सागर जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपी की मौत: भोपाल के हमीदिया अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम; बंडा उपजेल में बिगड़ी थी तबीयत
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बंडा जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपी जुझार सिंह की भोपाल में मौत, फाइल फोटो।
भोपाल। मध्यप्रदेश के सागर जिले के बंडा जहरीली शराब कांड में एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। इस मामले में नामजद मुख्य आरोपी जुझार सिंह लोधी (45) की भोपाल के हमीदिया अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। वह बंडा उपजेल में बंद था। जेल में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने पर उसे भोपाल रेफर किया गया, जहां वेंटिलेटर पर उसका इलाज चल रहा था।
जेल में बिगड़ी थी तबीयत, सागर से भोपाल किया गया रेफर
जानकारी के मुताबिक, ग्राम नौराज निवासी जुझार सिंह लोधी की बंडा उपजेल में अचानक तबीयत खराब हो गई थी। इसके बाद जेल प्रबंधन ने उसे इलाज के लिए बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC), सागर पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ। हालत गंभीर होने पर उसे भोपाल के हमीदिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल में उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई थी और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था। आखिरकार इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
वर्ष 2024 में हुई थी बायपास सर्जरी
बताया जा रहा है कि जुझार सिंह लोधी की वर्ष 2024 में बायपास सर्जरी हुई थी। इसके बाद से ही वह लगातार अस्वस्थ चल रहा था। जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद उसकी हालत और गंभीर हो गई थी। डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।
बंडा जहरीली शराब कांड में 30 से अधिक लोगों की मौत
बंडा जहरीली शराब कांड ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था। इस मामले में अब तक 30 से अधिक लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। जहरीली शराब पीने के बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ी थी और उन्हें अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा था। मामले में पुलिस ने 62 से अधिक लोगों को नामजद आरोपी बनाया था। शुरुआती कार्रवाई में 33 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद पुलिस ने जांच और कार्रवाई तेज करते हुए 50 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया।
मुख्य आरोपी की मौत से फिर चर्चा में आया मामला
जहरीली शराब कांड में लगातार गिरफ्तारियों और मौतों के बीच जेल में बंद जुझार सिंह लोधी की मौत से मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब इस घटनाक्रम के बाद जेल में उसकी तबीयत बिगड़ने और इलाज के दौरान हुई मौत से जुड़े पहलुओं पर भी ध्यान रहेगा।

