नेपाल में टारगेट किलिंग कर रहा जंगली हाथी: 2012 में मां-बाप, अब बहू-4 साल के बच्चे को मारा; 16 साल में 25 जानें ले चुका
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इंटरनेशनल डेस्क. नेपाल में धुर्बे (Dhurbe) नाम का जंगली हाथी टारगेट किलिंग कर रहा है। यह हाथी बीते 14 साल से एक परिवार के पीछे पड़ा है। अब तक इस परिवार के 4 लोगों की जान ले चुका है। इस बार हाथी ने घर में घुसकर 25 साल की महिला और उसके 4 साल के बेटे को मार डाला। इससे 14 साल पहले यानी 2012 में इस हाथी ने इसी परिवार के दो लोगों की हत्या कर दी थी।
परिवार ने हाथी से बचने के लिए गांव तक बदल दिया था, लेकिन 14 साल बाद भी वह उनका पीछा करता हुआ वहां पहुंच गया, जहां अभी ये लोग रह रहे थे। यह हाथी अब तक 25 लोगों की जान ले चुका है।

2012 में मां-बाप की ली थी जान
काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना चितवन नेशनल पार्क के पास स्थित माडी इलाके की है। दिसंबर 2012 में धुर्बे नाम के जंगली हाथी ने शनिचरा बोते के माता-पिता को कुचलकर मार डाला था। इस हादसे के बाद बोते अपना पूरा परिवार लेकर वहां से करीब 9 मील (करीब 14 किलोमीटर) दूर जगतपुर में रहने लगा था।
परिवार को लगा कि अब वह खतरे से दूर है। हालांकि, परिवार ज्यादा दिनों तक इस किलर एलिफेंट से नहीं बच सका। इसी महीने धुर्बे जगतपुर पहुंच गया और बोते परिवार के घर में घुस गया। हाथी ने बोते की 25 साल की बहू आशिका बोते और उनके 4 साल के पोते भारत बोते को कुचलकर मार डाला।

सोचा था नदी पार कर सुरक्षित हो जाएंगे
शनिचरा बोते ने काठमांडू पोस्ट से कहा, हमें लगा था कि बड़ी नदी पार करने के बाद हम सुरक्षित हो जाएंगे। इतने साल बाद भी वही हाथी हमें ढूंढते हुए हमारे घर तक पहुंच गया। उसने मेरी बहू और छोटे पोते की जान ले ली। अब हमारे पास भागने की भी कोई जगह नहीं बची है।
2010 से अब तक 25 लोगों की जान ले चुका है धुर्बे
चितवन नेशनल पार्क के फाॅरेस्ट अफसरों के मुताबिक, धुर्बे नेपाल के सबसे खतरनाक जंगली हाथियों में गिना जाता है। धुर्बे अब तक 25 लोगों की जान ले चुका है। वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट कई साल से धुर्बे पर नजर रख रहा है ताकि उसके हमलों को रोका जा सके।
2016 में उसे ट्रैकिंग कॉलर भी पहनाया गया था। पहला कॉलर खराब होने के बाद 2020 में नया कॉलर लगाया गया थ। इसके बाद 2023 में भी उसका कॉलर बदला गया था।

