इटावा-कोटा एक्सप्रेस में गूंजी किलकारी: चलती ट्रेन में महिला ने बेटे को दिया जन्म, सहयात्रियों ने कराई डिलीवरी; बेबी को लेडी पुलिसकर्मी ने गोद में उठाया
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महिला को अचानक हुई प्रसव पीड़ा, सहयात्रियों ने करवाई डिलीवरी।
ग्वालियर। इटावा-कोटा एक्सप्रेस में रविवार शाम उस समय खुशी का माहौल बन गया, जब यात्रा के दौरान एक गर्भवती महिला ने बेटे को जन्म दिया। महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। उस वक्त ट्रेन शनिचरा रेलवे स्टेशन पर खड़ी थी। महिला की हालत देखते हुए सहयात्रियों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाए और उनकी सहायता से सुरक्षित प्रसव कराया गया। इसके बाद रेलवे के सुरक्षा और वाणिज्यिक विभाग के कर्मचारियों ने मां और नवजात को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। इस दौरान ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर एक महिला पुलिसकर्मी नवजात को गोद में लेकर अस्पताल की ओर जाती दिखाई दी। उसकी ममता और संवेदनशीलता की तस्वीर ने लोगों का ध्यान खींचा।
पति के साथ इटावा से गुना जा रही थी महिला
जानकारी के अनुसार, 25 वर्षीय रीना अपने पति के साथ इटावा से गुना जाने के लिए इटावा-कोटा एक्सप्रेस में सवार हुई थी। दंपती सामान्य टिकट लेकर यात्रा कर रहा था। रीना राजस्थान के बारां जिले के बीजना गांव की रहने वाली है। यात्रा के दौरान अचानक उसे प्रसव पीड़ा होने लगी। उस समय ट्रेन शनिचरा रेलवे स्टेशन पर खड़ी थी।
सहयात्रियों की मदद से ट्रेन में कराया प्रसव
महिला की हालत बिगड़ती देख ट्रेन में मौजूद सहयात्रियों ने उसकी मदद की। सभी ने मिलकर प्रसव कराने में सहयोग किया। कुछ ही देर में रीना ने बेटे को जन्म दिया। ट्रेन में अचानक हुई इस घटना के बीच सहयात्रियों की मदद से प्रसव संपन्न हुआ। इसके बाद मां और नवजात को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई।
नवजात को गोद में लेकर अस्पताल पहुंची महिला पुलिसकर्मी
प्रसव के बाद रेलवे सुरक्षा और वाणिज्यिक विभाग के कर्मचारियों ने महिला और नवजात को अस्पताल पहुंचाने के लिए जरूरी इंतजाम किए। ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर एक महिला पुलिसकर्मी नवजात को अपनी गोद में लेकर अस्पताल की ओर जाती नजर आई। उसके चेहरे पर दिख रहा स्नेह और बच्चे के प्रति अपनापन इस पूरे घटनाक्रम का भावुक पहलू बन गया।
सहयात्रियों और रेलवे कर्मचारियों की मदद आई काम
रेल यात्रा के दौरान अचानक आई इस मुश्किल घड़ी में सहयात्रियों और रेलवे कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए मां और बच्चे की मदद की। समय पर सहयोग मिलने से दोनों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था हो सकी, जहां उन्हें जरूरी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। घटना ने एक बार फिर मुश्किल समय में मानवीय संवेदना और आपसी सहयोग की अहमियत को सामने रखा।

