गुना में 10 साल के बच्चे के अपहरण मामले में आदतन अपराधी गिरफ्तार: जांच में हत्या, पॉक्सो और किडनैपिंग समेत कई गंभीर अपराधों का पुराना रिकॉर्ड आया सामने
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पुलिस कार्रवाई में बालिग के अपहरण और यौन अपराध में सजा का रिकॉर्ड आया सामने
गुना। 10 साल के बच्चे के लापता होने के मामले में गिरफ्तार शिवकुमार हल्के उर्फ भूपत सिंह की पुरानी आपराधिक हिस्ट्री सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। उपलब्ध पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी के खिलाफ अलग-अलग थानों में हत्या, अपहरण, मारपीट, चोरी और यौन अपराधों से संबंधित मामले दर्ज रहे हैं। इनमें पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामला भी शामिल है। कुछ मामलों में आरोपी बरी हुआ, जबकि हत्या का एक मामला अदालत में विचाराधीन बताया गया है।
बच्चे को खाने का लालच देकर जंगल ले जाने का आरोप
जानकारी के अनुसार, गुना के कैंट थाना क्षेत्र में 16 अक्टूबर 2026 को 10 वर्षीय बच्चा लापता हो गया था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तलाश शुरू की और सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। इस दौरान शिवकुमार हल्के उर्फ भूपत सिंह रघुवंशी का नाम सामने आया। पुलिस ने उसे 18 अक्टूबर को गिरफ्तार किया। बच्चे के बयान के मुताबिक, गुलाबगंज रेलवे पटरी के पास एक व्यक्ति उसे खाने का लालच देकर जंगल की ओर ले गया था। आरोप है कि वहां उसके साथ मारपीट की गई और हाथ-पैर बांध दिए गए। बताया गया कि आरोपी के नशे की हालत में बेहोश होने के दौरान बच्चे ने खुद को छुड़ाया और वहां से भागकर अपनी नानी के घर पहुंचा। इसके बाद उसने परिजनों को घटना की जानकारी दी।
2013 के मामले में साक्ष्य के अभाव में बरी
आरोपी शिवकुमार हल्के उर्फ हल्के, पिता जसवंत रघुवंशी, निवासी ग्राम क्षेत्रपाल, थाना आरोन के खिलाफ वर्ष 2013 में आरोन थाने में मारपीट और अन्य आरोपों से संबंधित मामला दर्ज होने का रिकॉर्ड बताया गया है। इसमें आईपीसी की धारा 294, 323, 324, 34, 341 और 506 का उल्लेख है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, साक्ष्य के अभाव में आरोपी इस मामले में बरी हो गया था।
2014 में भी दर्ज हुआ था मामला
वर्ष 2014 में आरोन थाने में एक लड़के को खंडहर में ले जाकर मारपीट करने और गलत हरकत करने के आरोप में मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इसमें आईपीसी की धारा 377 और एससी-एसटी एक्ट का उल्लेख बताया गया है। रिकॉर्ड के मुताबिक, इस मामले में भी आरोपी साक्ष्य के अभाव में बरी हो गया था।
हत्या के मामले में अदालत में विचाराधीन है केस
रिकॉर्ड के अनुसार, 5 अक्टूबर 2022 को सुनील अहिरवार की हत्या के मामले में आरोपी के खिलाफ आरोन थाने में केस दर्ज हुआ था। आरोप है कि सुनील को बाइक पर बैठाकर ले जाने के बाद उसकी गला दबाकर हत्या की गई और साक्ष्य मिटाने के लिए शव के टुकड़े कर अलग-अलग स्थानों पर नदी में बहा दिए गए। इस मामले में आईपीसी की धारा 201, 302 और 365 के साथ एससी-एसटी एक्ट का उल्लेख है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शव नहीं मिलने के कारण मामला अदालत में विचाराधीन है और आरोपी जमानत पर था। इन आरोपों पर अंतिम न्यायिक निर्णय होना बाकी है।
नाबालिग के अपहरण और यौन अपराध में सजा का रिकॉर्ड
अशोकनगर जिले के कचनार थाना क्षेत्र में भी आरोपी के खिलाफ नाबालिग के अपहरण और यौन अपराध से संबंधित मामला दर्ज होने की जानकारी है। इसमें आईपीसी की धारा 363, 366-A, 376(2)(n), 506 और पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 का उल्लेख बताया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस मामले में अदालत ने आरोपी को सात वर्ष की सजा सुनाई थी। इसके अलावा, अशोकनगर कोतवाली में आरोपी के खिलाफ चोरी से संबंधित मामला दर्ज होने का भी रिकॉर्ड बताया गया है। इसमें आईपीसी की धारा 379 का उल्लेख है।

पुराने रिकॉर्ड और मौजूदा मामले की जांच
पुलिस पूछताछ से सामने आई जानकारी के अनुसार, आरोपी पर अकेले मिलने वाले बच्चों को खाने या चॉकलेट का लालच देकर अपने साथ ले जाने का आरोप है। मौजूदा मामले में भी बच्चे को खाने का लालच देकर जंगल की ओर ले जाने की बात सामने आई है। फिलहाल कैंट थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस पुराने मामलों के रिकॉर्ड और मौजूदा घटना के तथ्यों की पड़ताल कर रही है। आरोपी के खिलाफ दर्ज पुराने मामलों में आरोप, दोषसिद्धि और बरी होने की स्थिति अलग-अलग है, इसलिए प्रत्येक मामले की कानूनी स्थिति को अलग-अलग देखना जरूरी है।

आरोपी
सैफ़ा हाशमी, CSP

