धार में सहकारी समिति मैनेजर के ठिकानों पर लोकायुक्त की रेड: 20 साल की नौकरी में वेतन मिला 65 लाख, 2.41 करोड़ की बना ली संपत्ति
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धार में लोकायुक्त का सहकारी समिति के प्रबंधक के ठिकानों पर छापा।
धार। मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई करते हुए धार जिले के नालछा स्थित आदिम जाति सेवा सहकारी समिति के प्रबंधक शेरसिंह ठाकुर के तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। इंदौर लोकायुक्त की टीम द्वारा की गई इस कार्रवाई में शुरुआती जांच के दौरान करीब 2 करोड़ 41 लाख रुपए की अनुपातहीन संपत्ति का खुलासा हुआ है। करीब 20 साल की नौकरी के दौरान प्रबंधक की आय और संपत्ति में भारी अंतर सामने आने के बाद लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
20 साल की नौकरी, आय से 271 प्रतिशत अधिक संपत्ति
लोकायुक्त को शिकायत मिली थी कि आदिम जाति सेवा सहकारी समिति नालछा के प्रबंधक शेरसिंह ठाकुर ने अपने करीब 20 साल के सेवाकाल में वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है। शिकायत के आधार पर लोकायुक्त ने प्रारंभिक जांच की। जांच में सामने आया कि प्रबंधक की संपत्ति और खर्च उनकी ज्ञात आय की तुलना में लगभग 271 प्रतिशत अधिक हैं। लोकायुक्त के मुताबिक, पूरे सेवाकाल में शेरसिंह ठाकुर को वेतन के रूप में करीब 65 लाख रुपए प्राप्त हुए, जबकि उनकी ओर से करीब 2 करोड़ 41 लाख रुपए खर्च किए जाने की जानकारी सामने आई है। आय और खर्च के बीच इस बड़े अंतर को लेकर अब विस्तृत जांच की जा रही है।
आलीशान मकान से लेकर व्यावसायिक भवन तक का खुलासा
लोकायुक्त की छापेमारी के दौरान प्रबंधक की संपत्तियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। कार्रवाई में सोडपुर में करीब 2400 वर्गफीट क्षेत्रफल का दो मंजिला आलीशान मकान मिला है। इसके अलावा नालछा में व्यावसायिक भवन और उनकी पत्नी कविता ठाकुर के नाम पर 3 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि होने की जानकारी भी सामने आई है। लोकायुक्त की टीम इन संपत्तियों के दस्तावेजों की जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि संपत्तियां किस आय के स्रोत से अर्जित की गईं और इनके निर्माण एवं खरीद में कितनी राशि खर्च की गई।
जेसीबी, ट्रैक्टर, टीयूवी और बुलेट भी जांच के दायरे में
छापेमारी के दौरान प्रबंधक से संबंधित कई वाहनों की जानकारी भी सामने आई है। इनमें जेसीबी, ट्रैक्टर, टीयूवी कार और बुलेट सहित अन्य वाहन शामिल हैं। लोकायुक्त टीम वाहनों की खरीद, उनकी कीमत और स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। संपत्ति के अन्य दस्तावेजों और निवेश की जानकारी जुटाने के लिए भी अलग-अलग टीमों को लगाया गया है।
तीन ठिकानों पर एक साथ लोकायुक्त की कार्रवाई
इंदौर लोकायुक्त की टीम ने सोडपुर, नालछा और मांडव स्थित तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, निवेश और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर लोकायुक्त ने प्रबंधक शेरसिंह ठाकुर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया है।
संपत्ति के स्रोतों की पड़ताल में जुटी लोकायुक्त टीम
लोकायुक्त की जांच अभी जारी है। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि प्रबंधक द्वारा अर्जित संपत्तियों का वास्तविक स्रोत क्या है और क्या इन संपत्तियों को वैध आय से खरीदा गया है। इसके साथ ही अन्य निवेश, बैंक खातों और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आई 2 करोड़ 41 लाख रुपये की अनुपातहीन संपत्ति के मामले में आगे की कार्रवाई विस्तृत जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद की जाएगी।
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