धार में ड्रोन से पकड़ाई 50 करोड़ की गांजे की खेती : 172 क्विंटल माल जब्त, एक माह में 25 केस दर्ज, 15 आरोपी गिरफ्तार
Published:
3 min read

जब्त की गई गांजे की कीमत करीब 50 करोड़ बताई गई, AI जनरेटेड फोटो।
धार। जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती और तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ऑपरेशन प्रहार के तहत ड्रोन सर्विलांस की मदद से दुर्गम और पहाड़ी इलाकों में चलाए गए सर्च ऑपरेशन में अब तक 172 क्विंटल अवैध गांजा जब्त किया गया है। पुलिस के मुताबिक, जब्त गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 45 से 50 करोड़ रुपए आंकी गई है। पुलिस अब ड्रोन के जरिए जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में निगरानी कर अवैध खेती के ठिकानों का पता लगा रही है।

कपास और मक्के की फसल के बीच छिपाकर उगा रहे थे गांजा
एडिशनल एसपी विजय डावर ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जिलेभर में ड्रोन की मदद से निगरानी की जा रही है। इस तकनीक के जरिए ऐसे दुर्गम और पहाड़ी इलाकों की पहचान की जा रही है, जहां सामान्य रूप से पहुंचना मुश्किल है। मनावर थाना क्षेत्र में पुलिस ने अकेले 67 क्विंटल अवैध गांजा जब्त किया है। यहां गांजे की खेती कपास और मक्के की फसल के बीच छिपाकर की जा रही थी, ताकि सामान्य निगरानी के दौरान इसका पता नहीं चल सके। ड्रोन सर्विलांस की मदद से पुलिस ने इन खेतों को चिह्नित कर कार्रवाई की।
देहरी, थानाबाग, गंधवानी और मांडू में भी सर्च ऑपरेशन
पुलिस के अनुसार, जिले के देहरी, थानाबाग, गंधवानी और मांडू सहित अन्य क्षेत्रों में भी अवैध गांजे की खेती के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस टीमें ड्रोन से मिले इनपुट के आधार पर संदिग्ध स्थानों पर पहुंचकर सर्च ऑपरेशन कर रही हैं। पिछले एक महीने के दौरान जिलेभर में इस अभियान के तहत 25 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। वहीं, 14 से 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जब्त मादक पदार्थ के साथ खेती और तस्करी से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
ड्रोन सर्विलांस से अवैध खेती पर नजर
एडिशनल एसपी विजय डावर के मुताबिक, ऑपरेशन प्रहार के तहत ड्रोन सर्विलांस और सर्च ऑपरेशन लगातार जारी रहेगा। पुलिस का फोकस उन दुर्गम इलाकों पर है, जहां फसलों की आड़ में अवैध गांजे की खेती किए जाने की आशंका है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। ड्रोन तकनीक के जरिए ऐसे स्थानों की पहचान कर खेती और तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विजय कुमार डावर, ASP

