रिटायर्ड IAS रमेश थेटे नागपुर से गिरफ्तार: चेक बाउंस और धोखाधड़ी मामले में भोपाल पुलिस ने की कार्रवाई, कोर्ट से मिली जमानत
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रिटायर्ड IAS रमेश एस थेटे नागपुर से गिरफ्तार, भोपाल कोर्ट से मिली जमानत, फाइल फोटो।
भोपाल। मध्य प्रदेश कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी रमेश एस. थेटे को भोपाल पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस की सहायता से नागपुर से गिरफ्तार किया। चेक बाउंस और धोखाधड़ी से जुड़े मामले में भोपाल की अदालत से उनके खिलाफ स्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उन्हें गुरुवार को भोपाल लेकर पहुंची, जहां न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) कल्पना कोतवाल की अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत से उन्हें जमानत मिल गई।
नागपुर के मनीष नगर इलाके से हुई गिरफ्तारी
जानकारी के मुताबिक, भोपाल की अदालत द्वारा जारी स्थाई गिरफ्तारी वारंट के आधार पर मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र पुलिस की संयुक्त टीम ने नागपुर के मनीष नगर इलाके में कार्रवाई की। पुलिस ने रमेश थेटे को गिरफ्तार कर भोपाल लाया और संबंधित न्यायालय के समक्ष पेश किया।
अदालत में लगातार अनुपस्थित रहने का मामला
बताया गया है कि मामले की सुनवाई के दौरान रमेश थेटे लगातार अदालत में पेश नहीं हो रहे थे। इससे पहले भी उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए थे, लेकिन उनकी तामिली नहीं हो सकी। इसके बाद अदालत ने उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 23 मार्च 2026 को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 299 के तहत उन्हें फरार घोषित करने की कार्रवाई की गई थी। इसके बाद जारी स्थायी गिरफ्तारी वारंट के आधार पर पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी की।
चेक बाउंस और धोखाधड़ी मामले में आगे की सुनवाई
गिरफ्तारी के बाद रमेश थेटे को भोपाल की संबंधित अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें जमानत मिल गई। अब चेक बाउंस और धोखाधड़ी से जुड़े मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया अदालत के निर्देशों के अनुसार जारी रहेगी।
गौरतलब है कि गिरफ्तारी और वारंट की कार्रवाई न्यायालय में पेशी सुनिश्चित करने से संबंधित है। मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।

