दिग्विजय की 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' का पहला चरण पूरा: पाटई आश्रम में जनसभा, राम मंदिर और SIR को लेकर सरकार पर साधा निशाना
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धार्मिक अनुष्ठान, हनुमान जी की पूजा और आरती के बाद दिग्विजय सिंह ने जनसभा को संबोधित किया।
गुना। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' का पहला चरण पूरा हो गया है। यात्रा के 17वें दिन गुरुवार को राघौगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पाटई आश्रम में यात्रा का पड़ाव रहा। यहां धार्मिक अनुष्ठान, हनुमान जी की पूजा और आरती के बाद दिग्विजय सिंह ने जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और समर्थक मौजूद रहे। सभा में उन्होंने लोगों का आभार जताते हुए कहा कि यात्रा के दौरान उन्हें जिस तरह से जनता का प्यार, सहयोग और समर्थन मिला है, वह उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
पाटई आश्रम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दिग्विजय सिंह ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने राम मंदिर के चंदे में कथित गड़बड़ी और चुनाव प्रणाली को लेकर केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए निष्पक्ष चुनाव और जनता के मतदान के अधिकारों की सुरक्षा बेहद जरूरी है।
राम मंदिर के चंदे का मुद्दा उठाया
सभा को संबोधित करते हुए दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्र किए गए चंदे का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान SIT ने राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती के समय रकम चोरी होने की बात स्वीकार की थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन लोगों को इस मामले में दोषी बताया जा रहा है, उनके नाम FIR में दर्ज नहीं हैं, जबकि एक आरोपी को सरकारी गवाह बना दिया गया है।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि राम मंदिर के चंदे से जुड़े मामले में दोषियों को सजा दिलाने और कथित वोट चोरी के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 1993 से राम मंदिर निर्माण के चंदे का हिसाब मांगने का मुद्दा उनके संघर्ष का हिस्सा रहा है। इसी दौरान उन्होंने महंत लालदास की हत्या का भी जिक्र किया और इस पूरे मामले में पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर दिया।
बोले- लोकतंत्र की स्थिति चिंताजनक
दिग्विजय सिंह ने अपने संबोधन में लोकतंत्र की मौजूदा स्थिति को चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि आज देश के सामने लोकतंत्र को बचाने और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की बड़ी चुनौती है। जनता को अपने प्रतिनिधि और उम्मीदवार चुनने का पूरा अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पक्षपात के आरोप लगाए।
उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को समान अवसर मिलने चाहिए। चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना चुनाव आयोग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
जयवर्धन सिंह के लिए मांगा समर्थन
सभा के दौरान दिग्विजय सिंह भावुक भी नजर आए। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि, जिस तरह उन्हें हमेशा प्यार और सहयोग मिलता रहा है, उसी तरह उनके पुत्र एवं पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह को भी अपना समर्थन और आशीर्वाद दें। उन्होंने कहा कि जयवर्धन सिंह जनता के बीच रहकर उनकी सेवा करते रहें, इसके लिए लोगों का सहयोग जरूरी है।
वहीं इस अवसर पर उन्होंने सभी लोगों को धनतेरस की शुभकामनाएं भी दीं। साथ ही बताया कि उनकी माता का जन्म भी धनतेरस के दिन हुआ था। इस बात का जिक्र करते हुए उन्होंने उपस्थित लोगों के साथ अपना भावनात्मक जुड़ाव साझा किया।
11 नवंबर से फिर शुरू होगी यात्रा
पाटई आश्रम में पड़ाव के बाद यात्रा प्रबंधन ने 6 नवंबर से 10 नवंबर तक पांच दिनों के विश्राम की घोषणा की है। इस दौरान यात्रा में शामिल लोग आराम करेंगे और अगले चरण की तैयारियां की जाएंगी। पांच दिन के विराम के बाद 11 नवंबर को 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' पाटई आश्रम से दोबारा रवाना होगी। इसके साथ ही यात्रा के दूसरे चरण का सफर शुरू हो जाएगा।


