मध्य प्रदेश में मेडिकल छात्रों की बल्ले-बल्ले!: ग्वालियर GRMC में पीजी की बढ़ीं सीटें, अब 227 विद्यार्थियों को मिलेगा प्रवेश; डीन का लक्ष्य 300 सीटों तक पहुंचाना
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जीआरएमसी में पीजी की 32 सीटें बढ़ीं,
ग्वालियर। गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय (जीआरएमसी) में मेडिकल की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) ने महाविद्यालय के 10 विभागों में पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजी) की 32 अतिरिक्त सीटें बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इसके बाद जीआरएमसी में पीजी की कुल सीटों की संख्या 195 से बढ़कर 227 हो गई है। एनएमसी सचिव डॉ. राघव लंगर ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। सीटों में वृद्धि के बाद महाविद्यालय में पीजी की कुल सीटों में करीब 16 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
एनएमसी की इस मंजूरी से मेडिकल विद्यार्थियों को विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के अधिक अवसर मिलेंगे। वहीं, भविष्य में ग्वालियर सहित पूरे अंचल को विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञों की उपलब्धता के लिहाज से लाभ मिलने की उम्मीद है। मेडिसिन, सर्जरी, गायनेकोलॉजी, पैथोलॉजी और फार्माकोलॉजी सहित 10 विभागों में पीजी की सीटें बढ़ाई गई हैं।
फार्माकोलॉजी और पैथोलॉजी में सबसे ज्यादा बढ़ीं सीटें
जीआरएमसी में पीजी सीटों की वृद्धि में फार्माकोलॉजी और पैथोलॉजी विभाग प्रमुख रहे हैं। फार्माकोलॉजी विभाग में पहले पीजी की तीन सीटें थीं, जिन्हें बढ़ाकर आठ कर दिया गया है। इस विभाग में पांच अतिरिक्त सीटों की मंजूरी मिली है। इसी तरह पैथोलॉजी विभाग में पहले 13 पीजी सीटें थीं। एनएमसी की मंजूरी के बाद इनकी संख्या बढ़कर 19 हो गई है। यहां छह अतिरिक्त सीटें बढ़ाई गई हैं, जो सभी विभागों में सबसे अधिक हैं।
इसके अलावा मेडिसिन, सर्जरी और गायनेकोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण विभागों में भी चार-चार सीटों की वृद्धि की गई है। एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और ऑर्थोपेडिक्स में दो-दो सीटें बढ़ाई गई हैं, जबकि रेडियोलॉजी विभाग में एक अतिरिक्त सीट को मंजूरी मिली है।

संसाधन, फैकल्टी और शैक्षणिक व्यवस्थाओं के प्रयासों को मिली सफलता
जीआरएमसी प्रबंधन की ओर से पीजी सीटों में वृद्धि के लिए लंबे समय से प्रयास किए जा रहे थे। इसके तहत महाविद्यालय में आवश्यक संसाधनों, फैकल्टी और शैक्षणिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा था। एनएमसी की मंजूरी को महाविद्यालय प्रबंधन के इन्हीं प्रयासों की सफलता के रूप में देखा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि जीआरएमसी में सुपर स्पेशलिटी की सीटों को मिलाकर अब तक पीजी की कुल 195 सीटें थीं। 10 विभागों में 32 अतिरिक्त सीटें मिलने के बाद यह संख्या बढ़कर 227 हो गई है। इससे मेडिकल विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए अधिक अवसर उपलब्ध होंगे।
पीजी की सीटें 300 तक पहुंचाने का लक्ष्य
जीआरएमसी के अधिष्ठाता डॉ. आरकेएस धाकड़ ने कहा कि महाविद्यालय में पीजी की 32 सीटें बढ़ी हैं। अब कुल संख्या 195 से बढ़कर 227 हो गई है। महाविद्यालय का लक्ष्य पीजी की सीटों की संख्या 300 तक पहुंचाना है, जिसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पीजी सीटों में वृद्धि के साथ ही कुछ नए कोर्स शुरू करने की भी तैयारी की जा रही है। इन कोर्सों के माध्यम से ऐसे विशेषज्ञ डॉक्टर तैयार करने का प्रयास है, जिनके इलाज के लिए वर्तमान में मरीजों को दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। डॉ. धाकड़ ने कहा कि सीटों में वृद्धि महाविद्यालय की पूरी टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए सभी संबंधित अधिकारियों, फैकल्टी और कर्मचारियों को बधाई दी।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद
जीआरएमसी में पीजी सीटों की संख्या बढ़ने से मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में महाविद्यालय की क्षमता मजबूत होगी। अधिक विद्यार्थियों को विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही भविष्य में ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है। महाविद्यालय प्रबंधन अब पीजी सीटों की संख्या 300 तक पहुंचाने और नए पाठ्यक्रम शुरू करने की दिशा में प्रयासरत है। इससे ग्वालियर को चिकित्सा शिक्षा के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में और मजबूती मिलने की संभावना है।

