क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म के मुद्दे से US-इंडिया के रिश्ते पर असर: जयशंकर बोले- आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस जरुरी, हमारे साथियों को ये समझना होगा
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को एशिया सोसाइटी न्यूयॉर्क के सेशन में हिस्सा लिया।- Video Screengrab
इंटरनेशनल डेस्क। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को कहा- भारत के पाटर्नर देशों के बीच क्रॉस बार्डर टेररिज्म को लेकर कम समझ है। ऐसा होने की वजह से बाइलेटरल रिलेशन पर असर पड़ सकता है। पड़ोसी देशों में बढ़ता आतंकवाद भारत के लिए एक बड़ी चिंता की बात है। क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म पर जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी जरूरी है, हमारे साथियों को ये बात समझनी होगी।
जयशंकर ने अमेरिका और पाकिस्तान की बढ़ती नजदीकियों को लेकर एशिया सोसाइटी न्यूयॉर्क के एक सेशन में यह बात कही। इस सेशन में अमेरिका के पूर्व डिप्लोमैट और एशिया सोसाइटी पॉलिसी इंस्टीट्यूट के फेलो डैनियल रसेल मॉडरेटर की भूमिका में थे।
हमारे पड़ोसी ने आतंकवाद को स्टेट पॉलिसी बना रखा है- जयशंकर
जयशंकर से जब पूछा गया कि ट्रेड और ट्रैरिफ के मुद्दे पर मतभेद के बीच अमेरिका और भारत के रिलेशन के फिर से पटरी पर कैसे लाया जा सकता है तो उन्होंने कहा- दोनों देशों के रिश्तों में कई चुनौतियां हैं। इनमें से एक बड़ा मुद्दा दोनों देशों के बीच टेररिज्म जैसे सेंसिटिव टॉपिक्स से जुड़ा है। भारत में हमारे लिए आतंकवाद का मुद्दा बेहद अहम है। भारत को अपने एक पड़ोसी से इसका सामाना करना पड़ा है जिसने लंबे समय से आतंकवाद को अपनी स्टेट पॉलिसी बना रखी है।
जयशंकर ने एशिया सोसाइटी न्यूयॉर्क के सेशन में क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म के मुद्दे पर बात की।
जयशंकर ने कहा- अगर कोई बात हम पर सबसे ज्यादा असर डालती है तो वह आतंकवाद के मुद्दे पर आपसी समझ नहीं होना है। मैं मानता हूं कि इससे भी बड़ी दिक्कत पैदा हो रही है। अगर हमारी किसी सबसे अहम बात पर हमारा साथी ध्यान नहीं दे तो इससे आपसी रिश्तों में खटास पैदा हो सकता है। जयशंकर का यह बयान मौजूदा समय में बेहद अहम है क्यों भारत और अमेरिका दोनों ही ट्रेड और टैरिफ जैसे मुद्दों पर उभरे मतभेदों को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।
जयशंकर बोले- उम्मीद है अमेरिका से रिश्ते अच्छे होंगे
जयशंकर ने कहा- हमें निश्चित तौर पर उम्मीद है कि हमारे रिलेशन आगे बढ़ेंगे। लेकिन, हमें अपनी समस्याओं को लेकर ईमानदार होना होगा, अगर हम इसे सुलझा लेते हैं तो यह तय है कि हमारे रिश्ते पहले से और भी बेहतर होंगे। जयशंकर ने कहा कि टेररिज्म के एक सीरियल प्रैक्टिशनर फैक्ट को तोड़-मरोड़ कर पेश करने और टेररिज्म को नॉर्मलाइज करने की कोशिश कर रहा है। भारत ने UNGA की सेशन में भी कहा था और अब भी कह रहा है भारत आतंकवाद के खिलाफ अपने बचाव के लिए हर संभव कदम उठाएगा।
UNGA में भी उठाया था आतंकवाद का मुद्दा
बता दें कि जयशंकर ने पिछले सप्ताह यूनाइटेड नेशन्स जनरल एसेम्बली (UNGA) के सेशन में भी आतंकवाद का मुद्दा उठाया था। जयशंकर ने कहा था कि आतंकवाद एक बहुत बड़ा अभिशाप है। स्टेट स्पॉन्सर्ड टेररिज्म ग्लोबल ऑर्डर के लिए बड़ा खतरा है और इसमें शामिल किसी भी सरकार को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी अपनाई जानी चाहिए।

