धार में यात्री बस में लगी भीषण आग: खिड़कियां तोड़कर कूदे यात्री, ड्राइवर फरार; सूरत से जा रही थी कानपुर
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सूचना मिलते ही पुलिस ने मोर्चा संभाला और ट्रैफिक डायवर्ट किया।
धार। गुजरात के सूरत से उत्तर प्रदेश के कानपुर जा रही एक यात्री बस में सोमवार देर रात करीब 1:10 बजे अचानक भीषण आग लग गई। हादसा धार जिले के सरदारपुर नगर स्थित भोपावर चौकी के पास हुआ। बस में धुआं उठता देख चालक वाहन को रास्ते में ही छोड़कर फरार हो गया। देखते ही देखते बस धुएं और आग की चपेट में आ गई।
धुआं भरते ही यात्रियों में मची चीख-पुकार
बस के अंदर धुआं भरते ही यात्रियों में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए कुछ यात्री मुख्य दरवाजे से बाहर निकले, जबकि कई यात्रियों को खिड़कियों के कांच तोड़कर बाहर कूदना पड़ा। हादसे में कुछ लोगों को मामूली चोटें आई हैं। हालांकि, अधिकांश यात्रियों का कीमती सामान, नगदी और कपड़े आग में जलकर खाक हो गए।
सूचना मिलते ही पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही सरदारपुर एसडीओपी विश्वदीप सिंह परिहार और थाना प्रभारी अनिल जाधव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर मार्ग के एक हिस्से को बंद कर दिया और यातायात को डायवर्ट कर दूसरी ओर से निकाला गया। इसके बाद दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन तब तक बस क्रमांक UP 83 BT 3947 पूरी तरह जल चुकी थी।
दाहोद में चार घंटे कराया गया था बस का काम
यात्रियों ने बताया कि सूरत और गुजरात के अन्य शहरों से रवाना हुई बस को दाहोद के पास एक होटल पर करीब चार घंटे तक रोका गया था। इस दौरान बस में कुछ तकनीकी मरम्मत कराई गई थी। मरम्मत के बाद बस को आगे कानपुर के लिए रवाना किया गया था। ऐसे में आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
पहले बेटे को खिड़की से निकाला, फिर खुद कूदी मां
कानपुर निवासी यात्री नीलम पाल ने हादसे की आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि वह अपने 8 वर्षीय बेटे के साथ गांव जा रही थीं। अचानक बस में धुआं भरने लगा तो यात्रियों में भगदड़ मच गई। नीलम ने सूझबूझ दिखाते हुए सबसे पहले अपने मासूम बेटे को खिड़की के रास्ते बाहर निकाला और इसके बाद खुद भी बाहर कूदकर जान बचाई। उन्होंने बताया कि आग में उनका बैग जल गया, जिसमें रुपये, चांदी की पायजेब और कपड़े रखे हुए थे। हादसे में जान तो बच गई, लेकिन उनका कीमती सामान आग की भेंट चढ़ गया।
प्रभावित यात्रियों को दूसरी बसों से भेजा गया
हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन ने यात्रियों की मदद के लिए तत्काल व्यवस्था की। इंदौर की ओर जाने वाली अन्य यात्री बसों को रुकवाया गया और प्रभावित यात्रियों को उनके गंतव्य और आवश्यकता के अनुसार दूसरी बसों में बैठाकर रवाना किया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि चलती बस में आग कैसे लगी और दाहोद में कराई गई तकनीकी मरम्मत के बाद भी बस में यह हादसा किन कारणों से हुआ।
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