भोपाल में बॉलीवुड का 'राजा बाबू': मां के आंसू पोंछने के लिए 14 साल की उम्र में हीरो बनने निकल पड़ा, गोविंदा का दावा- अब ‘रूपा’ से करूंगा इंडस्ट्री में वापसी
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बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा भोपाल के इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के वार्षिकोत्सव में शामिल हुए।
भोपाल। फिल्म अभिनेता गोविंदा ने अपने चिर-परिचित अंदाज में भोपाल में पत्रकारों से खुलकर बातचीत की। इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के वार्षिकोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने पहुंचे गोविंदा ने कार्यक्रम के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रील और रियल लाइफ, अपने संघर्ष, मां के प्रति भावनाओं, फिल्मों से दूरी और वापसी जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी। बातचीत के दौरान उन्होंने बचपन का एक ऐसा किस्सा भी सुनाया, जिसे उनके मुताबिक उन्होंने पहले कभी सार्वजनिक रूप से साझा नहीं किया था। उन्होंने बताया कि मां को तकलीफ में देखकर उनके मन में बहुत कम उम्र से ही उन्हें हर दुख से बाहर निकालने और बड़ा आदमी बनने की जिद पैदा हो गई थी।
गोविंदा ने कहा कि प्रयोग कितना भी विपरीत क्यों न हो, दिल से निकली आवाज आखिरकार दिल तक पहुंचती है। उन्होंने सकारात्मक सोच का संदेश देते हुए कहा कि जो अच्छा है, वह करीब आए और जो बुरा है, वह दूर हो जाए। साल 2026 के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यह समय अब विदा हो रहा है और इस दौरान जीवन ने बहुत कुछ सिखाया है।
मां के दुख दूर करने के लिए 14 साल की उम्र में शुरू किया संघर्ष
अपने बचपन और फिल्मी सफर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए गोविंदा भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि बच्चों को ईमानदारी से पढ़ाई करनी चाहिए, लेकिन इसके साथ यह समझना भी जरूरी है कि वे जिस मुकाम तक पहुंचे हैं, उसके पीछे माता-पिता की कितनी मेहनत और त्याग है। बड़े स्कूलों में पढ़ने और अच्छी सुविधाएं मिलने के पीछे परिवार का संघर्ष होता है, इसे कभी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने बताया कि बचपन में मां को परेशानियों से जूझते देखकर उन्हें बहुत पीड़ा होती थी। मन में यही इच्छा रहती थी कि किसी तरह मां के सारे दुख-दर्द दूर कर दें। इसी सोच के साथ महज 14 साल की उम्र में वह फिल्म स्टूडियो और फिल्म निर्माण से जुड़े लोगों के पास काम मांगने जाने लगे थे। कई बार निर्देशक उन्हें यह कहकर लौटा देते थे कि अभी बच्चे हो, जवान होने के बाद आना। लेकिन गोविंदा को भरोसा था कि एक दिन वह हीरो जरूर बनेंगे।
मां की डांट खाई, हवलदार ने भी पहचान ली थी जिद
गोविंदा ने अपने संघर्ष के दिनों का एक दिलचस्प किस्सा साझा करते हुए बताया कि फिल्म में काम पाने की धुन में वह कई बार बिना बताए घर से निकल जाते थे। इस वजह से माता-पिता से डांट भी पड़ती थी। उन्होंने कहा कि एक बार तो उन्हें एक हवलदार ने हिरासत में ले लिया था। जब उनसे पूछा गया कि ऐसी गलती क्यों की, तो उन्होंने अपनी मां की तकलीफ दूर करने और बड़ा आदमी बनने की इच्छा जाहिर की।
गोविंदा के मुताबिक, उनकी बात सुनकर हवलदार भावुक हो गया और उसने इंस्पेक्टर से उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने की बात कही। इसी दौरान एक इंस्पेक्टर ने उनसे कहा था कि उनमें अलग तरह का जुनून है और वे जीवन में बहुत आगे जाएंगे। जब उनसे पूछा गया कि वह कितना बड़ा आदमी बनना चाहते हैं, तो उनका जवाब था कि वह ऐसा मुकाम हासिल करना चाहते हैं, जहां लोग यह सोचने पर मजबूर हो जाएं कि गांव से निकला कोई व्यक्ति इतनी ऊंचाई तक कैसे पहुंच सकता है।
मां ने दी गायत्री मंत्र जपने की सलाह
अभिनेता ने बताया कि उनकी मां ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए 14 से 21 वर्ष की उम्र तक गायत्री मंत्र का जाप करने की सलाह दी थी। उन्होंने मां की बात मानी। गोविंदा ने कहा कि 21 वर्ष की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते उन्हें अपने शरीर में बदलाव महसूस हुआ और बीमारियां भी खत्म होने लगीं। इसके बाद लोगों ने उन्हें हीरो जैसा दिखने की बात कहना शुरू कर दिया। उन्होंने इस अनुभव को अपने जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों में से एक बताया।
'रूपा’ से करेंगे वापसी, बोले- बॉलीवुड नहीं हिंदी सिनेमा कहिए
फिल्मों से दूरी बनाने के सवाल पर गोविंदा ने कहा कि जब कोई व्यक्ति जरूरत से ज्यादा पढ़ लेता है या जरूरत से ज्यादा देख लेता है, तो कई बार उसके भीतर सामंजस्य नहीं रह पाता। हालांकि, इस सवाल पर उन्होंने विस्तार से बात करने से परहेज किया। राजनीति को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें यह शब्द पसंद नहीं है और राजनीति उन्हें रास नहीं आई। गोविंदा ने अपनी फिल्मी वापसी को लेकर कहा कि वह जल्द ही फिल्म ‘रूपा’ के जरिए इंडस्ट्री में वापसी करेंगे। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट को शुरू करने के पीछे एक खास सोच और रूपरेखा थी, जिसे उन्हें दिखाया और समझाया गया था। इसी बातचीत में उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री को ‘बॉलीवुड’ कहे जाने पर भी अपनी असहमति जताई। उनका कहना था कि उन्हें और अमिताभ बच्चन को ‘बॉलीवुड’ शब्द पसंद नहीं है। इसे हिंदी सिनेमा के नाम से ही पहचाना जाना चाहिए।
वेब सीरीज के कंटेंट पर बोले- जिसे जो पसंद है, वही देखें
वेब सीरीज में परोसे जा रहे आपत्तिजनक और अशोभनीय कंटेंट को लेकर पूछे गए सवाल पर गोविंदा ने कहा कि इंडस्ट्री में हर तरह की सामग्री मौजूद है। जिसे जो पसंद है, वह उसे देख सकता है और जिसे कुछ पसंद नहीं है, वह उसे न देखे। उन्होंने दर्शकों की पसंद को व्यक्तिगत बताते हुए इस विषय पर अपनी बात रखी।

परंपरा से ‘प्रगति तक’ थीम पर आयोजित हुआ समारोह
भोपाल के मिसरोद स्थित इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, का वार्षिकोत्सव शनिवार शाम से ढलती रात तक सांस्कृतिक रंगों, उत्साह और आकर्षक प्रस्तुतियों के बीच धूमधाम से मनाया गया। परंपरा से ‘प्रगति तक’ थीम पर आयोजित समारोह में बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनकी मौजूदगी ने विद्यार्थियों और अभिभावकों के उत्साह को और बढ़ा दिया। कार्यक्रम में बच्चों ने नृत्य, नाटक और रंगारंग प्रस्तुतियों के जरिए भारतीय सभ्यता और संस्कृति से लेकर आधुनिक युग तक की विकास यात्रा को मंच पर जीवंत किया। उससे पहले समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि गोविंदा, स्कूल के चेयरमैन अशोक नंदा, वाइस चेयरमैन आलोक नंदा, डायरेक्टर अरुणा नंदा और प्राचार्या दीप्ति सिंह सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस मौके पर पुलिस कमिश्नर संजय कुमार सेज ग्रुप के सीएमडी इंजीनियर संजीव अग्रवाल के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का पेरेंट्स मौजूद रहे।
गोविंद ने डांस कर आयोजन में लगा दिए चार चांद
गोविंद जैसे ही मंच पर आए पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा, गोविंदा ने भी सबक हाथ उठाकर अभिवादन स्वीकार किया। इस दौरान बच्चों के अभिभावक अपने चहिते अभिनेता को मोबाइल में कैद करने के लिए उत्सुक होते हुए नजर आए। गोविंदा ने भी अपनी सुपर डुपर हिट फिल्मों के गानों पर बच्चों के साथ ठुमके लगाकर उनका उत्साहवर्धन किया। आईपीएस स्कूल के वार्षिक उत्सव मंच पर उन्होंने चलो इश्क लड़ाएं... दिल बहलता है मेरा आपके आ जाने से... बड़े मियां तो बड़े मियां छोटे मियां सुब्हान अल्लाह... में तो रस्ते से जा रहा था तुझे मिर्ची लगी तो में क्या करूं... सोना कितना सोना है सोने जैसा तेरा मन... यूपी वाला ठुमका लगाओ हीरो जैसे नाच के दिखाओ...पर नृत्य कर आयोजन में चार चांद लगा दिए। इसके बाद विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का सिलसिला शुरू हुआ। बच्चों ने अपनी कला, अभिनय और नृत्य कौशल से दर्शकों का मन मोह लिया।
गोविंदा, फिल्म अभिनेता
गोविंदा, फिल्म अभिनेता

