फर्जी सोशल मीडिया ID मामले में देवास भाजपा में विवाद: पार्टी नेताओं की छवि धूमिल करने का आरोप, पार्षद प्रतिनिधि प्रवीण वर्मा पर निष्कासन की तलवार
Published:
3 min read

देवास में फर्जी सोशल मीडिया ID को लेकर विवाद।
देवास। फर्जी सोशल मीडिया आईडी के कथित मामले को लेकर देवास भाजपा संगठन में विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। भाजपा के जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पार्षद प्रतिनिधि प्रवीण वर्मा के खिलाफ जिला भाजपा अध्यक्ष डॉ. रायसिंह सेंधव को लिखित आवेदन सौंपकर संगठनात्मक कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में फर्जी सोशल मीडिया आईडी के जरिए पार्टी के जनप्रतिनिधियों और नेताओं की छवि खराब करने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, आरोपों की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
फर्जी आईडी से जनप्रतिनिधियों की छवि खराब करने का आरोप
भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की ओर से दिए गए आवेदन में कहा गया है कि फर्जी सोशल मीडिया आईडी के माध्यम से देवास विधायक, महापौर, सभापति, पार्षदों सहित भाजपा के अन्य जनप्रतिनिधियों और नेताओं की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया। आवेदनकर्ताओं ने इसे व्यक्तिगत विवाद के बजाय पार्टी की प्रतिष्ठा और संगठनात्मक अनुशासन से जुड़ा गंभीर मामला बताया है।
उनका आरोप है कि सोशल मीडिया पर इस तरह की गतिविधियों से पार्टी के जनप्रतिनिधियों और नेताओं की सार्वजनिक छवि प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से मामले को संगठन स्तर पर भी गंभीरता से लेते हुए जांच की मांग की गई है।
पुलिस जांच का भी आवेदन में उल्लेख
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि फर्जी सोशल मीडिया आईडी से जुड़े मामले को लेकर पुलिस स्तर पर कार्रवाई और जांच चल रही है। आवेदनकर्ताओं का कहना है कि पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर संगठन को भी पूरे मामले की पड़ताल करनी चाहिए। उनके मुताबिक, यदि पुलिस या अन्य जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला केवल दो पक्षों के बीच विवाद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पार्टी अनुशासन और संगठन की मर्यादा से भी जुड़ा माना जाएगा।
आरोप सिद्ध होने पर सदस्यता खत्म करने की मांग
भाजपा जिलाध्यक्ष को सौंपे गए आवेदन में पूरे मामले की निष्पक्ष संगठनात्मक जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही कहा गया है कि यदि जांच में प्रवीण वर्मा के खिलाफ लगाए गए आरोप प्रमाणित होते हैं तो पार्टी संविधान और अनुशासन के तहत कार्रवाई की जाए। आवेदनकर्ताओं ने आरोप सही पाए जाने की स्थिति में भाजपा की प्राथमिक सदस्यता समाप्त करने सहित कठोर संगठनात्मक कार्रवाई की मांग की है।
संगठन में अनुशासन को लेकर उठाया मुद्दा
आवेदन देने वाले भाजपा जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी में संगठन और अनुशासन को महत्वपूर्ण स्थान दिया जाता है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति पार्टी के जनप्रतिनिधियों या नेताओं की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधि में शामिल पाया जाता है तो संगठन को उस पर संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कार्रवाई नहीं होने से कार्यकर्ताओं के बीच गलत संदेश जा सकता है। इसलिए पुलिस जांच के साथ संगठन स्तर पर भी तथ्यों की जांच जरूरी है।
जांच के बाद ही स्थिति होगी स्पष्ट
फिलहाल यह मामला भाजपा जिला संगठन के समक्ष पहुंच गया है। अब जिला भाजपा अध्यक्ष की ओर से आवेदन पर क्या निर्णय लिया जाता है और क्या संगठनात्मक जांच शुरू की जाती है, यह देखने वाली बात होगी। वहीं, लगाए गए आरोपों की वास्तविकता पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी। अभी आरोपों को अंतिम रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।
रायसिंह सेंधव, भाजपा जिलाअध्यक्ष

