छतरपुर में अवैध खाद भंडारण और कालाबाजारी पर एक्शन: सटई रोड मामले में FIR दर्ज कर पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
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छतरपुर में अवैध खाद बिक्री और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई।
छतरपुर। जिले में अवैध और मिलावटी उर्वरक की बिक्री, भंडारण और कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। सटई रोड पर बिना ई-टोकन व्यवस्था के खाद का अनुचित भंडारण और अवैध बिक्री किए जाने का मामला सामने आया है। मामले में जांच के बाद FIR दर्ज कर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। कलेक्टर मृणाल मीणा ने स्पष्ट किया है कि खाद में मिलावट, अवैध कारोबार और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सटई रोड पर अवैध भंडारण का मामला सामने आया
कलेक्टर मृणाल मीणा के अनुसार, हाल ही में सटई रोड पर बिना ई-टोकन व्यवस्था के अनुचित तरीके से खाद का भंडारण और वेयरहाउसिंग कर अवैध बिक्री किए जाने का मामला सामने आया है। प्रशासन मामले की विधिवत जांच कर रहा है। इस मामले में FIR दर्ज की गई है और पुलिस ने आपराधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
खाद में मिलावट और कालाबाजारी पर होगी सख्त कार्रवाई
कलेक्टर ने बताया कि जिले में खाद की बिक्री, भंडारण और वितरण व्यवस्था पर प्रशासन, पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। खाद में मिलावट और अवैध बिक्री की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों और अवैध खाद कारोबार में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
उर्वरक कंपनियों को भी दिए निर्देश
प्रशासन ने उर्वरक कंपनियों और उनके प्रतिनिधियों को निर्देश दिए हैं कि यदि उनके ब्रांड के नाम का इस्तेमाल कर कोई व्यक्ति अवैध पैकेजिंग, भंडारण या बिक्री करता है, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित थाने को दें। इससे अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
आगे भी जारी रहेगा जांच अभियान
कलेक्टर मृणाल मीणा ने कहा कि जिले में अवैध खाद कारोबार, मिलावट और कालाबाजारी के खिलाफ जांच और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। प्रशासन की प्राथमिकता किसानों को निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराना और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना है।
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मृणाल मीणा, कलेक्टर

