बालाघाट में मीजल्स-रुबेला से 23-24 बैगा बच्चों की मौत का दावा: क्षेत्रीय विधायक संजय उईके प्रशासन और सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया, टीकाकरण व्यवस्था पर भी सवाल
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मीजल्स रुबेला संक्रमण से बैगा बच्चों की मौत पर बैहर विधायक संजय ऊईके ने मीडिया से चर्चा करते हुए आंकड़ा बढ़ने का दावा किया है।
बालाघाट। जिले के बिरसा क्षेत्र में मीजल्स रुबेला संक्रमण के कारण बैगा बच्चों की मौत मामले मे नया आकड़ा सामने आया है। क्षेत्रीय विधायक संजय उईके ने 23-24 बच्चों की मौत का दावा किया है, और कहा कि इसके लिए प्रशासन और सरकार दोषी है। विधायक ने कहा कि मीजल्स रुबेला संक्रमण से इतने आदिवासी बच्चों की मौत बेहद दुखद है, लेकिन इस मामले मे मुख्यमंत्री मौन है और सरकार के मंत्री मौन है।
टीकाकरण व्यवस्था पर सवाल
विधायक ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली समेत नक्सलवाद का हवाला देकर टीकाकरण नहीं होने की दलील पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इसी क्षेत्र में स्कूल संचालित हो रहे हैं। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की निचली टीमें पहुंच रही हैं। तब नक्सलवाद का डर नहीं था..? विधायक ने कहा कि आदिवासी क्षेत्र के लोग इंजेक्शन और टीकाकरण से कभी नहीं डरे! कोविड के दौरान बालाघाट की करीब 17 लाख आबादी में से लगभग 15 लाख लोगों का टीकाकरण हुआ था। तब किसी ने इंजेक्शन से डर की बात नहीं कही।
कार्रवाई में 4 विभागों की जिम्मेदारी सामने आई
विधायक संजय उईके ने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में अभी लगातार स्क्रीनिंग हो रही है। मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद मौतों का आंकड़ा करीब 23-24 तक पहुंचना चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई में चार विभागों की जिम्मेदारी सामने आई है। लेकिन छोटे कर्मचारियों को दोषी ठहराना उचित नहीं है। उईके ने आरोप लगाया कि ऊपर के स्तर पर हुई गलतियों के लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। सरकार और उच्च अधिकारी दोषी विभागीय अधिकारियों को बचा रहे हैं तथा सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों द्वारा उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है।
संजय उईके, विधायक, बैहर, बालाघाट
संजय उईके, विधायक, बैहर, बालाघाट

