होर्मूज स्ट्रैट में भारतीय क्रू वाले टैंकर पर हमला: इंजन रूम में आग लगी; US- ईरान जंग के बाद लिम्पेट माइंस से अटैक का पहला मामला
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होर्मूज स्ट्रैट में 27 भारतीय क्रू वाले पनामा के तेल टैंकर MT LOUISE 1 पर लिम्पेट माइंस से हमला हुआ। इंजन रूम में आग लगी, सभी नाविक सुरक्षित हैं। फोटो- Marine Traffic
इंटरनेशनल डेस्क। होर्मूज स्ट्रैट में भारतीय क्रू वाले एक तेल टैंकर पर हमला हुआ है। पनामा के झंडे वाला टैंकर MT LOUISE 1 कच्चा तेल लेकर जा रहा था। इसमें 27 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे। फरवरी में अमेरिका और ईरान के बीच जंग शुरू होने के बाद होर्मूज स्ट्रैट में लिम्पेट माइंस से हमला होने का यह पहला मामला बताया जा रहा है।
रॉयटर्स (Reuters) के मुताबिक, एक छोटी बोट से टैंकर के पास पहुंचकर उसके निचले हिस्से में दो लिम्पेट माइंस लगाई गईं। धमाके के बाद जहाज के इंजन रूम में आग लग गई। हालांकि, क्रू ने आग पर काबू पा लिया और सभी सदस्य सुरक्षित हैं।
ईरान ने अभी तक नहीं ली हमले की जिम्मेदारी
हमले के पीछे किसका हाथ है, यह अभी साफ नहीं हुआ है। Reuters के मुताबिक, शुरुआती जांच में किसी देश या संगठन की भूमिका की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स ने इसके पीछे ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नेवी का हाथ होने का दावा किया है। लेकिन इसकी ऑफिशियली पुष्टि नहीं हुई है। ईरान ने भी इस खास हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

ओमान के खासाब शहर के पास अटैक
ब्रिटेन की मरीन सिक्योरिटी एजेंसी UKMTO के मुताबिक, हमला ओमान के खासाब शहर से करीब 46 किलोमीटर नार्थ-ईस्ट में हुआ। धमाकों से कुछ समय के लिए टैंकर का कामकाज रुक गया था। बाद में जहाज को दोबारा चालू कर दिया गया और उसने अपना सफर जारी रखा। इस घटना में समुद्र में तेल फैलने की कोई खबर नहीं है।
क्या होते हैं लिम्पेट माइंस
लिम्पेट माइंस छोटे साइज के एक्सप्लोसिव होते हैं। इन्हें जहाज के बाहरी हिस्से पर चिपकाया जाता है। इसके बाद धमाका होने से जहाज को नुकसान पहुंचता है। मरीन सिक्योरिटी से जुड़ी कंपनी Marisks के मुताबिक, इन माइंस को हासिल करना आसान और इनका इस्तेमाल करना कम खर्चीला है।

छोटी बोट से जहाज के पास जाकर इन्हें लगाना भी आसान होता है। Reuters के मुताबिक, इस इलाके में 2017 से लिम्पेट माइंस का इस्तेमाल होता रहा है। बाद के सालों में होर्मूज स्ट्रैट से गुजरने वाले तेल टैंकरों को भी निशाना बनाया गया।
एक दिन पहले लाइबेरियन फ्लैग्ड टैंकर पर अटैक हुआ था
इस हमले से एक दिन पहले लाइबेरिया के झंडे वाले बड़े तेल टैंकर MT ARZANAH पर भी हमला हुआ था। इस जहाज में दो भारतीय नागरिक सवार थे। उस पर प्रोजेक्टाइल अटैक हुआ था।

सेंट्रल शिपिंग मिनिस्टर मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि दोनों भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और उन्हें कोई चोट नहीं आई है। उन्होंने कहा कि सरकार हालात पर नजर रख रही है और जहाज ऑपरेट करने वाली कंपनियों के संपर्क में है।
जहाज कहां से आया था और कहां जा रहा था
अभी तक सामने आई रिपोर्ट्स में MT LOUISE 1 के रवाना होने वाले पोर्ट और उसके डेस्टिनेशन का नाम नहीं बताया गया है। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTO ने केवल इतना कहा कि आग बुझने के बाद जहाज अपने अगले पोर्ट की ओर बढ़ता रहा। यानी वह किस देश से तेल लेकर आया था और किस देश में तेल पहुंचाने जा रहा था, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
होर्मूज स्ट्रैट में कॉमर्शियल शिप्स पर हमले बढ़े
होर्मूज स्ट्रैट में पिछले कुछ समय से कॉमर्शियल शिप्स पर हमले बढ़े हैं। फरवरी में अमेरिका और ईरान के बीच जंग शुरू होने के बाद इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ईरान ने कुछ जहाजों पर अपने तय नियमों काे तोड़ने का आरोप लगाया है।

ऐसे हमलों से ईरान होर्मूज स्ट्रैट पर अपना कंट्रोल दिखाने और अमेरिका पर प्रेशर बनाने की कोशिश कर रहा है। होर्मूज स्ट्रैट दुनिया के सबसे अहम तेल रास्तों में से एक है। यहां किसी भी हमले का असर ग्लोबल क्रूड सप्लाई और इंटरनेशनल मरीन ट्रेड पर हो सकता है।
इंडियन क्रू मेंबर्स वाले 24 जहाजों पर हमले
28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जंग शुरू होने के बाद होर्मूज स्ट्रेट और उसके आसपास भारतीय नाविकों वाले 24 विदेशी जहाजों पर हमले हुए हैं। इनमें सभी जहाज भारतीय झंडे वाले नहीं थे। कई जहाज दूसरे देशों के झंडे के तहत चल रहे थे, लेकिन उनके क्रू मेंबर भारतीय थे। कुछ मामलों में जहाज पर हमला हुआ, जबकि कुछ में आग लगने या फायरिंग की घटना की जानकारी है।

