भोपाल में फर्जी IAS तृप्ति सिंह मामले में नया खुलासा: खुद को SDM बताकर लिया पुलिस प्रोटोकॉल, सरकारी दफ्तरों का निरीक्षण, ससुर की RTI से खुली पोल
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फर्जी IAS तृप्ति सिंह राजपूत सरकारी दफ्तरों का करती थी निरीक्षण, पुलिस प्रोटोकॉल लेने का भी आरोप।
भोपाल। फर्जी IAS अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करने के मामले में आरोपी तृप्ति सिंह राजपूत को लेकर लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। अब उसके सरकारी दफ्तरों का निरीक्षण करने और खुद को वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी बताकर पुलिस प्रोटोकॉल लेने का मामला सामने आया है। तृप्ति सिंह राजपूत के निरीक्षण का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह भोपाल के अयोध्या नगर इलाके स्थित एक वार्ड कार्यालय का निरीक्षण करती नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि इस दौरान वह खुद को प्रशासनिक अधिकारी बताकर सरकारी कार्यालय में पहुंची थी।
खुद को गोविंदपुरा SDM बताकर लिया पुलिस प्रोटोकॉल
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, तृप्ति सिंह राजपूत ने अयोध्या नगर थाना प्रभारी के सामने खुद को गोविंदपुरा SDM बताया था। आरोप है कि अधिकारी का रौब दिखाकर उसने स्थानीय थाने से पुलिस प्रोटोकॉल भी लिया। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि उसने किन-किन सरकारी कार्यालयों का निरीक्षण किया और इस दौरान उसने अधिकारियों के सामने अपनी पहचान किस तरह पेश की।
पुलिस फिर ले सकती है रिमांड
फर्जी IAS मामले में तृप्ति सिंह राजपूत से पुलिस दोबारा पूछताछ कर सकती है। बागसेवनिया पुलिस उसके रिमांड की मांग कर सकती है। पुलिस की पूछताछ में खास तौर पर फर्जी निरीक्षण, सरकारी कार्यालयों में उसकी आवाजाही और अधिकारियों के साथ उसके संपर्क को लेकर सवाल किए जाने की संभावना है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि तृप्ति ने अधिकारी होने का प्रभाव दिखाकर कितने सरकारी कार्यालयों में प्रवेश किया और क्या उसने कहीं प्रशासनिक कार्रवाई या निरीक्षण के नाम पर कोई दस्तावेज तैयार करवाए।
ससुर की RTI से खुला फर्जी IAS होने का राज
तृप्ति सिंह राजपूत के फर्जी IAS अधिकारी होने का मामला उसके ससुर द्वारा सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी के बाद सामने आने की बात कही जा रही है। बताया गया है कि तृप्ति की गतिविधियों और उसके अधिकारी होने के दावों पर ससुर को शक हुआ था। इसके बाद उन्होंने मसूरी स्थित प्रशासनिक प्रशिक्षण अकादमी से RTI के जरिए जानकारी मांगी। अकादमी से मिले जवाब के बाद तृप्ति के IAS अधिकारी होने के दावे पर सवाल खड़े हुए और कथित फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
13 लोगों से डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी का आरोप
जांच में अब तक करीब 13 लोगों से लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी किए जाने की जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है। आरोप है कि तृप्ति सिंह राजपूत बेरोजगार युवाओं और नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को सरकारी अधिकारी होने का भरोसा दिलाकर रकम ऐंठती थी। बताया जा रहा है कि उसने खुद को पर्यटन विभाग की अतिरिक्त संचालक सहित अलग-अलग सरकारी पदों पर तैनात अधिकारी के रूप में पेश किया।
फर्जी दस्तावेजों से तैयार किया था पूरा अफसर का सेटअप
पुलिस जांच में कथित तौर पर तृप्ति से फर्जी दस्तावेज और अधिकारी के तौर पर इस्तेमाल की जाने वाली कई सामग्रियां बरामद की गई हैं। इनमें नकली लेटरहेड, पहचान पत्र, नियुक्ति संबंधी दस्तावेज और ट्रेनिंग किट शामिल बताए जा रहे हैं। इन दस्तावेजों के जरिए वह अपने आसपास के लोगों के सामने खुद को वास्तविक सरकारी अधिकारी के रूप में पेश करती थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन फर्जी दस्तावेजों को तैयार करने में उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे।
वीडियो सामने आने के बाद बढ़े सवाल
सरकारी कार्यालय के निरीक्षण का वीडियो सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि तृप्ति सिंह राजपूत ने अधिकारी का रूप धारण कर कितने स्थानों पर निरीक्षण किया और क्या इन गतिविधियों के दौरान उसने सरकारी संसाधनों या पुलिस प्रोटोकॉल का इस्तेमाल किया। फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। तृप्ति सिंह राजपूत के खिलाफ लगाए गए आरोपों और बरामद दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

