अनुसार यहां अन्य स्थानों की तुलना में पटाखे काफी महंगे बेचे जाते हैं। स्थिति यह है कि शहर के मेलों और अन्य जगहों पर आतिशबाजी की दुकानें लगाने वाले फुटकर व्यापारी भी गिरवाई से माल खरीदने से कतराते हैं। मेले में दुकानें लगाने वाले कारोबारियों का कहना है कि गिरवाई के थोक बाजार में दरें बहुत ज्यादा हैं। इसके चलते वे सीधे तमिलनाडु के शिवकाशी से पटाखे मंगवाते हैं, जहां उन्हें किफायती दरों पर आतिशबाजी की एक से बढ़कर एक वैरायटी मिल जाती है।
"गिरवाई स्थित थोक पटाखा बाजार में दुकानदार नियम-कायदों का पालन नहीं कर रहे हैं। यहां पर बिकने वाले पटाखे महंगे होते हैं। इसलिए आतिशबाजी फुटकर विक्रेता संघ से जुड़े कारोबारी सीधे शिवकाशी से पटाखे मंगाते हैं।"
"गिरवाई स्थित थोक पटाखा बाजार की शिकायतें मिल रही थीं। इस पर शनिवार को टीम भेजकर जांच कराई गई है। टीम ने पटाखों के स्टॉक की भी जांच की है। सुरक्षा को लेकर भी टीमें यहां जांच करेंगी।"

