छिंदवाड़ा में महिला पर तेंदुए का हमला: मां की जान बचाने के लिए 30 मिनट तक लड़ा बेटा; दोनों का अस्पताल में इलाज जारी
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छिंदवाड़ा में मां को बचाने तेंदुए से भिड़ा बेटा (फाइल फोटो)।
छिंदवाड़ा। जिले के सांवरी वन परिक्षेत्र के मुजावर माल गांव में गुरुवार को तेंदुए ने एक महिला पर हमला कर दिया। मां की चीख सुनकर मौके पर पहुंचे बेटे ने अपनी जान की परवाह किए बिना तेंदुए का सामना किया। करीब 25 से 30 मिनट तक चले संघर्ष के बाद वह अपनी मां को बचाने में सफल रहा। हालांकि, इस हमले में मां और बेटा दोनों घायल हो गए। फिलहाल दोनों का अस्पताल में उपचार जारी है।
महिला पर अचानक तेंदुए ने किया हमला
जानकारी के अनुसार, गांव में घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर बकरी रखने के लिए कोठा बना हुआ है। महिला बकरी को कोठे से निकालकर बाहर आई थी। इसी दौरान अचानक तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया।
मां को बचाने के लिए तेंदुए से भिड़ा बेटा
महिला की आवाज सुनकर उसका बेटा सनोज तुरंत मौके पर पहुंचा। मां को तेंदुए के चंगुल से बचाने के लिए वह उससे भिड़ गया। दोनों के बीच करीब 25 से 30 मिनट तक संघर्ष चलता रहा।इस दौरान तेंदुए ने सनोज पर भी हमला किया, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और मां को बचाने का प्रयास जारी रखा। आखिरकार तेंदुआ मां और बेटे को घायल करने के बाद वहां से बकरी को लेकर भाग गया।
वन विभाग की टीम ने अस्पताल पहुंचकर जाना हाल
घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायल मां-बेटे का हालचाल जाना। दोनों का उपचार जारी है। घटना के बाद गांव के लोगों में वन्यजीवों के हमले को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं।
बेटे की बहादुरी की हो रही चर्चा
मां को बचाने के लिए सनोज ने जिस तरह अपनी जान की परवाह किए बिना तेंदुए का सामना किया, उसकी क्षेत्र में चर्चा हो रही है। करीब आधे घंटे तक चले इस संघर्ष में दोनों घायल हुए, लेकिन बेटे ने हिम्मत नहीं छोड़ी और मां को बचाने में सफल रहा।
गीता, घायल महिला

