ग्वालियर में चादर तान सोती रही छतरपुर पुलिस: हथकड़ी समेत चोरी का आरोपी फरार, डॉक्टर न मिलने पर रिश्तेदार के फ्लैट पर कैदी को ले गए थे जवान
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ग्वालियर: ट्रॉमा सेंटर इलाज के लिए लाया गया चोरी का कैदी फरार, फाइल फोटो।
ग्वालियर। चोरी के मामले में पकड़े गए एक बंदी को हाथ में चोट लगने पर इलाज के लिए ग्वालियर लेकर आए छतरपुर पुलिस के तीन जवानों की लापरवाही सामने आई है। शनिवार तड़के जवान बंदी को अस्पताल ले जाने के बाद विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र स्थित लोटस विला में एक रिश्तेदार के फ्लैट पर ले गए। यहां बंदी को हथकड़ी लगाकर आराम करने की बात कहकर पुलिसकर्मी सो गए। सुबह करीब सात बजे जब उनकी नींद खुली तो बंदी हथकड़ी समेत गायब था।
काफी तलाश करने के बाद भी उसका पता नहीं चला तो पुलिसकर्मियों ने अधिकारियों को सूचना दी और विश्वविद्यालय थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर फरार बंदी की तलाश शुरू कर दी है। वहीं, बंदी के होटल में खाना खाते हुए एक वीडियो मिलने की जानकारी भी सामने आई है।
हाथ में चोट लगने पर जांच के लिए ग्वालियर लाए थे बंदी
सीएसपी विश्वविद्यालय रवि भदौरिया के मुताबिक, छतरपुर पुलिस में पदस्थ आरक्षक विजय यादव, शुभम शर्मा और संदीप चोरी के आरोप में पकड़े गए सन्नी पाल को ग्वालियर लेकर आए थे। सन्नी पाल पुत्र वीरेंद्र पाल (30) उत्तराखंड का निवासी बताया गया है। उसके हाथ में चोट लगी थी, जिसके कारण उसे चिकित्सकीय जांच के लिए ग्वालियर लाया गया था। शनिवार तड़के करीब चार बजे पुलिसकर्मी बंदी को लेकर ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। हालांकि, रात का समय होने के कारण वहां डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे। अस्पताल की ओर से उन्हें सुबह आने के लिए कहा गया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने बंदी को लेकर कहां रुकना है, इसका फैसला किया।
थाने में रखने के बजाय रिश्तेदार के फ्लैट पर ले गए
जानकारी के अनुसार, आरक्षक शुभम शर्मा के भाई गौरव शर्मा लोटस विला में फ्लैट लेकर रहते हैं। पुलिसकर्मी बंदी सन्नी पाल को लेकर गौरव शर्मा के फ्लैट पर पहुंच गए। वहां बंदी को हथकड़ी लगाई गई और कुछ देर आराम करने की बात कहकर तीनों पुलिसकर्मी सो गए। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बंदी को नजदीकी थाने में रखा जाना चाहिए था, लेकिन जवान उसे रिश्तेदार के फ्लैट पर ले गए। आरोप है कि पहरा ड्यूटी से बचने के लिए उन्होंने ऐसा किया। इस दौरान बंदी की निगरानी में लापरवाही बरती गई।
सुबह आंख खुली तो हथकड़ी समेत गायब मिला बंदी
पुलिसकर्मियों की आंख सुबह करीब सात बजे खुली तो सन्नी पाल वहां मौजूद नहीं था। वह हथकड़ी समेत फरार हो चुका था। बंदी के गायब होने का पता चलते ही जवानों में हड़कंप मच गया। उन्होंने आसपास के इलाकों में उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दी और विश्वविद्यालय थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय थाना पुलिस भी फरार बंदी की तलाश में जुट गई है।
होटल में खाना खाते हुए वीडियो मिलने की चर्चा
इस मामले में पुलिस को एक वीडियो मिलने की जानकारी भी सामने आई है, जिसमें आरोपी होटल में खाना खाते हुए दिखाई दे रहा है। पुलिस इस वीडियो के आधार पर बंदी की गतिविधियों और संभावित ठिकानों के संबंध में जानकारी जुटा सकती है। हालांकि, वीडियो कब और कहां का है, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिसकर्मियों की लापरवाही पर उठे सवाल
बंदी का हथकड़ी समेत फरार हो जाना पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। बंदी को अस्पताल में जांच के लिए लाया गया था, लेकिन उसे थाने में रखने के बजाय निजी फ्लैट पर ले जाना और बिना निगरानी के सो जाना गंभीर लापरवाही के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और फरार सन्नी पाल की तलाश की जा रही है। मामले में संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका और जिम्मेदारी को लेकर भी जांच की जा रही है।
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फरार कैदी सनी पाल का खाना खाने के दौरान का वीडियो

