मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले-29893: लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजना अगले 5 साल तक रहेंगी जारी, 'नमन मिशन' समेत 18 प्रस्तावों को मंजूरी
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक हुई।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक में महिलाओं, बेटियों, किसानों, स्वास्थ्य, नर्मदा संरक्षण और सड़क विकास से जुड़े कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने लाड़ली बहना योजना और लाड़ली लक्ष्मी योजना को अगले पांच साल तक जारी रखने का फैसला लिया है। बैठक में कुल 18 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
लाड़ली बहना योजना पर 1.14 लाख करोड़ रुपए खर्च
महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना-2023 को अगले पांच साल तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है। इस अवधि में योजना पर 1,14,365 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसी तरह मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना भी जारी रहेगी। अगले पांच साल के लिए इस योजना के तहत 16,326 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
मातृ वंदना योजना भी रहेगी जारी
कैबिनेट ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। योजना में 60 प्रतिशत केंद्रांश और 40 प्रतिशत राज्यांश रहेगा। पांच साल में इस योजना पर 2,137 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
स्वास्थ्य योजनाओं के लिए 11,835 करोड़
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की मौजूदा योजनाओं को भी अगले पांच साल तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इनमें उप स्वास्थ्य केंद्रों की निरंतरता, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना और अस्पतालों एवं औषधालयों के भवन निर्माण से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। आशा कार्यकर्ताओं को मिलने वाले अतिरिक्त प्रोत्साहन को जारी रखने का भी निर्णय लिया गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र की इन योजनाओं के लिए पांच साल में 11,835 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।
नर्मदा संरक्षण के लिए 'नमन मिशन' को मंजूरी
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 'निर्मल एवं अविरल मां नर्मदा मिशन' यानी नमन मिशन के गठन को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य नर्मदा नदी के संरक्षण और उससे जुड़े विकास कार्यों को संस्थागत रूप से आगे बढ़ाना है। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि नर्मदा को अविरल बनाए रखने के लिए मिशन को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी के किनारे प्रदेश की 35 प्रतिशत से अधिक आबादी निवास करती है।
किसानों की तीन योजनाएं पांच साल जारी रहेंगी
किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की 500 करोड़ रुपए से कम वित्तीय आकार वाली तीन योजनाओं को अगले पांच साल तक जारी रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इन योजनाओं की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक रहेगी।
सड़क विकास निगम में 35 नए पदों को मंजूरी
मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के सुचारू संचालन के लिए स्वीकृत संरचना में 35 नए पदों के सृजन को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इसके साथ ही पहले से स्वीकृत सात पदों को भी 19 सितंबर 2026 के बाद अगले पांच साल तक बनाए रखने की स्वीकृति दी गई है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की योजनाओं को मंजूरी
कैबिनेट ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं को जारी रखने की मंजूरी दी है। इनमें अनुसंधान, योजना एवं विकास गतिविधियां, निर्देशन एवं प्रशासन तथा विज्ञान को लोकप्रिय बनाने और विज्ञान के प्रसार से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। मंत्री राकेश सिंह के मुताबिक, इन योजनाओं के लिए पांच साल में 492 करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान प्रस्तावित है।
कैबिनेट से पहले AI और नशामुक्ति अभियान पर बोले CM
कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले से दिए गए संबोधन का उल्लेख करते हुए कहा कि 5 से 15 वर्ष के बच्चों की प्रतिभा खोजने के लिए टैलेंट हंट अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने युवाओं के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग का बड़ा नेटवर्क तैयार करने और देश के एक करोड़ युवाओं को AI स्किल की ट्रेनिंग देने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े युवा लोकतंत्र के रूप में AI के विस्तार और विकास में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
उन्होंने नशामुक्त भारत के लिए 100 सप्ताह का अभियान चलाने और इसमें प्रमुख हस्तियों, सामाजिक संगठनों तथा समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने की बात भी कही। साथ ही सिविल डिफेंस नेटवर्क को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
पुलिसकर्मियों के दो चिकित्सा बिल मंजूर
गृह विभाग के दो मामलों में राज्य से बाहर निजी अस्पतालों में कराए गए उपचार के देयकों के भुगतान को मंजूरी दी गई। इनमें भोपाल जिले के निरीक्षक कर्ण सिंह और छतरपुर जिले के सहायक उप निरीक्षक स्वर्गीय चन्द्रभान सिंह का मामला शामिल है।
सेवानिवृत्त वनपाल की 10 प्रतिशत पेंशन तीन साल रोकने का फैसला
वन विभाग के सेवानिवृत्त तत्कालीन वनपाल रघुवीर सिंह यादव के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इसके तहत हानि की राशि की वसूली और 10 प्रतिशत पेंशन तीन वर्ष के लिए रोकने का निर्णय लिया गया है।
कैबिनेट के इन फैसलों में महिला एवं बाल कल्याण, स्वास्थ्य, किसान, नर्मदा संरक्षण, सड़क विकास और विज्ञान सहित कई क्षेत्रों को अगले पांच वर्षों के लिए वित्तीय और प्रशासनिक निरंतरता देने पर जोर दिया गया है।
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